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अब्दाली जैसी सोच... PM मोदी पर केजरीवाल के बयान से भड़की राजनीति, BJP ने किया जोरदार पलटवार
Punjab Political Controversy: पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है, केजरीवाल और बिट्टू के बीच मुगल शासकों की तुलना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
Punjab Political Controversy
Punjab Political Controversy: पंजाब की राजनीति एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी के कारण सुर्खियों में आ गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मुगल शासक औरंगज़ेब से किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान के जवाब में कड़ा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शनिवार को Kejriwal पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें "अहमद शाह अब्दाली" तक कह डाला। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मुगल शासकों के नाम इसलिए याद आते हैं, क्योंकि उनके काम-काज भी उन्हीं शासकों जैसे हैं। मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि पंजाब ने अब्दाली द्वारा किए गए अत्याचारों के बारे में पढ़ा है, और आज वही मानसिकता और व्यवहार एक बार फिर केजरीवाल के रूप में देखने को मिल रहा है।
केजरीवाल के आरोप और केंद्र पर हमला
इससे पहले, अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal) ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार विपक्षी नेताओं को डराने और उनका मनोबल तोड़ने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। केजरीवाल ने दावा किया कि बंगाल में चुनाव खत्म होते ही पंजाब में ED के छापे तेज़ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से पंजाब के साथ अन्याय हो रहा है और यहाँ ज़बरदस्ती वाली राजनीति की जा रही है।
PM Modi की तुलना औरंगज़ेब से करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास में औरंगज़ेब ने अत्याचार करके देश के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया था, और आज भी वैसी ही नीतियां अपनाई जा रही हैं। केजरीवाल ने ऐलान किया कि पंजाब गुरुओं की धरती है, और यहाँ के लोग किसी भी तरह के ज़ुल्म के खिलाफ डटकर खड़े रहेंगे।
राजनीतिक तनाव और ED की कार्रवाई
यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया, जब ED ने पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा(Sanjeev Arora Money Laundering Case)को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। आम आदमी पार्टी ने इस कदम को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया, जबकि BJP ने इसे कानून के मुताबिक की गई एक वैध कार्रवाई करार दिया। AAP नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को कमज़ोर करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। वहीं, BJP का आरोप है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच से किसी को भी बचाया नहीं जा सकता।
बढ़ता राजनीतिक टकराव
इस पूरे घटनाओं की इस पूरी कड़ी ने पंजाब की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। एक ओर, AAP इसे केंद्र द्वारा रची गई एक साज़िश बता रही है, तो वहीं BJP इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई करार दे रही है। बयानबाज़ी के इस दौर ने राजनीतिक माहौल में तनाव को और बढ़ा दिया है।


