पंजाब में बढ़ा बवाल! राज्यपाल आवास की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, बैरिकेड तोड़े तो पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस

Punjab Protest: पंजाब में सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल आवास की ओर मार्च किया। बैरिकेड तोड़ने की कोशिश पर पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया, सिमरनजीत सिंह मान हिरासत में लिए गए।

Aditya Kumar Verma
Published on: 15 Aug 2026 10:15 PM IST
Punjab Protest
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Punjab Protest: पंजाब में शनिवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया (Gulab Chand Kataria) के आवास की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने आंसू गैस (Tear Gas) के गोले छोड़े और पानी की बौछार (Water Cannon) का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शनकारी सिख कैदियों (Sikh Prisoners) और जगतार सिंह हवारा (Jagtar Singh Hawara) की रिहाई की मांग कर रहे थे। हवारा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह (Beant Singh) की हत्या के मामले में उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा काट रहा है।

प्रदर्शनकारियों में कुछ लोग बैरिकेड पर चढ़ गए, जबकि कुछ ने ट्रैक्टर (Tractor) का इस्तेमाल करके बैरिकेड गिराने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ (Chandigarh) में स्थित लोक भवन (Lok Bhawan) की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

ड्रोन से भी छोड़े गए आंसू गैस के गोले

प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले छोड़े और पानी की बौछार की। पुलिस ने ड्रोन (Drone) का भी इस्तेमाल किया और उसके जरिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

इस दौरान प्रदर्शनकारी लगातार राज्यपाल आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश करते रहे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा घेरा मजबूत किया हुआ था।

21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान

इसी बीच कौमी इंसाफ मोर्चा (Qaumi Insaaf Morcha) ने सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर 21 अगस्त को पंजाब बंद (Punjab Bandh) का आह्वान किया है। मोर्चे ने लोगों से इस बंद का समर्थन करने की अपील की है।

सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। मोर्चे का कहना है कि कई सिख कैदी अपनी सजा पूरी करने के बावजूद अलग-अलग जेलों में बंद हैं।

सिमरनजीत सिंह मान हिरासत में लिए गए

शिरोमणि अकाली दल अमृतसर (Shiromani Akali Dal Amritsar) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान (Simranjit Singh Mann) को भी चंडीगढ़ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह दो अन्य लोगों के साथ पंजाब के राज्यपाल के आवास तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।

सिमरनजीत सिंह मान के सिर पर पट्टी बंधी हुई थी। वह बैरिकेड के पास पहुंचे और वहीं बैठ गए। इसके बाद पुलिस उन्हें एक गाड़ी में बैठाकर वहां से ले गई।

चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रदर्शनकारियों को लोक भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए चंडीगढ़-मोहाली सीमा (Chandigarh-Mohali Border) पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने कंटीले तारों वाली कई परतों के बैरिकेड लगाए थे।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसमें द्रुत कार्यबल (Rapid Action Force) के जवान भी शामिल थे। पुलिस का मकसद प्रदर्शनकारियों को लोक भवन और राज्यपाल आवास की तरफ आगे बढ़ने से रोकना था।

कौमी इंसाफ मोर्चा ने 'बंदी सिंहों' यानी सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर राज्यपाल आवास तक मार्च का आह्वान किया था। मोर्चे का दावा है कि सजा पूरी होने के बावजूद कई सिख कैदी अलग-अलग जेलों में बंद हैं।

कौन हैं 'बंदी सिंह'

'बंदी सिंह' (Bandi Singhs) शब्द का इस्तेमाल उन सिख कैदियों के लिए किया जाता है, जिन्हें 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौरान उग्रवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए दोषी ठहराया गया था।

सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा 7 जनवरी 2023 से चंडीगढ़ के सेक्टर 52-53 और मोहाली के वाईपीएस चौक के आसपास धरना देकर घेराव कर रहा है। अब मोर्चे ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है और इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील की है।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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