TRENDING TAGS :
‘आतंकियों ने भारत पर बुरी नजर डाली तो मिलेगा जवाब’, PM मोदी ने Surgical Strike को बताया ऐतिहासिक
PM मोदी ने ‘मन की बात’ में सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का जिक्र किया और कहा कि देश जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है।
PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि देश अब आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को भारत की जवाबी कार्रवाई के उदाहरण के तौर पर गिनाया।
मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उन्होंने इसे भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक निर्णायक उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक लंबे समय से आतंकवादी हमलों को लेकर भारत की पीड़ा का निर्णायक जवाब थी। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, भारत ने यह संदेश दिया है कि देश के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों का जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और मुंबई के 26/11 आतंकी हमले का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि एक समय देश में लगातार आतंकी हमलों की घटनाएं सामने आती थीं और हर हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठती थी।
9/11 हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में हुए 11 सितंबर के आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस हमले में अमेरिकियों के बाद सबसे अधिक संख्या भारतीयों की थी।
Census पर भी PM मोदी ने की बात
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने देश में चल रही जनगणना प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनगणना के जरिए देश की एक व्यापक तस्वीर सामने आ रही है और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में इसका पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है।
मोदी के मुताबिक, अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। वहीं लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बर्फीले एवं दुर्गम इलाकों में भी काम जारी है।
प्रधानमंत्री ने जनगणना को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए नागरिकों से ऑनलाइन Self-Enumeration का इस्तेमाल करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि भविष्य की योजनाओं और नीतियों के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।


