दिल्ली MCD में 'कमल' का जलवा: प्रवेश वाही बने नए महापौर, जानें मोनिका पंत की बड़ी जीत का समीकरण

Pravesh Wahi MCD Mayor: बीजेपी के प्रवेश वाही बने दिल्ली के नए मेयर और मोनिका पंत ने जीती डिप्टी मेयर की कुर्सी। जानें कैसे AAP के चुनाव से बाहर रहने और स्वाति मालीवाल के वोट ने बदला दिल्ली नगर निगम का पूरा सियासी समीकरण।

Harsh Sharma
Published on: 29 April 2026 6:38 PM IST
दिल्ली MCD में कमल का जलवा: प्रवेश वाही बने नए महापौर, जानें मोनिका पंत की बड़ी जीत का समीकरण
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Pravesh Wahi MCD Mayor: दिल्ली की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा धमाका हुआ जब नगर निगम की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त वापसी की। रोहिणी ईस्ट के तीन बार के पार्षद प्रवेश वाही दिल्ली के नए महापौर यानी मेयर चुन लिए गए हैं। इस जीत ने न केवल बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है बल्कि दिल्ली की सियासी बिसात पर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को एक बड़े संकट में डाल दिया है। मेयर के साथ-साथ डिप्टी मेयर की कुर्सी पर भी बीजेपी ने कब्जा जमा लिया है, जिससे दिल्ली के विकास की कमान अब पूरी तरह से 'कमल' के हाथों में आ गई है।

बहुमत से कहीं आगे निकले प्रवेश वाही

नगर निगम चुनाव की यह प्रक्रिया बेहद रोमांचक रही। बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वाही ने भारी अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 156 वोट मिले, जो जीत के लिए जरूरी 137 वोटों के आंकड़े से कहीं ज्यादा थे। उन्हें इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के 14 पार्षदों का भी पूरा साथ मिला, जिससे उनकी जीत और भी बड़ी हो गई। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने कबीर नगर के पार्षद जरीफ को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें महज 9 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। जैसे ही पीठासीन अधिकारी राजा इकबाल सिंह ने नतीजों का ऐलान किया, पूरे सदन में बीजेपी जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे। डिप्टी मेयर के चुनाव में भी आनंद विहार से बीजेपी पार्षद मोनिका पंत ने 156 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की।

'आप' की खामोशी और रणनीति का सस्पेंस

इस पूरे चुनाव की सबसे हैरान कर देने वाली बात यह रही कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने मेयर और डिप्टी मेयर की रेस से खुद को पूरी तरह बाहर रखा। 'आप' ने इस बार कोई उम्मीदवार नहीं उतारा और मतदान से भी दूरी बना ली। इस फैसले पर पार्टी के दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी को सत्ता सौंपने का यह कदम एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने दावा किया कि अब बीजेपी को शासन चलाने का मौका देकर 'आप' उनकी कमियों को जनता के सामने बेनकाब करेगी। भारद्वाज का मानना है कि बीजेपी काम करना नहीं जानती और जल्द ही दिल्ली की जनता के सामने उनकी विफलता उजागर हो जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर 2024 में 'आप' के महेश कुमार खिंची ने मेयर की कुर्सी जीती थी, लेकिन अब सत्ता का पलड़ा बदल चुका है।

स्वाति मालीवाल और बहुमत का वो आंकड़ा

इस बार के चुनाव में राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल का वोट भी चर्चा का केंद्र रहा, जो अब बीजेपी के खेमे में नजर आ रही हैं। इस साल के मेयर चुनाव के लिए कुल 273 वोट थे, जिनमें 249 पार्षद, दिल्ली विधानसभा द्वारा नामित 14 विधायक, सात लोकसभा सांसद और दिल्ली के तीन राज्यसभा सदस्य शामिल थे। बहुमत के लिए 137 वोटों की जरूरत थी, लेकिन बीजेपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इसे आसानी से पार कर लिया। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पूर्व मेयर राजा इकबाल सिंह को इस पूरी कार्यवाही के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया था।

वाही का वादा- चमकेगी दिल्ली

मेयर चुने जाने के बाद प्रवेश वाही ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने जोश के साथ कहा कि आने वाले महीनों में दिल्ली को कूड़े के ढेरों से मुक्त किया जाएगा और शहर के विकास के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। बीजेपी के पास अब 123 पार्षदों के साथ सातों सांसदों और विधायकों का समर्थन है, जिससे निगम में उनकी पकड़ और भी मजबूत हो गई है। अब देखना यह होगा कि प्रवेश वाही अपने वादों को कितनी जल्दी हकीकत में बदलते हैं और 'आप' का यह 'मैदान छोड़ने' वाला दांव उनके लिए कितना सही साबित होता है।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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