TRENDING TAGS :
33°C में हुडी में प्रेमी, 'सांप' का झूठ और 238 घंटे की कॉल... इन 5 गलतियों ने दे दिया 'केतन हत्याकांड' का सबसे बड़ा सबूत
Pune Ketan Agrawal Murder Case: जांच में सामने आया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस वारदात की बड़ी योजना पहले से बनाई हुई थी।
Pune Ketan Agrawal Murder Case
Pune Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के गहुंजे इलाके के रहने वाले 26 साल की बिजनेसमैन केतन विशाल अग्रवाल की मौत को शुरुआती जांच के आधार पर केवल एक दर्दनाक ट्रेकिंग हादसा माना गया था। 18 जून को लोनावला के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की गहरी खाई में गिरने से हुई मौत ने पहले सभी को लगभग ये यकीन दिलाया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है। लेकिन जैसे-जैसे पुणे ग्रामीण पुलिस, लोनावला रूरल पुलिस और लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस मामले की एक-एक परत खुलती गयी। यह मामला एक सुनियोजित हत्या की साजिश में सामने आया।
जांच में सामने आया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस वारदात की बड़ी योजना पहले से बनाई हुई थी। हालांकि, अपराध को हादसा दिखाने के लिए दोनों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन इन सब के बीच उन्होंने 5 ऐसी बड़ी गलतियां कर दी कि ये साजिश पूरी तरह से नाकाम हो गयी जिससे पुलिस को सच्चाई तक पहुंच ही गयी।
सबसे पहली गलती - 33 डिग्री तापमान में हुडी पहनकर पहुंचा आरोपी
इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सुराग लोहागढ़ किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV फुटेज में सामने आया। पुलिस जब फुटेज की गहनता से जांच कर रही थी, तब केतन और सिया के पीछे कुछ दूरी पर एक संदिग्ध युवक के तौर पर नज़र आया था।
लेकिन सब से चौकाने वाली बात यह थी कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उस दिन तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन युवक ने शॉर्ट्स के साथ मोटी हुडी पहन रखी थी। उसने चेहरे को छिपाने के लिए हुडी की कैप आगे तक लगा रखी थी और हेडफोन भी लगाए हुए थे। एक अन्य फुटेज में जैसे ही सिया पीछे मुड़कर देखती है, वह युवक अचानक नीचे बैठने का प्रयास करते नजर आता है। बस फिर क्या था, यही वो असामान्य व्यवहार था जिस पर पुलिस को संदेह की हुआ और जांच की दिशा ने नया मोड़ ले लिया।
दूसरी गलती: 15 दिनों में 4 बार लोहागढ़ किला जाने की जिद
पुलिस ने जब केतन के परिवार से पूछताछ की, तब एक बहुत ही हैरानी वाली बात भी सामने आयी। केतन की बहन संजना ने बताया कि फरवरी में सगाई होने के बाद से सिया बार-बार लोहागढ़ किला घूमने जाने की जिद कर रही थी।
जांच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक:
31 May को सिया पहली बार केतन को लोहागढ़ लेकर गई।
4 June को उसने फिर से जाने की जिद की, लेकिन केतन की मां ने साफ़ मना कर दिया।
14 June को सिया फिर केतन को किले पर ले गई। आरोप है कि इसी दौरान उसने केतन को पहाड़ी से धक्का देने का प्रयास किया। हालांकि, केतन ने झाड़ी पकड़कर खुद को बचा लिया। जब उसने धक्का देने का कारण पूछा तो सिया ने पास में सांप होने का बहाना बनाकर दावा किया कि वह उसे बचाने का प्रयास कर रही थी।
18 June को चौथी बार सिया केतन को उसी स्थान पर ले गई, जहां कथित तौर पर चेतन पहले से मौजूद था और दोनों ने मिलकर इस दर्दनाक वारदात को अंजाम दिया।
इन सब के बीच बार-बार एक ही स्थान पर जाने की जिद ने पुलिस के संदेह को और मजबूत कर दिया।
तीसरी गलती: बाली ट्रिप से पहले अचानक गायब हुआ पासपोर्ट
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि केतन और सिया का प्री-वेडिंग फोटोशूट इंडोनेशिया के बाली में होना था। लेकिन यात्रा से ठीक पहले केतन का पासपोर्ट बहुत रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक गायब हो गया।
