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‘गुस्सैल फूफा’ वाले बयान पर घिरी BJP? AAP ने PM मोदी के लिए मजे, बोली- ‘शायद खुद को शीशे में...'
AAP Slams PM Modi Gussail Fufa Remark: PM मोदी के SRCC शताब्दी समारोह में ‘गुस्सैल फूफा’ वाले बयान पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। AAP ने तंज कसते हुए कहा कि शायद प्रधानमंत्री ने यह बात खुद को शीशे में देखने के बाद कही।
AAP Slams PM Modi Gussail Fufa Remark: दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया एक भाषण अब देश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने देश की तरक्की में अड़चन डालने वाले और हर सरकारी योजना की आलोचना करने वाले लोगों की तुलना 'गुस्सैल फूफा' से कर दी थी। इस बयान के सामने आते ही मुख्य विपक्षी दलों में खलबली मच गई। अगले ही दिन आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को आड़े हाथों लेते हुए सोशल मीडिया के जरिए उन पर तीखा पलटवार किया।
AAP ने उड़ाया PM मोदी का मजाक
आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान का वीडियो और पोस्ट साझा करते हुए जमकर चुटकी ली। पार्टी की तरफ से तंज कसते हुए लिखा गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री जी ने यह बात खुद को शीशे में देखने के बाद कही है। आप नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार देश की वास्तविक समस्याओं पर बात करने के बजाय विपक्षी दलों और सवाल पूछने वाले नागरिकों को नीचा दिखाने के लिए इस तरह की हल्की शब्दावली का इस्तेमाल कर रही है। आम आदमी पार्टी के इस रुख के बाद दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी तेज हो गया है।
PM मोदी ने गिनाई विकास विरोधी मानसिकता
दरअसल, एसआरसीसी के छात्रों को भविष्य की नई राह दिखाते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि इस कैंपस से निकलने के बाद युवाओं का सामना दो तरह की सोच वाले लोगों से होगा। एक वे जो देश की ताकत बढ़ाते हैं, और दूसरे वे जो हर नया काम शुरू होते ही 'गुस्सैल अंकल' की तरह व्यवहार करने लगते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों की सुई बस एक ही बात पर अटकी रहती है कि किसी भी नई चीज की आखिर क्या जरूरत है। उन्होंने देश की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी', हाई-स्पीड ट्रेन, डिजिटल पेमेंट माध्यम यूपीआई, नई संसद भवन और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसी प्रमुख योजनाओं का उदाहरण दिया। पीएम ने कहा कि हर ऐतिहासिक शुरुआत पर इन 'फूफा' लोगों ने सवाल खड़े किए, लेकिन भारत रुका नहीं।
2013 के भाषण को किया याद
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने करीब 13 साल पुराने अपने पिछले दौरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर यहां आए थे, तब देश घोटालों, भ्रष्टाचार और महंगाई के संकट से जूझ रहा था।
उस समय युवाओं में निराशा का भाव था, लेकिन उन्होंने एक नया नजरिया पेश किया था। उन्होंने पानी के गिलास का उदाहरण दोहराते हुए कहा कि कुछ लोग गिलास को आधा खाली देखते हैं, कुछ आधा भरा, लेकिन वे गिलास को पूरी तरह भरा मानते हैं- आधा पानी से और आधा हवा से। पीएम ने जोर देकर कहा कि देश के लिए समर्पण की उसी भावना ने आज भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।


