जीप में पीछे अखिलेश तो आगे राहुल, क्या यही है यूपी 2027 चुनाव में सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग फॉर्मुला?

दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की महारैली के दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक ही ओपन जीप में सवार नजर आए।

Sachin Singh
Published on: 1 Nov 2026 2:57 PM IST
जीप में पीछे अखिलेश तो आगे राहुल, क्या यही है यूपी 2027 चुनाव में सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग फॉर्मुला?
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Ramlila Maidan Rally: दिल्ली में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों की महारैली के दौरान सियासत का एक खास नजारा देखने को मिला। मिंटो रोड से रामलीला मैदान की ओर निकले विपक्षी नेताओं के काफिले में राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक ही ओपन बस में बैठे नजर आए। इस काफिले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला समेत कई बड़े नेता भी शामिल रहे।

नेता तीन खुली गाड़ियों में सवार होकर रैली स्थल की ओर बढ़े। राहुल गांधी और अखिलेश यादव का एक ही वाहन में दिखाई देना विपक्षी एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस तस्वीर के राजनीतिक मायने सिर्फ दिल्ली की रैली तक सीमित नहीं हैं। अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के रिश्तों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

रैली में उमड़ी भीड़, कांग्रेस और सपा के कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी

मिंटो रोड से लेकर रामलीला मैदान तक विपक्षी दलों के समर्थकों की हलचल दिखाई दी। मिंटो रोड पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपने नेताओं का इंतजार कर रहे थे, जबकि कई समर्थक पहले ही रामलीला मैदान पहुंच चुके थे। इस रैली में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भी अच्छी-खासी मौजूदगी बताई गई। भीड़ को लेकर दिल्ली पुलिस और कांग्रेस के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया।

पुलिस ने करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने की बात कही थी, जबकि कांग्रेस ने रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया। विपक्षी दलों ने एसआईआर की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अपनी मांगें रखीं। कांग्रेस के लिए यह आयोजन केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का मौका भी है। पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि राष्ट्रीय राजनीति में उसकी भूमिका अब भी महत्वपूर्ण है और विपक्षी गठबंधन में उसे कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।

यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस-सपा के बीच सीटों की खींचतान

राहुल गांधी और अखिलेश यादव का साथ दिखना इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस उत्तर प्रदेश में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी है और आधी सीटों पर दावेदारी की बात भी सामने आई है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी की ओर से कांग्रेस को अपने उम्मीदवारों की सूची सौंपने के लिए कहा गया है।

इसी खींचतान के बीच दोनों नेताओं की एक ही ओपन बस में मौजूदगी ने गठबंधन की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। राहुल गांधी आगे की तरफ बैठे थे, जबकि अखिलेश यादव उनके पीछे नजर आए। इस बैठने के क्रम से दोनों दलों की रणनीति या सीटों पर रुख को लेकर कोई पक्का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, लेकिन राजनीतिक नजरिए से यह तस्वीर जरूर अहम है। उत्तर प्रदेश में बीजेपी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का साथ रहना विपक्षी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

कांग्रेस के लिए शक्ति प्रदर्शन, गठबंधन के लिए भी अहम संदेश

रामलीला मैदान की इस महारैली के जरिए कांग्रेस अपनी राष्ट्रीय मौजूदगी और जनसमर्थन को सामने रखने की कोशिश कर रही है। पार्टी के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का जुटना आगामी चुनावों से पहले मनोबल बढ़ाने वाला हो सकता है। वहीं, विपक्षी गठबंधन के बड़े नेताओं का एक मंच और एक काफिले में दिखाई देना यह संदेश देने की कोशिश है कि चुनाव आयोग और एसआईआर जैसे मुद्दों पर विपक्ष मिलकर आवाज उठा रहा है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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