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Gold Import India: भारत में कहां से आता है इतना सोना? जानिए रोज कितने करोड़ की होती है खरीदारी
Gold Import India: पीएम मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना कम खरीदने की अपील की है। जानिए इससे भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।
Gold Import India
Gold Import India: प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना कम खरीदने या संभव हो तो बिल्कुल न खरीदने की अपील के बाद देशभर में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाना आज देशहित में बेहद जरूरी है और इससे भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। यहां शादी-ब्याह, त्योहार, निवेश और पारिवारिक परंपराओं में सोने का विशेष महत्व है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री की इस अपील ने आम लोगों से लेकर आर्थिक विशेषज्ञों तक का ध्यान खींचा है।
भारत में कहां से आता है सोना?
भारत में हर साल करीब 800 से 900 टन सोने की खपत होती है, लेकिन देश में इसका उत्पादन बहुत कम है। ऐसे में भारत अपनी जरूरत का लगभग पूरा सोना विदेशों से आयात करता है। सबसे ज्यादा सोना स्विट्जरलैंड से आता है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, पेरू और हॉन्ग कॉन्ग जैसे देशों से भी सोना आयात किया जाता है। सोने के भारी आयात के कारण भारत को हर साल अरबों डॉलर विदेश भेजने पड़ते हैं। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है और रुपये की कीमत कमजोर पड़ती है।
भारतीय रोज कितना सोना खरीदते हैं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में हर दिन लगभग 2 से 2.5 टन सोने की खरीदारी होती है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ज्वैलरी का होता है। भारत में हर साल करीब एक करोड़ शादियां होती हैं और एक शादी के बजट का बड़ा हिस्सा सोने पर खर्च किया जाता है। इसके अलावा अक्षय तृतीया और धनतेरस जैसे त्योहारों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, जिससे मांग अचानक बढ़ जाती है। ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। यही कारण है कि बैंकिंग और शेयर बाजार की तुलना में कई परिवार अपनी बचत सोने में रखना पसंद करते हैं।
सोने का आयात देश पर क्यों बन रहा बोझ?
बीते कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी आई है। इससे भारत को ज्यादा कीमत देकर सोना खरीदना पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से फरवरी के बीच भारत ने लगभग 69 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है। इससे देश का व्यापार घाटा और चालू खाता घाटा बढ़ रहा है। जब आयात ज्यादा और निर्यात कम होता है, तो विदेशी मुद्रा तेजी से बाहर जाती है। इसका असर सीधे रुपये की मजबूती और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
अगर लोग सोना खरीदना कम कर दें तो क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग एक साल तक सोने की खरीदारी कम कर दें तो देश का आयात बिल घट सकता है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और रुपये पर दबाव कम पड़ेगा। साथ ही लोग बैंक, शेयर बाजार और बॉन्ड जैसे निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे देश के भीतर पूंजी का प्रवाह मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील को सरकार आर्थिक संतुलन और आत्मनिर्भरता की दिशा में जरूरी कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे आर्थिक चुनौतियों का संकेत मान रहा है।


