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PM मोदी की 45 सांसदों संग चाय पर चर्चा, TMC-उद्धव के बागियों से की ख़ास मुलाकात, दिया बड़ा संदेश
PM Modi Tea Meeting with MPs: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र के दौरान एनडीए में शामिल हुए 45 सांसदों के साथ विशेष चाय बैठक की। इस दौरान टीएमसी और उद्धव ठाकरे गुट से आए सांसदों को भरोसा दिलाते हुए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
PM Modi Tea Meeting with MPs: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कुनबे में शामिल हुए नए सांसदों को मजबूत संबल देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष बैठक की मेजबानी की। संसद सत्र के दौरान आयोजित इस महत्वपूर्ण संवाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और उद्धव ठाकरे गुट का साथ छोड़कर एनडीए पाले में आए जन प्रतिनिधियों को पीएम मोदी ने पूरा भरोसा जताया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि किसी भी तरह की बयानबाजी या आलोचना से घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, क्योंकि वे एक अभिभावक की तरह उनके साथ मुस्तैदी से खड़े हैं।
चाय पर चर्चा में शामिल हुए 45 सांसद
प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित इस अनौपचारिक बैठक में करीब 45 संसदों का जमावड़ा देखने को मिला। इनमें टीएमसी से अलग होकर नई राह चुनने वाले एनसीपीआई (NCPI) के 20 सांसद और उद्धव ठाकरे के खेमे को छोड़कर आए 7 सांसद प्रमुखता से शामिल रहे। पीएम मोदी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि राजनीतिक गलियारों में जो भी बातें चल रही हैं, उन्हें पीछे छोड़कर अपने काम पर ध्यान दें। एनडीए केवल एक राजनीतिक दल का समूह नहीं बल्कि एक अटूट परिवार है, जहां हर एक सदस्य को सम्मान और आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलेगा।
पश्चिम बंगाल के कायाकल्प के लिए PMO से सीधे संपर्क
पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व के राज्यों से आने वाले सांसदों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब बंगाल तरक्की की राह पर तेजी से दौड़ता है, तो पूरे भारत की प्रगति को रफ्तार मिलती है। पीएम ने सांसदों को सीधा निर्देश दिया कि अपने इलाके में विकास कार्यों को तेजी से लागू कराने के लिए वे बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क साधे। उन्होंने जमीनी स्तर पर गरीब मजदूरों, सीमांत किसानों और युवाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का सुझाव दिया।
संसद को बताया लोकतंत्र का मंदिर
संसदीय मर्यादा पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च और पवित्र मंदिर है, जहां देशहित के विषयों पर गंभीर चर्चाएं होनी चाहिए। विपक्षी हंगामे और लगातार पैदा होने वाले व्यवधान पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि शोर-शराबे की वजह से नए चुनकर आए प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने नए सांसदों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वे संसद के समृद्ध इतिहास को गहराई से समझें। पुरालेखों और बहसों के ऐतिहासिक खजाने का अध्ययन करके पूरी तैयारी के साथ सदन की चर्चाओं में भाग लें।
सोशल मीडिया पर पकड़ मजबूत करने का आह्वान
बैठक के समापन पर पीएम मोदी ने सभी सांसदों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान को व्यापक बनाने की हिदायत दी। उन्होंने आधुनिक दौर में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल की वकालत की। पीएम ने कहा कि जब राज्यों की जनता खुशहाल और सशक्त होगी, तभी देश भी समृद्ध बनेगा। उन्होंने सांसदों को सलाह दी कि वे डिजिटल माध्यमों से जनता की चिंताओं को सुनें और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।


