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धर्मेंद्र प्रधान के बाद शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालेंगे प्रह्लाद जोशी, जानिए कौन हैं भाजपा के संकटमोचक नेता
Pralhad Joshi Biography: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। जानिए उनका राजनीतिक सफर, प्रोफाइल, संपत्ति, विवाद और बड़ी उपलब्धियां।
Pralhad Joshi Profile
Pralhad Joshi Profile: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भी संभाल रहे हैं।
ऐसे समय में जब देश में NEET परीक्षा सुधार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा में पारदर्शिता सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है, सरकार ने अनुभवी संसदीय चेहरा प्रह्लाद जोशी पर भरोसा जताया है।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद वेंकटेश जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर (तत्कालीन बीजापुर) में हुआ था। उन्होंने हुबली के के.एस. आर्ट्स कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। राजनीति में आने से पहले वे व्यवसाय से जुड़े रहे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी लंबे समय तक जुड़े रहे।
तिरंगा आंदोलन से मिली राष्ट्रीय पहचान
1992-94 के दौरान हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद प्रह्लाद जोशी पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए। इसी आंदोलन ने उन्हें भाजपा के उभरते नेताओं की कतार में खड़ा कर दिया।
भाजपा के 'संकटमोचक' नेताओं में गिने जाते हैं
प्रह्लाद जोशी को भाजपा का बेहतरीन संगठनकर्ता और संसदीय रणनीतिकार माना जाता है। 2019 से 2024 तक उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री के रूप में सरकार के कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद से पारित कराने में अहम भूमिका निभाई। विपक्ष और सरकार के बीच समन्वय बनाने की उनकी क्षमता के कारण उन्हें पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है।
पांच बार लगातार सांसद
2004: पहली बार धारवाड़ से लोकसभा सांसद बने।
2009: दूसरी बार बड़ी जीत दर्ज की।
2014: तीसरी बार रिकॉर्ड मतों से जीत।
2019: चौथी बार सांसद चुने गए।
2024: लगातार पांचवीं बार धारवाड़ से लोकसभा पहुंचे, जो इस सीट पर एक रिकॉर्ड है।
केंद्र सरकार में अब तक कौन-कौन से मंत्रालय संभाले?
प्रह्लाद जोशी मोदी सरकार में कई अहम मंत्रालयों का नेतृत्व कर चुके हैं।
- कोयला मंत्रालय
- खान मंत्रालय
- उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (वर्तमान)
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (वर्तमान)
- अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
शिक्षा मंत्री बनने के पीछे क्या माना जा रहा है कारण?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, केंद्र सरकार ने ऐसे नेता को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है जिसे प्रशासनिक अनुभव, संसदीय प्रक्रियाओं की गहरी समझ और बड़े सुधारों को लागू कराने का अनुभव है। हाल के महीनों में परीक्षा प्रणाली में तकनीक आधारित सुधारों की जरूरत पर भी प्रह्लाद जोशी सार्वजनिक रूप से जोर देते रहे हैं। ([The News Mill][4])
संपत्ति कितनी है?
सार्वजनिक चुनावी हलफनामे (2021) के अनुसार:
कुल संपत्ति: लगभग ₹21.1 करोड़
देनदारियां: लगभग ₹8.01 करोड़
अनुमानित शुद्ध संपत्ति: लगभग ₹13.08 करोड़
विवाद भी रहे
मार्च 2018 में हुबली के एक बयान को लेकर उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153A और 298 सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। यह मामला राजनीतिक विवाद का विषय बना था।
क्यों अहम है यह नियुक्ति?
प्रह्लाद जोशी ऐसे समय शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे हैं जब सरकार पर परीक्षा प्रणाली में सुधार, NTA के पुनर्गठन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और छात्रों का विश्वास बहाल करने की बड़ी जिम्मेदारी है। उनके लंबे प्रशासनिक और संसदीय अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।


