'ये तो सिर्फ शुरुआत...' Gen Z आंदोलन पर PK की बड़ी भविष्यवाणी, सरकार के लिए खतरे की घंटी

Prashant Kishor on Gen Z Protest: जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने जंतर-मंतर पर हुए Gen Z आंदोलन को लेकर बड़ा दावा किया है। पीके ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले 1 से 2 साल में इसका असर देश की राजनीति पर दिखाई देगा।

Harsh Srivastava
Published on: 6 Aug 2026 5:25 PM IST
ये तो सिर्फ शुरुआत... Gen Z आंदोलन पर PK की बड़ी भविष्यवाणी, सरकार के लिए खतरे की घंटी
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Prashant Kishor on Gen Z Protest: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली ऐतिहासिक और शानदार जीत के बाद जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) एक बार फिर देश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। अपनी सटीक रणनीतियों के लिए पहचाने जाने वाले प्रशांत किशोर ने हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए युवाओं (जेन जी) के विशाल आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। इस बड़े छात्र आंदोलन का ही दबाव था जिसके कारण तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने देश भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

क्या युवाओं का आंदोलन बदल पाएगा देश की राजनीतिक तस्वीर?

हाल ही में दिए गए एक विशेष इंटरव्यू के दौरान जब प्रशांत किशोर से सवाल किया गया कि क्या जेन जी (Gen Z) भारत की भावी राजनीति में कोई बड़ा बदलाव ला सकती है, तो उन्होंने देश के पुराने जनआंदोलनों का उदाहरण देते हुए विस्तृत विश्लेषण किया। पीके ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया और युवाओं के इस जमीनी प्रदर्शन का असर बहुत दूरगामी होगा। हालांकि, इसका व्यापक प्रभाव तुरंत दिखाई देने के बजाय आने वाले समय में बहुत गहराई से महसूस किया जाएगा।

इंस्टाग्राम नया जरिया, पर असली ताकत जनता से जुड़े मुद्दे

जनसुराज के नेता और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने DeKoder से बातचीत में कहा कि इंस्टाग्राम जैसे आधुनिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने बेशक लोगों के बीच संवाद और संदेशों के आदान-प्रदान को बहुत तेज कर दिया है। लेकिन किसी भी बड़े राजनीतिक बदलाव की असल वजह वे मूलभूत मुद्दे और संदेश ही होते हैं जो सीधे आम जनता के दिल को छूते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक केवल एक माध्यम है, जबकि जनता से जुड़ाव ही असली परिवर्तन लाता है।

अन्ना आंदोलन से तुलना करते हुए चेतावनी

देश के पुराने आंदोलनों से तुलना करते हुए प्रशांत किशोर ने याद दिलाया कि यूपीए-1 सरकार के अंतिम वर्ष में 2जी घोटाला सामने आया था, लेकिन अन्ना हजारे का ऐतिहासिक आंदोलन उसके करीब 3 साल बाद जाकर अपने चरम पर पहुंचा था। पीके ने कहा कि जेन जी के इस विरोध प्रदर्शन का भी मुख्य दौर आना अभी बाकी है। इसका वास्तविक असर 1 साल, डेढ़ साल या 2 साल के भीतर देश के राजनीतिक परिदृश्य पर बहुत साफ तौर पर नजर आएगा।

सरकार के लिए खतरे की बहुत बड़ी घंटी

प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि जंतर-मंतर पर जेन जी के इस अकेले आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि युवाओं का यह प्रयास पूरी तरह संभव है। देश के लाखों युवा इस बात पर एकमत हो चुके हैं कि यदि सही मुद्दे पर एकजुट हुआ जाए तो सरकार को भी झुकने पर मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठी सरकार यह बात आम लोगों से भी कहीं ज्यादा बेहतर तरीके से समझ रही है कि युवाओं की यह एकजुटता उनके लिए कितनी बड़ी चेतावनी है।

आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ...

पीके ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी ने इंस्टाग्राम को अपना नया और मजबूत हथियार बना लिया है, ठीक वैसे ही जैसे पहले व्हाट्सएप और उससे भी पहले टीवी का इस्तेमाल होता था। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि यह भ्रम न पालें कि जंतर-मंतर का प्रदर्शन समाप्त हो चुका है। यह चिंगारी आने वाले दिनों में और अधिक फैलेगी, हालांकि भविष्य में यह किस दिशा में आगे बढ़ेगी और इसका नया स्वरूप क्या होगा, यह अभी पूरी तरह से तय होना बाकी है।

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Harsh Srivastava

Former Content Writer Mail ID - newstrack@gmail.comharshsri764@gmail.com

Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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