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लाल किले से बस्तर तक 'दिमागी नक्सल' की गूंज! PM मोदी ने फिर विपक्ष पर साधा निशाना
PM Modi in Bastar : पीएम नरेंद्र मोदी ने बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौैरान उन्होंने एक बार फिर 'दिमागी नक्सल' का जिक्र किया। जानिए अपने संबोधन में उन्होंने क्या कहा?
Image Source – Social Media
PM Modi in Bastar : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली का त्यौहार एक बार फिर वीर जवानों के साथ सेलिब्रेट किया। वो छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे, जहां एक समय नक्सलियों का बोलबाला था। इस दौरान पीएम मोदी ने जवानों को संबोधित किया और अपने संबोधन में एक बार फिर ‘दिमागी नक्सल’ का मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले पर दिए अपने भाषण में भी दिमागी नक्सल का जिक्र किया था, जिस पर काफी सियासी बवाल मचा था। अब एक बार फिर पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ का जिक्र किया है।
पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ का एक बार फिर किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके बलिदान, त्याग और समर्पण की सराहना की। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर ‘दिमागी नक्सल’ का मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा “नक्सली हिंसा का अंत हुआ है। जंगलों से हथियारी नक्सली तो मिट गए लेकिन दिमागी नक्सलियों ने कई संगठनों पर कब्जा कर रखा है। ये आज भी देश के संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को उकसा रहे हैं। कई राजनीतिक दलों और संगठनों में दिमागी नक्सलियों ने घुसपैठ कर ली है। हमें इन्हें पहचानना है। इन्हें परास्त करना है और देश को सुरक्षित करना है।“
'दिमागी नक्सल' को लेकर पहले क्या बोले थे पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए भाषण में 'दिमागी नक्सलियों' का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद भी ऐसी विचारधारा से सतर्क रहने की जरूरत है, जो उनके मुताबिक युवाओं को हिंसा और अराजकता की ओर धकेल सकती है। पीएम मोदी ने ऐसे तत्वों की पहचान करने, उन्हें अलग-थलग करने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही थी।
पीएम मोदी के बयान पर जमकर मचा था हंगामा
पीएम मोदी के इस बयान को लेकर तब काफी हंगामा मचा था। विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस बयान की आलोचना की थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि पहले प्रधानमंत्री अपने विरोधियों को 'अर्बन नक्सल' कहते थे और अब 'दिमागी नक्सल' कह रहे हैं। जयराम रमेश ने इसे प्रधानमंत्री की हताशा का संकेत बताया था। वहीं पूर्व गृहमंत्री पी.चिदंबरम ने ने प्रधानमंत्री के बयान पर व्यंग्य करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था कि उन्हें 'दिमागी नक्सल' होने पर गर्व है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा था कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी से लगता है कि बीजेपी सरकार युवाओं और छात्रों के बीच बढ़ती नाराजगी से परेशान है। पायलट ने आरोप लगाया था कि सरकार से सवाल पूछने वालों को कभी 'देशविरोधी', कभी 'अर्बन नक्सल' और अब 'दिमागी नक्सल' कहा जा रहा है।


