CJP के निशाने पर फिर आए PM मोदी! SRCC में एक बयान से भयंकर बवाल...सौरव दास-आशुतोष रांका ने खोला मोर्चा

CJP Slams PM Modi SRCC Speech: PM मोदी के SRCC भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर सियासी बवाल मच गया है। CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका ने पीएम पर तीखा हमला बोलते हुए छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं।

Harsh Srivastava
Published on: 6 Sept 2026 12:27 PM IST (Updated on: 6 Sept 2026 12:27 PM IST)
CJP के निशाने पर फिर आए PM मोदी! SRCC में एक बयान से भयंकर बवाल...सौरव दास-आशुतोष रांका ने खोला मोर्चा
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CJP Slams PM Modi SRCC Speech: देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए भाषण के बाद राजनीतिक पारा अचानक बढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पीएम मोदी द्वारा अपने संबोधन में एक बार फिर 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि देश के शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति ने सवाल पूछने वाली नई और जागरूक युवा पीढ़ी को खारिज करने के लिए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया है।

सौरव दास का तीखा हमला

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और प्रमुख चेहरा सौरव दास ने प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए कहा कि देश के इतने बड़े कॉलेज में जाकर सवाल उठाने वाले होनहार छात्रों को 'दिमागी नक्सल' कहना बेहद निराशाजनक है।

सौरव दास ने कहा कि शिक्षक दिवस जैसे पावन मौके पर प्रधानमंत्री को छात्रों को एक नया भरोसा और उम्मीद देनी चाहिए थी। इसके विपरीत उन्होंने सत्ता से सवाल करने वाले युवाओं पर इस तरह के बेवकूफी भरे ठप्पे लगाना ज्यादा जरूरी समझा, जो कि लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।

स्थानीय मुद्दों और शिक्षकों की समस्याओं पर बोल सकते थे PM

सीजेपी प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि अगर प्रधानमंत्री चाहते तो इस मंच का सही इस्तेमाल कॉलेज के असली और गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कर सकते थे। उन्होंने कहा कि पीएम को SRCC के उन अध्यापकों के दर्द पर बात करनी चाहिए थी, जिन्हें मेडिकल और चाइल्ड केयर लीव जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रदर्शन करना पड़ा था।

वे चाहते तो छात्रों को बेहतर बुनियादी ढांचा देने का भरोसा दिला सकते थे या फिर पढ़ाई के भारी दबाव से जूझ रहे युवाओं के मानसिक तनाव पर चर्चा कर सकते थे। लेकिन इन सब जरूरी बातों को छोड़कर केवल राजनीतिक बयानबाजी की गई।

आशुतोष रांका ने भी बोला हमला

दूसरी तरफ राजनीतिक विश्लेषक और नेता आशुतोष रांका ने भी प्रधानमंत्री के इस संबोधन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि शताब्दी समारोह जैसे ऐतिहासिक अवसर पर हर किसी को उम्मीद थी कि देश का नेतृत्व शिक्षा, रोजगार के नए अवसरों और आने वाले 20 वर्षों में भारत के भविष्य का खाका पेश करेगा। रांका ने तंज कसते हुए कहा कि वास्तविक मुद्दों पर बात करने के बजाय 'दिमागी नक्सल' जैसी निरर्थक बातें करना यह दिखाता है कि जब आपकी डिग्री का आधार ही अलग हो, तो प्राथमिकताएं बदल जाती हैं।

PM मोदी ने भाषण में क्या कहा था?

इस पूरे सियासी बवाल की जड़ पीएम मोदी का वह संबोधन है, जिसमें उन्होंने 15 अगस्त को अपने भाषण में इस्तेमाल किए गए शब्द को दोबारा याद किया। पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने जैसे ही 'दिमागी नक्सल' की बीमारी के इलाज के लिए होम्योपैथी की दवा दी, वैसे ही सभी नक्सल एक-एक कर बेनकाब होकर सामने आ गए। पीएम के अनुसार अब देश की जनता इन लोगों के असली चेहरों को पहचान रही है।

Harsh Srivastava
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Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.comharshsri764@gmail.com

Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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