PM मोदी के दोस्त ने दिखाई ताकत! प्रधानमंत्री से की BJP MLA की शिकायत...बैकफुट पर विधायक

PM Modi Friend Land Dispute: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के दोस्त असगर अली वोरा ने मीरा रोड की जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत पीएम से की। मुलाकात के बाद बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति सरेंडर करने का ऐलान किया।

Harsh Srivastava
Published on: 16 Sept 2026 7:39 AM IST
PM मोदी के दोस्त ने दिखाई ताकत! प्रधानमंत्री से की BJP MLA की शिकायत...बैकफुट पर विधायक
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PM Modi Friend Land Dispute: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की ताकत क्या होती है, इसका एक बड़ा और असरदार नमूना महाराष्ट्र की राजनीति में देखने को मिला है। मुंबई से सटे मीरा रोड के रहने वाले 81 वर्षीय बुजुर्ग असगर अली वोरा को सालों से चले आ रहे एक जमीन विवाद में बड़ी जीत हासिल हुई है। असगर अली वोरा, जो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के सहपाठी और स्कूल के दोस्त रहे हैं, उन्होंने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत सीधे पीएम मोदी से की थी। इस मुलाकात के कुछ ही दिनों के भीतर इसका ऐसा जबरदस्त असर हुआ कि बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता को बैकफुट पर आना पड़ा। विधायक ने विवादित जमीन से अपना कब्जा छोड़ने, निर्माण अनुमति सरेंडर करने और बुजुर्ग के खिलाफ दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत वापस लेने का बड़ा ऐलान कर दिया है।

वडनगर के बीएन स्कूल में PM मोदी संग पढ़ी थी ABCD

पूरा मामला गुजरात के वडनगर स्थित बीएन हाई स्कूल से जुड़ा हुआ है, जहां असगर अली वोरा और नरेंद्र मोदी बचपन में एक साथ पढ़ाई करते थे। 81 साल के वोरा ने बीती 8 सितंबर को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने बचपन की यादें ताजा करने के साथ-साथ भायंदर ईस्ट स्थित अपनी जमीन पर हुए अवैध कब्जे का मुद्दा पीएम के सामने रखा था और मदद की गुहार लगाई थी। वोरा का कहना था कि उन्होंने साल 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में करीब 2,810 वर्ग मीटर का एक बड़ा प्लॉट खरीदा था। आरोप है कि साल 2011 में इस बेशकीमती जमीन पर स्वयम् बिल्डर्स और बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता की कंपनी सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस ने कब्जा कर लिया था। बुजुर्ग पिछले 15 सालों से न्याय पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।

मंत्रालय में हुई हाई-लेवल बैठक और पलट गई बाजी

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद जैसे ही पीएमओ हरकत में आया, महाराष्ट्र का प्रशासनिक अमला तुरंत एक्शन मोड में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को मुंबई स्थित मंत्रालय में एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में असगर अली वोरा और बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता दोनों मौजूद रहे। इसके अलावा मीरा-भायंदर के नगर आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे जैसे बड़े अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक के दौरान अधिकारियों के कड़े रुख को देखते हुए विधायक को अपनी गलती का अहसास हुआ और मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर सहमति बनी।

BJP विधायक ने सरेंडर की निर्माण अनुमति, केस भी लिया वापस

बैठक के दौरान बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग विभाग को तुरंत एक आधिकारिक पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने विवादित प्लॉट से अपना कब्जा पूरी तरह छोड़ने और वहां निर्माण कार्य कराने के लिए मिली सभी अनुमतियों को सरेंडर करने की घोषणा की। इसके साथ ही विधायक ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर असगर अली वोरा के खिलाफ पहले से दर्ज कराई गई अपनी शिकायत को भी वापस ले लिया। उन्होंने लिखित में जानकारी दी कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया है। 15 साल की लंबी लड़ाई के बाद अपने स्कूल के दोस्त पीएम मोदी के एक हस्तक्षेप से 81 साल के बुजुर्ग को आखिरकार अपनी जमीन वापस मिल गई है।

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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