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गलवान टेंशन के बाद पहली मुलाकात! PM मोदी-जिनपिंग के बीच 50 मिनट तक बातचीत, मिलकर काम करने पर बनी सहमति| 10 POINTS
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें भारत-चीन संबंधों और आगे के सहयोग पर चर्चा हुई।
PM Modi Xi Jinping Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक हुई। BRICS Summit के दौरान हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने, द्विपक्षीय सहयोग और सीमा पर शांति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच अब तक हुई 21 बैठकों में कई महत्वपूर्ण सहमतियां बनी हैं, जिन्होंने भारत-चीन संबंधों को स्थिर विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS की भारत की अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले सहयोग के लिए आभार जताया।
आइए यहां पढ़ें पीएम मोदी और शी जिनपिंग द्विपक्षीय बैठक की 10 बड़ी बातें:
1. बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी ने BRICS Summit में शी जिनपिंग की सकारात्मक टिप्पणियों के लिए उनका धन्यवाद भी किया। मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए वह आभार व्यक्त करते हैं।
2. प्रधानमंत्री मोदी ने खास तौर पर भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चीन के समर्थन और सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को इस दौरान चीन से सहयोग मिला।
3. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत यात्रा के निमंत्रण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें यह निमंत्रण उनके जन्मदिन यानी 15 जून को मिला था। उन्होंने कहा कि उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच अब तक 21 बैठकें हो चुकी हैं। शी ने कहा कि इन बैठकों के दौरान दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण सहमतियां बनाई हैं।
4. शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन के बीच प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी 21 बैठकों के दौरान बनी सहमतियों ने दोनों देशों के रिश्तों को स्थिर विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि चीन ने हमेशा भारत के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखा और विकसित किया है।
5. शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन की राष्ट्रीय परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन दोनों देश एक-दूसरे की ताकत से सीख सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं, साथ मिलकर सफलता हासिल कर सकते हैं और साझा विकास की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
6. शी जिनपिंग ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया में बड़े बदलाव हो रहे हैं और अभूतपूर्व महामारी जैसी परिस्थितियां सामने आ चुकी हैं, दोनों देशों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। शी ने कहा कि दोनों देशों को मानवता के भविष्य और अपने लोगों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए बड़ी शक्तियों की भूमिका निभाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
7. शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन को एक समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय दुनिया की वकालत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को केवल अपने हितों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विश्व शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए ज्यादा सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
8. दोनों नेताओं ने सीमा विवाद पर समाधान के लिए प्रतिबद्धता जताई। यह समाधान दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों और दोनों देशों की जनता के लंबे समय के हितों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक नजरिए से आगे बढ़ाया जाएगा। इस बातचीत में Line of Actual Control यानी LAC भी एक अहम मुद्दा रहने की संभावना है।
9. दोनों नेताओं ने भारत और चीन के लोगों के बीच संबंधों में हुई प्रगति का भी संज्ञान लिया। उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापारिक संबंधों और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही को और बढ़ाने की जरूरत बताई।
10. दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और चीन को क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी सहमति के दायरे को लगातार बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए।


