‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ से गूंजा संसद परिसर, विजय चौक पर धरने पर बैठे INDIA ब्लॉक के नेता

Rahul Gandhi to Meet President: वोट चोरी और SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी समेत 10 विपक्षी सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से रात 8 बजे मुलाकात करेंगे। वहीं, विजय चौक पर INDIA ब्लॉक के नेता धरने पर बैठे हैं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 9 Oct 2026 8:09 PM IST (Updated on: 9 Oct 2026 8:19 PM IST)
Rahul Gandhi to Meet President with 10 Opposition MPs
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Image Source- Social Media

Rahul Gandhi to Meet President: वोट चोरी (Vote Chori) के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA Bloc) के सांसद संसद के सेंट्रल हॉल में जुटे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति भवन की ओर से करीब 10 सांसदों को शुक्रवार रात 8 बजे मिलने का समय दिया गया है। विपक्षी सांसद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।

इससे पहले इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद परिसर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाला बड़ा बैनर लेकर पहुंचे। बैनर पर ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ का नारा लिखा था। वहीं, राष्ट्रपति भवन की ओर जाने वाले रायसीना हिल्स इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में 10 सांसद राष्ट्रपति से मिलने के लिए राष्ट्रपति भवन जा रहे हैं, जबकि अन्य विपक्षी नेता और सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठ गए हैं।

राहुल गांधी ने नेहरू के ऐतिहासिक भाषण का किया जिक्र

संसद के सेंट्रल हॉल में जुटे इंडिया ब्लॉक के सांसदों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 के ऐतिहासिक भाषण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने इसी संसद के सेंट्रल हॉल में एक बेहद मशहूर भाषण दिया था और वह उसका कुछ हिस्सा सुनाना चाहते हैं।

राहुल गांधी ने नेहरू के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा, “यह भारत, पूरे एशिया और दुनिया के लिए एक अहम पल है। पूरब में आजादी का एक नया सितारा उदय हो रहा है, एक नई उम्मीद जगी है और एक लंबे समय से संजोया गया सपना सच हो रहा है। यह सितारा कभी अस्त न हो और वह उम्मीद कभी टूटे नहीं।”

राहुल गांधी ने इस ऐतिहासिक भाषण का हवाला देते हुए विपक्षी सांसदों के सामने अपनी बात रखी। उनका संबोधन ऐसे समय हुआ, जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रहा है।

गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों पर उठाए सवाल

इंडिया ब्लॉक की बैठक में राहुल गांधी ने पिछले कुछ वर्षों में आए चुनाव नतीजों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने खास तौर पर गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जिस तरह के नतीजे आए हैं, उन्हें देखकर उन्हें अब भी विश्वास नहीं होता कि ऐसा कैसे हुआ।

राहुल गांधी ने कहा कि देश के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जब उनके हाथ में सबूत आए, तब उन्हें इस मामले की गंभीरता का पता चला।

विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पारदर्शिता नहीं बरती गई और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी मुद्दे पर विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं और अब राष्ट्रपति के सामने भी अपनी शिकायतें रखने की तैयारी कर रहे हैं।

‘ज्ञानेश कुमार को विपक्षी सांसदों से मिलना ही होगा’

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि मामला सिर्फ उनके खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार को बर्खास्त करना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार खुद को समझते क्या हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का काम जनता के प्रतिनिधियों से मिलना है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ज्ञानेश कुमार को विपक्षी सांसदों से मिलना ही होगा, चाहे कुछ भी हो जाए। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग उनकी शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। इसी वजह से सांसद अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप की अपील करना चाहते हैं।

'वोट चोरी के खिलाफ देशभर में फैला आंदोलन'

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है। उनके मुताबिक, यह आंदोलन अब देशभर में फैल चुका है।

प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि बीते कुछ दिनों में विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का भी जिक्र किया।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष इस संघर्ष को लोकतांत्रिक सत्याग्रह के रूप में आगे बढ़ा रहा है। इसी के तहत राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा गया है। विपक्षी सांसद राष्ट्रपति के सामने चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते हैं, ताकि इन मामलों पर उनका ध्यान आकर्षित किया जा सके।

‘सभी 300 सांसद राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं’

कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने दावा किया कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 विपक्षी सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो चुनाव आयोग और न ही राष्ट्रपति से सभी सांसदों को मिलने का अवसर मिल पा रहा है।

नासिर हुसैन के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन की ओर से केवल 10 लोगों को मुलाकात की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि हर सांसद अपने संसदीय क्षेत्र और राज्य की स्थिति के साथ-साथ विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपना चाहता है।

उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि सभी सांसदों की बात सुनी जाए। विपक्ष का कहना है कि अलग-अलग राज्यों और संसदीय क्षेत्रों में सामने आए मुद्दों को राष्ट्रपति के सामने रखना जरूरी है, ताकि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जा सके।

रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात

विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने के लिए शुक्रवार रात 8 बजे का समय मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रतिनिधिमंडल में 10 नेता शामिल होंगे। विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी शिकायतें राष्ट्रपति के सामने रखने के लिए मुलाकात का समय मांगा था।

हालांकि, विपक्षी सांसदों की संख्या करीब 300 बताई जा रही है, लेकिन फिलहाल राष्ट्रपति भवन की ओर से 10 नेताओं को ही मिलने का समय दिया गया है। इसी को लेकर कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने सभी सांसदों को अपनी बात रखने का मौका दिए जाने की मांग की है।

विजय चौक पर विपक्ष का धरना

राष्ट्रपति भवन की ओर जाने वाले रायसीना हिल्स इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष के 10 सांसद राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए जा रहे हैं, जबकि अन्य विपक्षी नेता और सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठ गए हैं।

संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग वाला बैनर लेकर पहुंचना भी उनके विरोध का हिस्सा रहा। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर राजीव राय ने केंद्र को घेरा

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की आजादी नहीं है, तो यह अघोषित आपातकाल और तानाशाही का दौर है।

राजीव राय ने कहा, “बुझने से पहले दीपक की लौ तेज होती है, उसी तरह ये लोग भी छटपटा रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जितना डरेगी, उतना ही उत्पात मचाएगी। उन्होंने लोगों से तैयार रहने की अपील करते हुए कहा कि ये लोग कुछ भी कर सकते हैं।

समाजवादी पार्टी के सांसद ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन करने वाले युवा हैं और वे कोई दंगा या हिंसा भड़काने तो नहीं आ रहे हैं। उनका यह बयान 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन और उसे लेकर लगाए जा रहे प्रतिबंधों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है।

वोटर लिस्ट और SIR पर आमने-सामने विपक्ष और चुनाव आयोग

विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पारदर्शिता नहीं बरती गई और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल हैं। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहा है।

वहीं, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया और एसआईआर को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच टकराव जारी है।

अब शुक्रवार रात 8 बजे होने वाली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और विपक्षी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात पर नजर रहेगी। विपक्ष इस दौरान चुनाव प्रक्रिया, मतदाताओं के अधिकारों और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे उठाएगा। दूसरी ओर, विपक्ष की मांगों और आरोपों पर आगे क्या रुख सामने आता है, यह मुलाकात के बाद स्पष्ट होगा।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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