कुशीनगर से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष तक का सफर, जानिए कौन हैं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय

Pradeep Rai SCBA President: UP के कुशीनगर जिले के मूल निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार राय सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने अनुपम लाल दास को 371 वोट से हराया और 822 वोट हासिल किए।

Aditya Kumar Verma
Published on: 19 Aug 2026 12:58 PM IST (Updated on: 19 Aug 2026 1:04 PM IST)
Pradeep Kumar Rai Elected SCBA President
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Pradeep Rai SCBA President: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर (Kushinagar) से निकलकर देश की सर्वोच्च अदालत में अपनी पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार राय अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (Supreme Court Bar Association) के अध्यक्ष चुने गए हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव में उन्होंने 822 वोट हासिल किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम लाल दास (Anupam Lal Das) को 371 वोट से हरा दिया। प्रदीप कुमार राय को 822 वोट मिले, जबकि अनुपम लाल दास के खाते में 451 वोट आए।

प्रदीप कुमार राय की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वह इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन इस बार उन्होंने बड़ी जीत दर्ज करते हुए शीर्ष अदालत के वकीलों के सबसे महत्वपूर्ण पेशेवर संगठनों में से एक की कमान अपने हाथ में ले ली है।

90 के दशक से वकालत का सफर

प्रदीप कुमार राय की शुरुआती पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश से जुड़ी है। उनका जन्म कुशीनगर में हुआ। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय यानी बीएचयू (BHU) से एमए और एलएलबी (LLB) की पढ़ाई की। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत के क्षेत्र में कदम रखा और सुप्रीम कोर्ट समेत अलग-अलग हाई कोर्ट, आयोगों, नियामक संस्थाओं और ट्रिब्यूनल में पैरवी की।

उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक, प्रदीप कुमार राय को सुप्रीम कोर्ट में 25 साल से ज्यादा का पेशेवर अनुभव है। उनके कानूनी काम का दायरा भी काफी व्यापक रहा है। वह सिविल (Civil), क्रिमिनल (Criminal), रेवेन्यू (Revenue) और संवैधानिक मामलों (Constitutional Cases) में पैरवी कर चुके हैं।

2015 में बने वरिष्ठ अधिवक्ता

प्रदीप कुमार राय को साल 2015 में वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) के तौर पर नामित किया गया था। अपने लंबे कानूनी करियर के दौरान वह केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों की ओर से अदालतों में पेश हो चुके हैं।

उनके प्रोफाइल के अनुसार उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और आंध्र प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों से जुड़े मामलों में पैरवी की है। इसके अलावा वह कॉरपोरेट संस्थानों, राजनेताओं, मुख्यमंत्रियों और फिल्म जगत से जुड़े चर्चित लोगों के मामलों में भी वकील के तौर पर पेश हो चुके हैं।

SCBA में पहले भी संभाल चुके हैं बड़ी जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में प्रदीप कुमार राय की सक्रियता कोई नई बात नहीं है। अध्यक्ष बनने से पहले वह एससीबीए (SCBA) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह 2020-21 और 2021-22 में लगातार दो कार्यकाल तक सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष (Vice President) रह चुके हैं।

उपाध्यक्ष के तौर पर उन्होंने शिकायत निवारण (Grievance Redressal), ई-कमेटी (E-Committee), हेल्थ (Health), हाउसिंग (Housing), बार कोऑर्डिनेशन (Bar Coordination) और कल्चरल कमेटी (Cultural Committee) जैसी कई समितियों की जिम्मेदारी संभाली।

इस दौरान उन्होंने वकीलों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, आवास, यात्रा और पेशेवर प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाओं पर भी काम किया।

2024 में कपिल सिब्बल से मिली थी हार

SCBA अध्यक्ष पद के लिए प्रदीप कुमार राय की कोशिश पहली बार सफल नहीं हुई थी। साल 2024 के चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने उन्हें हरा दिया था।

उस चुनाव में कपिल सिब्बल को 1,066 वोट मिले थे, जबकि प्रदीप कुमार राय 689 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। उस हार के बाद भी उन्होंने चुनावी मैदान से पीछे हटने के बजाय दोबारा प्रयास करने का फैसला किया।

2025 में भी लड़ा था चुनाव

प्रदीप कुमार राय ने साल 2025 में भी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में वह विकास सिंह (Vikas Singh) के मुकाबले पीछे रह गए थे।

चुनाव प्रक्रिया को लेकर बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। इसके बाद मतों की दोबारा गिनती कराई गई, हालांकि दोबारा मतगणना के बावजूद अंतिम नतीजे में कोई बदलाव नहीं हुआ।

लगातार दो चुनावों में अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर पाने के बाद प्रदीप कुमार राय ने इस बार फिर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया और आखिरकार उन्हें सफलता मिल गई।

वकीलों के कल्याण को बनाया चुनावी मुद्दा

इस बार के चुनाव प्रचार में प्रदीप कुमार राय ने वकीलों के कल्याण (Lawyers Welfare) से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी। उन्होंने एससीबीए के सदस्यों के लिए 50 लाख रुपये तक का मेडिकल सुरक्षा कवर (Medical Security Cover) उपलब्ध कराने का वादा किया।

इसके साथ ही उन्होंने वकीलों के बच्चों के लिए मेरिट आधारित छात्रवृत्ति (Merit Based Scholarship) शुरू करने की बात कही। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लागू सीक्वेंसिंग सिस्टम (Sequencing System) को खत्म करने की पैरवी भी की।

चुनाव प्रचार के दौरान उनके एजेंडे में वकीलों की स्वास्थ्य सुविधाओं, उनके परिवारों से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों और पेशेवर सुविधाओं को खास जगह मिली।

दूसरी कोशिश में मिली बड़ी जिम्मेदारी

इस चुनाव में जीत के साथ प्रदीप कुमार राय ने अपने पिछले चुनावी प्रयासों को सफलता में बदल दिया है। कुशीनगर से शुरू हुआ उनका सफर अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद तक पहुंच गया है।

उनके साथ वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल कौशिक (Rahul Kaushik) उपाध्यक्ष, अधिवक्ता प्रज्ञा बघेल (Pragya Baghel) सचिव और मुनीश दुबे (Munish Dubey) संयुक्त सचिव चुने गए हैं। इस चुनाव में करीब 82 प्रतिशत मतदान हुआ।

अब प्रदीप कुमार राय के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की होगी। मेडिकल सुरक्षा कवर, वकीलों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति और बार से जुड़े दूसरे कल्याणकारी मुद्दों को आगे बढ़ाना उनके कार्यकाल की अहम प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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