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'वोट चोरी से कानून और संस्थाओं तक...', ज्ञानेश कुमार पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, मांगा इस्तीफा
Rahul Gandhi Targets CEC: निर्वाचन आयोग विवाद के बीच राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी और अमित शाह की जांच का दावा किया।
Rahul Gandhi Targets CEC: निर्वाचन आयोग (Election Commission) में विवाद की खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव और पिछले कई विधानसभा चुनावों में धांधली हुई है। उनका कहना है कि अभी जितने सबूत सामने आए हैं, उससे कहीं ज्यादा सबूत उनके पास मौजूद हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि वह पिछले करीब तीन साल से लगातार वोट में गड़बड़ी और वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं और हर बार उन्होंने इसके सबूत भी दिए हैं।
राहुल गांधी ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की वीडियो भी दिखाई। इन वीडियो में दोनों नेता लंबे समय तक भारत में एनडीए और बीजेपी की सरकार रहने का दावा करते हुए सुनाई देते हैं। राहुल गांधी ने इसी दावे को आधार बनाते हुए सत्ता में लंबे समय तक बने रहने को लेकर सवाल उठाए और कहा कि आम तौर पर सरकारों को एंटी-इंकम्बेंसी (Anti-Incumbency) का सामना करना पड़ता है, लेकिन बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मामले में ऐसा नहीं हुआ।
BJP के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी क्यों नहीं हुई?
राहुल गांधी ने कहा कि एनडीए सरकार के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी होती ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी हुई थी और हर प्रधानमंत्री के साथ ऐसा हुआ है। राज्यों में भी मुख्यमंत्रियों के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी देखने को मिलती रही है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की सरकारों के खिलाफ ऐसा नहीं हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और जानते हैं कि कोई भी पार्टी या नेता कई वर्षों तक सत्ता में रहने का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध जीता था और इसके बाद वह अपनी लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गई थीं। लेकिन इसके कुछ साल बाद ही वह चुनाव हार गईं।
राहुल गांधी ने कहा कि यही चीज हर पार्टी के साथ हुई है, लेकिन बीजेपी के साथ ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों है।
'वोट खत्म कर दिया तो कानून का मतलब नहीं'
राहुल गांधी ने कहा कि वह लगातार यह बात कहते आ रहे हैं कि वोट में परेशानी है। उनके मुताबिक अगर वोट को ही खत्म कर दिया जाए तो न कानून का कोई मतलब रह जाता है और न ही संस्थाओं का।
उन्होंने कहा कि अब पूरे देश को पता चल रहा है कि हिंदुस्तान के वोट को नष्ट कर दिया गया है। राहुल गांधी ने सवाल किया कि यह काम किसने किया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य नेताओं की तस्वीर दिखाई और कहा कि इन लोगों ने वोट चोरी की, कानून चोरी किया और फिर संस्थाओं को चोरी किया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इसके बाद सभी संस्थाओं में आरएसएस के लोगों को भर दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर वोट चोरी हुई है तो जो भी कानून बनाए गए हैं, वे सारे गैर-कानूनी हैं, क्योंकि वोट ही कानून का केंद्र है।
उन्होंने कहा कि वह यह बात आज नहीं कह रहे हैं, बल्कि पिछले तीन साल से कहते आ रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी वोट की रक्षा करना है और पूरी व्यवस्था इसी के आसपास चलती है। अगर वोट ही सुरक्षित नहीं है तो फिर कुछ भी नहीं है।
'मैं हवा में कुछ नहीं कह रहा'
राहुल गांधी ने कहा कि वह हवा में कोई बात नहीं कह रहे हैं। उनके पास इस मामले में और भी ज्यादा सबूत मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि अभी जितने सबूत सामने आए हैं, उससे कहीं ज्यादा सबूत उनके पास हैं और जब उन्हें जारी किया जाएगा तो लोगों को समझ आएगा कि आखिर क्या हो रहा है।
राहुल गांधी ने लोकसभा और पिछले कई विधानसभा चुनावों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वह 100 प्रतिशत मानते हैं कि लोकसभा चुनाव और पिछले कई विधानसभा चुनावों में धांधली हुई थी। राहुल गांधी ने कहा कि वह यह बात काफी समय से कहते आ रहे हैं।
