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टेंशन में ट्रंप! ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन के साथ PM मोदी की गुफ्तगू, इन अहम मुद्दों पर हुई द्विपक्षीय बातचीत | 10 POINTS
BRICS Summit के दौरान PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें पश्चिम एशिया संकट और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा हुई।
India Iran Relations: नई दिल्ली में BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच अहम द्विपक्षीय मुलाकात हुई। अहम बात ये है कि ईरान पर आक्रमक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर भी इस मीटिंग पर होगी। भारत मंडपम में हुई इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संकट, क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री रास्तों की सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
मुलाकात ऐसे समय हुई है जब मध्य पूर्व का संकट गहराया हुआ है और अमेरिका के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी से समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। भारत ने साफ कहा है कि संकट का स्थायी समाधान बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है।
1. पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ पश्चिम एशिया में जारी संकट और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दे पर बातचीत की। भारत ने संकट के बीच शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया।
2. पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित रहने को भारत सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। समुद्री क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारत ने इस मुद्दे को बातचीत में प्रमुखता से उठाया।
3. भारत ने पश्चिम एशिया संकट के स्थायी समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ने का रास्ता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत की दिशा में लौटना जरूरी है।
4. दोनों नेताओं की बातचीत में भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी अहम मुद्दा रही। भारत ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति करने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
5. पीएम मोदी ने 31 अगस्त को बिश्केक में ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन से मुलाकात की थी। उस दौरान भी मोदी ने संघर्ष खत्म करने की सभी कोशिशों के लिए भारत के समर्थन की बात कही थी।
6. पेज़ेश्कियन ने पीएम मोदी से भारत के व्यापक राजनयिक संबंधों का इस्तेमाल करने की अपील की थी। उन्होंने भारत से संघर्ष में शामिल पक्षों को हिंसा से दूर करने और बातचीत की मेज पर वापस लाने में मदद करने को कहा था।
7. नई दिल्ली में BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी को लेकर चिंता बनी हुई है। इसका असर समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने की आशंका के बीच यह मुद्दा भारत के लिए अहम है।
8. पेज़ेश्कियन ने कहा कि दुनिया इस समय जटिल दौर से गुजर रही है और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बढ़ी हैं।उन्होंने BRICS देशों के बीच व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने की बात कही।
9. पेज़ेश्कियन ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और प्रतिबंधों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि BRICS को ऐसा माहौल बनाना चाहिए, जहां कोई देश वित्तीय साधनों पर एकाधिकार के जरिए दूसरे देश के वैध व्यापार को बाधित न कर सके।
10. BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है जब रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार एवं टैरिफ नीतियां वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे माहौल में मोदी-पेज़ेश्कियन की बातचीत में क्षेत्रीय शांति, सुरक्षित समुद्री रास्ते, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार जैसे मुद्दे खास रहे।


