जिस बिस्किट को भारत में लेकर मचा बवाल! अब नेपाल ने भी लगाया बैन, आखिर ऐसा क्या मिला?

Priyagold Biscuit Ban: प्रियागोल्ड बिस्किट पर नेपाल ने आयात, बिक्री और वितरण में रोक लगाई है। भारत में FSSAI की कार्रवाई और पशुओं के चारे वाले चोकर से जुड़े आरोपों की पूरी जानकारी जानें।

Shalni Kumari
Published on: 20 Oct 2026 12:10 PM IST (Updated on: 20 Oct 2026 12:15 PM IST)
Nepal Ban on Priyagold
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Priyagold Biscuit Ban

Priyagold Biscuit Ban: भारत में लोकप्रिय बिस्किट ब्रांड प्रियागोल्ड (Priyagold) की मुश्किलें अब देश की सीमाओं के पार भी बढ़ती नजर आ रही हैं। बिस्किट की गुणवत्ता (Quality) को लेकर उठे सवालों के बीच नेपाल ने इसके आयात (Import), बिक्री (Sale) और वितरण (Distribution) पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Safety) से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप में इसे बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नेपाली अधिकारियों ने बिस्किट को निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने वाला बताते हुए बाजार से मौजूदा स्टॉक तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल सरकार ने क्यों लगाया प्रतिबंध?

नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग (Department of Food Technology and Quality Control-FTQCD) ने सोमवार को सार्वजनिक सूचना (Public Notice) जारी कर यह फैसला बताया। विभाग ने संबंधित बिस्किट को घटिया गुणवत्ता (Substandard Quality) वाला करार देते हुए इसके आयात, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाने की जानकारी दी। साथ ही आयातकों (Importers) और कारोबारियों को बाजार तथा गोदामों में मौजूद स्टॉक वापस मंगाने यानी रिकॉल (Recall) करने के निर्देश दिए गए।

विभाग ने दुकानदारों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं (Consumers) से भी अपील की है कि वे इस बिस्किट की खरीद-बिक्री से बचें। इस कदम का उद्देश्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।

भारत में जांच के दौरान क्या सामने आया?

इस पूरे विवाद की जड़ भारत में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India-FSSAI) की कार्रवाई बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्राधिकरण ने सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड की जांच के दौरान प्रियागोल्ड बिस्किट के निर्माण में कैटल फीड ब्रैन (Cattle Feed Bran) यानी पशुओं के चारे में इस्तेमाल होने वाले चोकर के उपयोग से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं पाईं।

खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। इस मामले में FSSAI ने कंपनी का लाइसेंस निलंबित (Suspended) करने के साथ उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की प्रक्रिया भी शुरू की है।

नेपाल में स्टॉक वापस लेने के निर्देश

भारतीय प्राधिकरण की कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद नेपाल के खाद्य विभाग ने मामले पर विचार किया। रिपोर्टों के अनुसार, विभाग के महानिदेशक संजीव कुमार कर्ण की पहल पर आपात बैठक (Emergency Meeting) बुलाई गई। इसके बाद उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया।

नेपाल में अब आयातकों और व्यापारियों को उपलब्ध स्टॉक वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि प्रतिबंधित उत्पाद बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध न रहे।

कंपनी के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

प्रियागोल्ड बिस्किट को लेकर भारत में शुरू हुई कार्रवाई का असर अब नेपाल के बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस प्रकरण ने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों (Packaged Food Products) की गुणवत्ता जांच और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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