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राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में 31 शर्तों पर बवाल, राजीव गांधी की हत्या के जिक्र से भड़की कांग्रेस
Rahul Gandhi Indore Event: राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पुलिस ने 31 सुरक्षा शर्तें रखीं। वर्मा आयोग और राजीव गांधी की हत्या के जिक्र पर कांग्रेस ने सवाल उठाए।
Rahul Gandhi Indore event: इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के शनिवार को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा शर्तों का दस्तावेज राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। दस्तावेज में 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद गठित वर्मा आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस का कहना है कि वर्मा आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ केवल कार्यक्रम के आयोजकों की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां स्पष्ट करने के लिए दिया गया है। वहीं कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया है और राहुल गांधी की SPG सुरक्षा हटाए जाने का भी जिक्र किया है।
क्या है वर्मा आयोग का संदर्भ?
कांग्रेस के मुताबिक, पुलिस के सुरक्षा शर्तों वाले दस्तावेज में कहा गया है कि वर्मा आयोग की रिपोर्ट में कार्यक्रम आयोजकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका का विस्तार से विश्लेषण किया गया था। दस्तावेज में 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में हुए आत्मघाती हमले का भी संदर्भ है, जिसमें राजीव गांधी की हत्या हुई थी।
राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा चूकों की जांच के लिए वर्मा आयोग का गठन किया गया था। पुलिस ने इसी रिपोर्ट को कार्यक्रम आयोजकों की जिम्मेदारी समझाने के लिए संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल किया है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम की सुरक्षा शर्तों में पहली बार राजीव गांधी की हत्या का इस तरह उल्लेख किया गया है। उन्होंने इसे लेकर बीजेपी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
पटवारी ने राहुल गांधी की SPG सुरक्षा वर्ष 2019 में हटाए जाने का भी जिक्र किया और कहा कि अब उनके कार्यक्रम की अनुमति से जुड़े दस्तावेज में उनके पिता की हत्या का संदर्भ दिया जा रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश कर रही है।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम में आने वाली भीड़ और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को पूरी जानकारी नहीं दी जा रही थी।
उन्होंने कहा कि वर्मा आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख राहुल गांधी के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए किया गया है। उनके मुताबिक, यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा सकती है, इसलिए आयोजकों की जिम्मेदारियां पहले से स्पष्ट की जा रही हैं।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में 31 शर्तें
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने कहा कि राहुल गांधी को Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त है और कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारियों की आयोजकों के साथ बैठकें हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्मा आयोग की रिपोर्ट को केवल आयोजकों की जिम्मेदारियों के संदर्भ के रूप में शामिल किया गया है।
कांग्रेस के अनुसार, पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा शर्तों में:
कार्यक्रम के लिए कम से कम 1,500 स्वयंसेवक तैनात करने को कहा गया है।
इनमें कम से कम 500 महिला स्वयंसेवक शामिल होंगी।
निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने पर पुलिस को प्रवेश सीमित करने का अधिकार होगा।
आपत्तिजनक या भड़काऊ तस्वीरें, बैनर, पोस्टर और होर्डिंग नहीं लगाए जा सकेंगे।
किसी धर्म, जाति, समुदाय या राजनीतिक/गैर-राजनीतिक संगठन के खिलाफ ऐसे बयान नहीं दिए जा सकेंगे, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर आयोजकों को पुलिस के निर्देशों का पालन करना होगा।
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शनिवार को इंदौर में आयोजित होना है। कार्यक्रम को लेकर पुलिस और कांग्रेस के बीच सुरक्षा शर्तों को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।