पासपोर्ट न मिलने की वजह से केतन एयरपोर्ट से ही वापस लौटना पड़ा था। पुलिस को पूरा संदेह है कि पासपोर्ट को जानबूझकर गायब किया गया ताकि केतन विदेश न जा सके और भारत में ही रहे। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह हत्या की योजना का हिस्सा था। बताया जा रहा है कि नवंबर महीने में दोनों की शादी उदयपुर के एक पैलेस में होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही यह सनसनीखेज वारदात सामने आ गई।
चौथी गलती: बहन के सवाल और 238 घंटे की बातचीत ने खोला बड़ा राज
केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद सिया शोक व्यक्त करने उसके घर पहुंची। इसी दौरान केतन की बहन संजना ने उससे घटना के बारे में विस्तार से सवाल पूछे। ऐसा बताया जा रहा है कि सिया के जवाबों में कई विरोधाभास दिखाई दिए। उसके बयान पहले दिए गए विवरण से मेल नहीं खा रहे थे। संजना को शक हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस को इस बात की पूरी जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल फोरेंसिक डेटा की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि सिया और चेतन बीते 3 सालों से कथित तौर पर रिश्ते में थे।
केवल इस साल जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच लगभग 2,004 बार कॉल, व्हाट्सएप और फेसटाइम के माध्यम से बातचीत हुई। कुल मिलाकर दोनों ने तकरीबन 238 घंटे तक बातचीत की थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 16 और 17 जून की रात दोनों लगातार संपर्क में थे। पुलिस को शक है कि इसी दौरान वारदात की अंतिम योजना बनाई गई।
पांचवीं सब से बड़ी गलती: इंटरनेट बंद कर पुलिस को चकमा देने का प्रयास
जांच में पता चला कि चेतन ने घटना वाले दिन अपनी लोकेशन छिपाने के लिए मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया था। उसने सुबह लगभग 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक अपना इंटरनेट ऑफ रखा और अपना मोबाइल फोन अपनी दुकान पर छोड़ दिया। आरोप है कि वह अपनी दुकान के एक कर्मचारी का मोबाइल लेकर लोहागढ़ किले पहुंचा था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
लेकिन पुलिस ने कर्मचारी के मोबाइल की लोकेशन, CCTV फुटेज और चेतन के सोशल मीडिया प्रोफाइल की तस्वीरों का मिलान किया। इसके बाद हुडी पहने संदिग्ध युवक की पहचान चेतन के रूप में होने का दावा किया गया। यही डिजिटल सबूत पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुए।
भागने की बजाय आखिर हत्या की साजिश का ही रास्ता क्यों चुना?
पुलिस पूछताछ में जब चेतन से पूछा गया कि अगर दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे तो सगाई तोड़कर अलग रास्ता क्यों नहीं चुना, तो कथित तौर पर उसने बताया कि सिया परिवार और समाज में बदनामी से बचना चाहती थी। उसके अनुसार, सगाई टूटने या घर से भागने की स्थिति में परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता, इसलिए उसने कथित तौर पर हत्या का रास्ता चुना।
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को जब केतन और सिया लोहागढ़ किले के एक सुनसान स्थान पर खड़े थे, तभी पीछे से पहले से मौजूद चेतन ने कथित तौर पर किसी भारी वस्तु से केतन के सिर पर हमला किया और फिर उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया। शुरुआत में इसे हादसा दिखाने जा ही प्रयास किया गया, लेकिन जांच में सामने आए डिजिटल साक्ष्य, CCTV फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों ने पूरी कहानी को बदल कर रख दिया।
फिलहाल पुलिस रिमांड में दोनों आरोपी
पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को 29 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच एजेंसियां अब हत्या में प्रयोग किए गए कथित हथियार, डिजिटल साक्ष्यों और पूरे घटनाक्रम की अन्य कड़ियों की जांच कर रही हैं।


