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केन-बेतवा परियोजना पर राहुल गांधी का बड़ा ऐलान, आदिवासियों से बोले- ‘साथ हूं, सरकार पर बनाएंगे दबाव’
Rahul Gandhi Ken-Betwa Project: केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासियों से राहुल गांधी मिले। उन्होंने कहा कि वह संघर्ष में उनके साथ हैं और सरकार पर दबाव बनाएंगे।
Rahul Gandhi Ken-Betwa Project: केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के खिलाफ आंदोलन कर रहे आदिवासियों के समर्थन में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सामने आए हैं। बुधवार को उन्होंने परियोजना से प्रभावित आदिवासी समुदाय के लोगों से हुई हालिया मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया। राहुल गांधी ने कहा कि वह आदिवासियों की लड़ाई में उनके साथ हैं और उनके मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाएंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि सत्याग्रह कर रहे आदिवासी समुदाय के लोगों ने उन्हें अपनी समस्याएं, मांगें और संघर्ष के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोग वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें सम्मान व समर्थन मिलना चाहिए।
‘आदिवासी बहुल 21 गांव होंगे प्रभावित’
आदिवासी प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी को बताया कि केन-बेतवा परियोजना से आदिवासी बहुल करीब 21 गांव प्रभावित होंगे। उनका दावा है कि परियोजना के चलते बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई होगी और पन्ना बाघ अभयारण्य के पर्यावरण पर भी असर पड़ सकता है।
प्रतिनिधियों ने परियोजना के कारण विस्थापन और आजीविका से जुड़े संकट की आशंका जताई। उनका कहना है कि जमीन जाने से कई परिवारों के सामने भविष्य और रोजगार का सवाल खड़ा हो जाएगा।
7 हजार परिवारों की 11,500 एकड़ जमीन का दावा
आदिवासी प्रतिनिधि के मुताबिक, परियोजना के तहत करीब 7 हजार परिवारों की लगभग 11,500 एकड़ जमीन प्रभावित हो रही है। उन्होंने राहुल गांधी से संसद में इस मुद्दे को उठाने और प्रशासन की ओर से कथित उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
वीडियो में राहुल गांधी ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि वह उनके संघर्ष में शामिल होंगे और मौके पर पहुंचकर स्थिति को समझेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।
क्या है केन-बेतवा लिंक परियोजना?
केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है, जिसे नेशनल पर्सपेक्टिव प्लान के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश की केन नदी के अतिरिक्त पानी को उत्तर प्रदेश की बेतवा नदी तक पहुंचाना है।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित इलाकों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बढ़ाना है। सरकार इसे क्षेत्र की जल समस्या से निपटने और कृषि को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखती है।
हालांकि, परियोजना को लेकर पर्यावरण और विस्थापन से जुड़े सवाल लगातार उठते रहे हैं। प्रभावित आदिवासी समुदायों का आरोप है कि विकास परियोजना की कीमत उन्हें अपनी जमीन, जंगल और आजीविका गंवाकर चुकानी पड़ सकती है।
राहुल गांधी के समर्थन से आंदोलन को मिल सकता है राजनीतिक बल
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ चल रहे आदिवासियों के सत्याग्रह में राहुल गांधी के समर्थन से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ सकती है। राहुल गांधी ने जिस तरह मौके पर पहुंचने और सरकार पर दबाव बनाने की बात कही है, उससे कांग्रेस इस मुद्दे को संसद से लेकर जमीन तक उठाने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
अब देखना होगा कि राहुल गांधी के संभावित दौरे के बाद केंद्र और राज्य सरकार परियोजना से प्रभावित लोगों की मांगों पर क्या रुख अपनाती हैं और पर्यावरण तथा विस्थापन से जुड़े सवालों का समाधान किस तरह किया जाता है।


