BJP की तरफ से नीट आंदोलन पर बोले Raghav Chadha - 'फ्लॉप पार्टी के कमबैक का जरिया नहीं है छात्रों का प्रदर्शन'

Raghav Chadha Rajya Sabha Statement on NEET: अपने भाषण में उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी केवल सवाल उठाने की नहीं, बल्कि स्थायी समाधान देने की है।

Priya Singh Bisen
Published on: 30 July 2026 11:00 PM IST
Raghav Chadha Rajya Sabha Statement on NEET
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Raghav Chadha Rajya Sabha Statement on NEET

Raghav Chadha Rajya Sabha Statement on NEET: राज्यसभा (Rajya Sabha) में एंटी पेपर लीक बिल (Anti Paper Leak Bill) पर चर्चा के दौरान पंजाब से सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने छात्र आंदोलन और नीट (NEET) परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी और छात्रों का आंदोलन पूरी तरह छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों के लिए है, न कि किसी फ्लॉप राजनीतिक पार्टी के दोबारा वापसी करने का मंच।

अपने भाषण में उन्होंने आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) और कांग्रेस (Congress) पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी केवल सवाल उठाने की नहीं, बल्कि स्थायी समाधान देने की है।

छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक कमबैक का मंच नहीं

राज्यसभा में बोलते हुए राघव चड्ढा ने अपने संबोधन की शुरुआत ही तीखे राजनीतिक हमले से की। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का जो विरोध प्रदर्शन हुआ, वह केवल छात्रों के हितों के लिए था।

उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का इस्तेमाल किसी फ्लॉप पार्टी के राजनीतिक कमबैक के लिए नहीं किया जा सकता। उनके निशाने पर सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी थी, जो छात्र आंदोलन के दौरान ग्राउंड जीरो पर छात्रों के बीच सक्रिय नजर आई थी।

बताया कि अब तक चुप क्यों रहे

अपने भाषण में राघव चड्ढा ने यह भी बताया कि वह अब तक इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं बोले। उन्होंने कहा कि कई लोग उनसे पूछ रहे थे कि वह नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) पर कब बोलेंगे।

उन्होंने कहा कि जब वह विपक्ष में थे, तब सवाल उठाना उनकी जिम्मेदारी थी और उन्होंने पूरी ईमानदारी से वह जिम्मेदारी निभाई। लेकिन अब वह ट्रेजरी बेंच (Treasury Bench) का हिस्सा हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी केवल सवाल पूछने की नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान देना है।

उन्होंने कहा कि वह कैमरों के सामने सिर्फ भाषण देने के बजाय उस समय का इंतजार कर रहे थे, जब सरकार इस समस्या का मजबूत और स्थायी समाधान लेकर आएगी।

75 दिनों में सरकार ने किए बड़े बदलाव

राघव चड्ढा ने कहा कि छात्रों का गुस्सा, दर्द और भावनाएं पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक अभिभावक की तरह छात्रों की बात सुनी और परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए।

उन्होंने बताया कि सरकार ने केवल 75 दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में चार्जशीट दाखिल कर दी। इसके अलावा भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अब नीट परीक्षा ओएमआर (OMR) शीट की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (Computer Based Test) यानी सीबीटी (CBT) प्रारूप में कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा सख्त कानून लेकर आ रही है, जिससे नकल माफिया और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले अपराधियों की रूह कांप उठेगी।

पेपर लीक को बताया पूरे देश की गंभीर समस्या

राघव चड्ढा ने पेपर लीक (Paper Leak) को पूरे देश में फैला संगठित अपराध और एक क्रॉनिक डिजीज (Chronic Disease) बताया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को किसी एक राज्य या किसी एक राजनीतिक दल के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह पूरे देश की समस्या है और इससे निपटने के लिए सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर काम करना होगा।

पंजाब का उदाहरण देकर बताई गंभीरता

अपने भाषण के दौरान राघव चड्ढा ने पंजाब (Punjab) की एक भर्ती परीक्षा का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि 19 जुलाई 2026 को पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा (Pharmacy Officer Recruitment Exam) के दौरान ब्लूटूथ (Bluetooth) डिवाइस के जरिए लाइव नकल कराई जा रही थी।

उन्होंने कहा कि इस नकल के लिए अभ्यर्थियों से 13-13 लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि पेपर लीक और नकल का नेटवर्क कितना संगठित और गंभीर हो चुका है।

सभी दलों से कानून का समर्थन करने की अपील

अपने संबोधन के अंत में राघव चड्ढा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एंटी पेपर लीक कानून का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य केवल दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा दोबारा मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष नहीं बनेगी, तब तक छात्रों का विश्वास बहाल नहीं होगा। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए इस कानून के समर्थन में एकजुट होकर आगे आना चाहिए।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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