'अब दो चुनाव आयुक्त भी कह रहे हैं'
राहुल गांधी ने कहा कि अब दो चुनाव आयुक्त (Election Commissioners) भी इस बारे में कह रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर भी सवाल उठाया।
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने चुना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी चिट्ठी में पहले ही लिखा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) को चुनने की प्रक्रिया स्वतंत्र होनी चाहिए और उस पर प्रधानमंत्री या किसी दूसरे व्यक्ति का दबाव नहीं होना चाहिए। लेकिन उनके मुताबिक ऐसा नहीं हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी के साथ कानून चोरी होती है और जब कानून चोरी होती है तो संस्था चोरी होती है। उन्होंने कहा कि यही पूरी चेन बनी हुई है। आज वोट गया तो कानून बनाने की प्रणाली भी चली गई।
'देशद्रोहियों को सजा मिलेगी'
राहुल गांधी ने दावा किया कि संस्थानों के अंदर से सूचना लीक हो रही है। उन्होंने 18 सितंबर को आलंद में वोट चोरी के मुद्दे को उठाने का जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि 28 अक्टूबर से दोनों चुनाव आयुक्तों ने विरोध करना शुरू कर दिया, क्योंकि जनता का दबाव बढ़ना शुरू हो गया था।
उन्होंने कहा कि लोगों को समझने की कोशिश करनी चाहिए कि दोनों चुनाव आयुक्त आखिर क्या कहना चाहते हैं। राहुल गांधी के मुताबिक उनका कहना है कि देश में वोट मौजूद नहीं है और इसके लिए वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार मानते हैं।
राहुल गांधी ने फिर सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति किसने की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने उनकी नियुक्ति की है।
राहुल गांधी ने कहा कि उनके पास इस पूरे मामले में बहुत सारे सबूत हैं। जब वे इन सबूतों को जारी करेंगे तो लोगों को समझ आएगा कि क्या हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के चुनाव टूट चुके हैं और लोकसभा से पारित हुए विधेयक भी सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि सांसदों को चुनकर भेजने वाला संस्थान ही बर्बाद हो चुका है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि वह ज्ञानेश कुमार को समझाना चाहते हैं कि आखिर यहां हो क्या रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं और उन्हें समझना चाहिए कि यह देश के साथ वोट चोरी का मामला है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के जूनियर्स ने सही काम किया है और उन्हें भी उसी तरह अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि उनके पास पूरे सबूत हैं, जिनसे यह साबित होगा कि क्या हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बात को समझना जरूरी है और वह देश के लोकतंत्र (Democracy) को बगल में बैठकर मरने नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि इस काम को करने वाले लोगों को आज नहीं तो कल सजा मिलेगी। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से कहा कि उन्हें ढंग से सोचना होगा कि वह किस जगह पर हैं। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार सामने आते हैं तो यह राष्ट्रभक्ति का काम होगा।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि क्या हो रहा है और वे इसे सामने लाएंगे। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को भी पता है कि उन्हें क्या पता है।
मोदी-शाह की जांच का दावा
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ जांच की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इन दोनों की जांच होगी और यही दोनों इस पूरे मामले में सबसे ऊपर हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि वह देश की जनता से वादा करते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की इस मामले में जांच होगी। उन्होंने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, उनकी जांच करवाई जाएगी।
राहुल गांधी के पूरे बयान का केंद्र वोट, चुनावी प्रक्रिया (Electoral Process), निर्वाचन आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर लगाए गए आरोप रहे। उन्होंने कहा कि वोट सुरक्षित नहीं है तो कानून और संस्थाओं का भी कोई मतलब नहीं रह जाता। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में वह इस मामले से जुड़े और सबूत सामने रखेंगे।


