'बिल्कुल मंजूर नहीं परिसीमन बिल...', किरेन रिजिजू से Rahul Gandhi की दो टूक, रखीं ये शर्तें

Delimitation Bill Row: परिसीमन (Delimitation) बिल पर राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू से साफ कहा कि विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही गृह मंत्री अमित शाह के बयान और राम मंदिर मुद्दे पर चर्चा की दो मांगें दोहराईं। सरकार के विशेष सत्र प्रस्ताव पर भी कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट किया।

Aditya Kumar Verma
Published on: 6 Aug 2026 3:20 PM IST
Rahul Gandhi Delimitation Bill Row
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Delimitation Bill Row: संसद के मॉनसून सत्र का हर दिन लगातार हंगामे की भेंट चढ़ता जा रहा है। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात के दौरान साफ कर दिया कि परिसीमन (Delimitation) बिल विपक्ष को स्वीकार नहीं है।

राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार राजनीतिक दलों से अलग-अलग मुलाकात करने के बजाय इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुला रही है। सूत्रों के मुताबिक, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से उनके कक्ष में मुलाकात की थी, जहां दोनों के बीच इस पूरे मुद्दे पर बातचीत हुई।

सरकार ने दिया विशेष सत्र का प्रस्ताव

बुधवार को भी संसद में हंगामे की स्थिति बनी रही। इसी दौरान संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से मुलाकात की।

इस बैठक में सरकार की ओर से कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को परिसीमन (Delimitation) बिल पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव दिया गया।

सरकार ने कांग्रेस से कहा कि वह 16, 17 और 18 अगस्त को परिसीमन (Delimitation) बिल पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहती है।

इस प्रस्ताव पर कांग्रेस ने जवाब दिया कि वह पहले अपनी पार्टी और विपक्ष के अन्य दलों से चर्चा करेगी, उसके बाद सरकार को अपना रुख बताएगी।

राहुल गांधी ने दो मांगें दोहराईं

बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सरकार के सामने विपक्ष की दो प्रमुख मांगें भी दोहराईं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का बयान और राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले पर चर्चा कराए बिना संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकती।

राहुल गांधी ने साफ कहा कि इन दोनों मांगों के पूरा होने के बाद ही सदन सामान्य तरीके से चल सकता है।

कांग्रेस की ओर से भी कहा गया कि परिसीमन (Delimitation) बिल पर पार्टी जल्द ही सरकार के साथ अपना आधिकारिक रुख साझा करेगी।

सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाने पर उठाया सवाल

राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू से यह सवाल भी किया कि सरकार राजनीतिक दलों से अलग-अलग मुलाकात करने के बजाय इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुला रही है।

उन्होंने कहा कि परिसीमन (Delimitation) बिल जैसे अहम मुद्दे पर सभी दलों के साथ एक मंच पर चर्चा होनी चाहिए।

13 अगस्त के बाद भी बन सकता है विशेष सत्र का रास्ता

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार परिसीमन (Delimitation) बिल पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है।

मौजूदा मॉनसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होगा, लेकिन इसके बाद सत्रावसान (Prorogation) नहीं किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जल्द विशेष सत्र बुलाया जा सके। हालांकि सरकार इसी योजना पर आगे बढ़ रही है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में सरकार

सूत्रों के मुताबिक सरकार संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में जरूरी दो-तिहाई बहुमत सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।

बताया जा रहा है कि जैसे ही सरकार को पर्याप्त समर्थन मिलने का भरोसा होगा, 16 अगस्त से तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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