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पवार परिवार फिर एक होगा? BJP ने पर्दे के पीछे बिछाई पूरी बिसात, सुनेत्रा-पार्थ को दी डेडलाइन!
Maharashtra NCP Merger: क्या फिर एक होगा पवार परिवार? महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुटों के विलय की चर्चा तेज है। BJP की पहल, सुनेत्रा पवार-पार्थ पवार से बातचीत और 'वर्षा' बंगले की गुप्त बैठक ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
Maharashtra NCP Merger: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बहुत बड़ी सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों प्रतिद्वंद्वी धड़ों को आपस में मिलाने को लेकर अटकलें अब बेहद गर्म हो चुकी हैं। सूत्रों से मिली बेहद चौंकाने वाली खबर के मुताबिक, राज्य में सत्ता संभाल रही भारतीय जनता पार्टी दोनों राष्ट्रवादी गुटों को फिर से एक छत के नीचे लाने के लिए पर्दे के पीछे से जोरदार कोशिशें कर रही है। इस राजनीतिक समीकरण को अमलीजामा पहनाने के लिए भाजपा के शीर्ष नेता उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार से सीधे बातचीत कर रहे हैं। इतना ही नहीं, भाजपा की ओर से पवार परिवार के इन सदस्यों को फैसला लेने के लिए एक निश्चित समयसीमा भी थमा दी गई है।
'वर्षा' बंगले पर आधी रात की गोपनीय बैठक
एनसीपी के दोनों धड़ों के एकीकरण का खाका तैयार करने के लिए हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक निवास 'वर्षा' पर एक बेहद गुप्त और अहम बैठक संपन्न हुई। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात में सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार और जय पवार शामिल हुए थे। माना जा रहा है कि इस मैराथन बैठक में विलय के तकनीकी और राजनीतिक पहलुओं पर विस्तृत मंथन किया गया। सिर्फ राज्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि भाजपा के केंद्रीय आलाकमान की तरफ से भी दोनों गुटों को फिर से एकजुट करने के संकेत दिए जा रहे हैं, ताकि राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का जनाधार और ज्यादा मजबूत हो सके।
वरिष्ठ नेताओं की हरी झंडी
अजित पवार गुट के अधिकांश दिग्गज और पुराने क्षत्रप दोनों गुटों के हाथ मिलाने के फैसले का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। पार्टी के कद्दावर नेता प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और छगन भुजबल सहित कई वरिष्ठ मंत्री व विधायक इस संभावित एकीकरण के पूरी तरह से समर्थन में बताए जा रहे हैं। इन नेताओं का मानना है कि दोनों धड़ों के एक होने से पार्टी का पारंपरिक जनाधार फिर से एकजुट हो जाएगा। हालांकि, दूसरी तरफ सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की ओर से इस विलय पर अभी तक पूर्ण सहमति नहीं बन पाने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
आधिकारिक ऐलान का इंतजार
काफी समय से जारी इस सियासी रस्साकशी के बावजूद अभी तक शरद पवार गुट या अजित पवार गुट की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दोनों ही धड़े मीडिया के सामने इस मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन अंदरखाने चल रही इस ज़बरदस्त गोलबंदी ने विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा दी है। अब पूरी महाराष्ट्र की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा की यह मध्यस्थता रंग लाएगी और क्या कभी अलग हुए चाचा-भतीजे के गुट एक बार फिर से एक साथ मंच साझा करेंगे।


