15 अगस्त पर PM मोदी करेंगे बड़ा ऐलान? अभिजीत दीपके ने की बड़ी डिमांड, भागवत की नसीहत पर घिरी BJP

Abhijeet Dipke Demand to PM Modi: 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस भाषण से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युवाओं, शिक्षा, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर देश को संबोधित करने की अपील की है।

Harsh Srivastava
Published on: 7 Aug 2026 9:47 PM IST
15 अगस्त पर PM मोदी करेंगे बड़ा ऐलान? अभिजीत दीपके ने की बड़ी डिमांड, भागवत की नसीहत पर घिरी BJP
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Abhijeet Dipke Demand to PM Modi: कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बड़ी मांग रखी है। उन्होंने पीएम मोदी से गुजारिश की है कि 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर वे देश के युवाओं को संबोधित करें। दीपके का कहना है कि प्रधानमंत्री को लाल किले से यह स्पष्ट बताना चाहिए कि सरकार शिक्षा, बेरोजगारी और जीवन यापन के बढ़ते खर्च पर क्या कदम उठा रही है। इसके साथ ही उन्होंने देश के नागरिकों से अपनी इस मांग का समर्थन करने के लिए एक ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का आग्रह भी किया है।

ऑनलाइन याचिका से जुड़ने की अपील

अभिजीत दीपके ने अपने एक्स अकाउंट पर संदेश जारी कर देश के नागरिकों और युवाओं से एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने लिखा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर पूरा देश चाहता है कि प्रधानमंत्री भारत के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करें। उन्होंने कहा कि यदि लोग मानते हैं कि सरकार को बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई पर जवाब देना चाहिए, तो वे इस याचिका पर अपनी सहमति दर्ज कराएं। अपनी बात को समर्थन दिलाने के लिए दीपके ने सोशल मीडिया पर इस पिटीशन से जुड़ा एक डिजिटल लिंक भी साझा किया है।

'जेन-जी' के विरोध प्रदर्शनों पर भागवत की सलाह माने बीजेपी

अपने बयान में अभिजीत दीपके ने केंद्र की सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को अपने वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की बातों से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि आरएसएस प्रमुख ने स्पष्ट कहा था कि विरोध-प्रदर्शन करने वाले 'जेन-जी' के युवाओं को राष्ट्रविरोधी नहीं ठहराया जाना चाहिए। दीपके ने यह दावा भी किया कि वर्तमान में बीजेपी और आरएसएस के बीच वैचारिक तालमेल की कमी दिखाई दे रही है, क्योंकि सत्ता में बैठे लोग संघ प्रमुख की नसीहतों को अनसुना कर रहे हैं।

नीट धांधली के खिलाफ युवाओं का गुस्सा

मुंबई में मोहन भागवत द्वारा युवाओं के साथ किए गए संवाद के अगले दिन पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपके ने बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार को संघ प्रमुख के उस रुख को स्वीकार करना चाहिए, जिसमें उन्होंने नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को सही बताया था। नीट पेपर लीक कांड के बाद देशभर में छात्रों का गुस्सा देखने को मिला था। इस विवाद के कारण बीते महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।

विरोध दर्ज कराने से कोई युवा देशद्रोही नहीं बन जाता:RSS

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को 'जेन-जी' के युवाओं का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रों की शिकायतें जायज हैं और उन्हें युवाओं की नीयत पर पूरा भरोसा है। भागवत का मानना था कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना किसी को एंटी-नेशनल नहीं बना देता। 1997 से 2012 के बीच जन्मे 'जेन-जी' और 2013 से 2025 के बीच जन्मे 'जेन अल्फा' तक संघ की यह पहुंच बेहद अहम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि बीजेपी इस पर क्या कदम उठाती है।

युवाओं की न्यायसंगत मांग पर ध्यान दे सरकार

अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के युवाओं के आक्रोश को अनदेखा करना लोकतंत्र के हित में नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री 15 अगस्त को देश के नौजवानों को निराश नहीं करेंगे। सरकार को शिक्षा और रोजगार के संकट पर युवाओं के भविष्य के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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