TRENDING TAGS :
PM VBRY Scheme 2026: पहली नौकरी वालों की लगी लॉटरी! PM मोदी ने खातों में भेजे ₹15 हजार
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026: PM-VBRY के तहत पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को ₹15,000 तक की सहायता, 15 लाख लाभार्थियों को मिला फायदा
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026: पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना सौगात साबित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस योजना के तहत पहली किस्त जारी करते हुए करीब 15 लाख लाभार्थियों और उन्हें रोजगार देने वाले नियोक्ताओं के खातों में ₹2,400 करोड़ की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी।
विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर के युवाओं से संवाद किया और रोजगार सृजन, स्टार्टअप संस्कृति तथा कौशल विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है और इस जनशक्ति को आर्थिक शक्ति में बदलना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
पहली नौकरी वालों को ₹15,000 की सहायता
PM-VBRY के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी करने वाले पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है। सरकार का मानना है कि नौकरी के शुरुआती दौर में मिलने वाली यह राशि युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगी और उन्हें औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
यह योजना विशेष रूप से उन युवाओं पर केंद्रित है जो पहली बार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के दायरे में आए हैं। इससे लाखों युवाओं को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
कंपनियों को भी मिल रहा प्रोत्साहन
योजना का दूसरा बड़ा पक्ष रोजगार देने वाले संस्थानों से जुड़ा है। अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाली कंपनियों को प्रति नए कर्मचारी पर हर महीने ₹3,000 तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र की कंपनियों को यह लाभ चार वर्षों तक मिलेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों के नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य उद्योगों को अधिक से अधिक नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रेरित करना है।
₹99,446 करोड़ का बड़ा निवेश
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना 1 अगस्त 2025 से लागू है। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का विशाल बजट निर्धारित किया है। योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों को बढ़ावा देना है।
इनमें करीब 1.92 करोड़ ऐसे युवा शामिल होंगे जो पहली बार कार्यबल का हिस्सा बनेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना रोजगार बाजार में नई ऊर्जा भर सकती है और औपचारिक रोजगार के दायरे को तेजी से बढ़ा सकती है।
स्टार्टअप इंडिया की सफलता का भी किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को रोजगार सृजन का बड़ा आधार बताया। उन्होंने कहा कि एक समय देश में केवल लगभग 500 स्टार्टअप थे, लेकिन आज उनकी संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि अब देश का शायद ही कोई जिला होगा जहां स्टार्टअप गतिविधियां न दिखाई देती हों। उन्होंने इसे भारत के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार क्षमता और उद्यमशीलता का प्रमाण बताया।
युवाओं को अवसर देने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर युवा अपनी क्षमता और प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ सके। जिसके पास हुनर है उसे अवसर मिले, जिसके पास नया विचार है उसे नवाचार के लिए मंच मिले और जो स्वयं कुछ करना चाहता है उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब देश का युवा आत्मनिर्भर, कुशल और आर्थिक रूप से सशक्त बनेगा। PM-VBRY इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं के लिए क्यों वरदान है यह योजना?
भारत में हर साल लाखों युवा नौकरी बाजार में प्रवेश करते हैं। ऐसे में औपचारिक रोजगार बढ़ाना और युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती रही है। PM-VBRY को इसी चुनौती का समाधान माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को प्रोत्साहन देने वाला यह मॉडल रोजगार सृजन की गति बढ़ा सकता है। साथ ही इससे कंपनियों को नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं को नौकरी की शुरुआत में आर्थिक सहारा भी मिलेगा।
सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह योजना रोजगार, कौशल और आर्थिक विकास के बीच मजबूत कड़ी साबित होगी तथा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।


