क्या गर्भवती पत्रकार को राहुल गांधी ने दिया धक्का? अस्पताल में भर्ती ऋचा पराशर ने बताया क्या हुआ

Rahul Gandhi Controversy: गर्भवती पत्रकार ऋचा पराशर ने अस्पताल से दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें धक्का दिया गया। कांग्रेस ने वीडियो पर सवाल उठाए, बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी। जानें पूरा मामला।

Alakha Singh
Published on: 13 Oct 2026 2:36 PM IST
क्या गर्भवती पत्रकार को राहुल गांधी ने दिया धक्का? अस्पताल में भर्ती ऋचा पराशर ने बताया क्या हुआ
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Journalist Richa Parashar Controversy: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीन महीने की गर्भवती पत्रकार ऋचा पराशर को धक्का देने और उनका हाथ खींचने का आरोप लगा है। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना को लेकर मंगलवार को राजनीतिक विवाद तेज हो गया। पत्रकार ने अस्पताल से NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में आरोप लगाया कि घटना के बाद कांग्रेस समर्थकों ने उनकी मदद करने के बजाय उन्हें झूठा बताने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की।

ऋचा पराशर न्यूज वेबसाइट Oneindia के लिए रिपोर्टिंग करती हैं। वह फिलहाल दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उनके मुताबिक, घटना में उन्हें मामूली चोटें आई हैं, जबकि गर्दन और पैर में दर्द है। उन्होंने दावा किया कि उनका फोन टूट गया और माइक का रिसीवर भी निकल गया। दूसरी ओर, कांग्रेस ने आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सामने आए वीडियो में राहुल गांधी की ओर से पत्रकार को धक्का देने या उनका हाथ खींचने की बात स्पष्ट रूप से साबित नहीं होती।

'राहुल गांधी ने मेरा हाथ खींचा, मैं घुटनों और पेट के बल गिरी'

NDTV से बातचीत में ऋचा पराशर ने दावा किया कि राहुल गांधी ने पहले उनका हाथ पकड़ा और खींचा। उनके मुताबिक, जब उनके कैमरापर्सन ने इस घटनाक्रम को रिकॉर्ड किया तो उसे भी धक्का दिया गया।

पत्रकार ने कहा कि वह घुटनों और पेट के बल गिर गईं और उनका कैमरापर्सन भी उनके ऊपर गिर पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के बाद कांग्रेस समर्थक 'राहुल गांधी जिंदाबाद' के नारे लगाने लगे, जिससे उनकी आवाज दब गई।

ऋचा ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि नेता प्रतिपक्ष या उनके समर्थक उनकी स्थिति के बारे में पूछेंगे और पानी जैसी बुनियादी मदद देंगे। लेकिन, उनके अनुसार, मदद करने के बजाय उनसे सवाल किए गए और उन्हें झूठा बताया गया।

उन्होंने कांग्रेस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती। पत्रकार का कहना है कि वह एक-दो दिन में बेहतर महसूस करने की उम्मीद कर रही हैं और अपना काम जारी रखेंगी।

कांग्रेस ने वीडियो पर उठाए सवाल, अलका लांबा ने भी किया पलटवार

इस मामले में कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो साझा किए हैं। उनका तर्क है कि भीड़ और अफरातफरी के बीच रिकॉर्ड हुए धुंधले वीडियो में राहुल गांधी को पत्रकार को धक्का देते या उनका हाथ खींचते हुए स्पष्ट रूप से नहीं देखा जा सकता।

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऋचा के आरोपों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने घटनाक्रम के समय और अस्पताल पहुंचने के समय के बीच अंतर का हवाला देते हुए बीजेपी पर मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

लांबा ने गर्भावस्था के दौरान प्रदर्शन में जाने के जोखिम और एक्स-रे कराए जाने के दावे पर भी सवाल उठाए। हालांकि, ऋचा पराशर ने NDTV से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनका कोई एक्स-रे नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी गर्भावस्था की जानकारी हाल ही में दी थी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही रिपोर्टिंग कर रही थीं।

ऋचा ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे अस्पताल आकर उनकी स्थिति देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता भी कर सकते हैं।

बीजेपी नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

पत्रकार के मुताबिक, बीजेपी के कुछ नेता अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लेने आए। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पत्रकार की मदद करने के बजाय उनके दावों पर सवाल उठाए।

हालांकि, राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने आए वीडियो से स्पष्ट रूप से नहीं होती है। ऐसे में घटना के वास्तविक क्रम और जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने हैं।

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद

यह घटनाक्रम दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान सामने आया। विपक्षी दलों का प्रदर्शन कथित 'वोट चोरी' और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर था।

प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने इसमें शामिल लोगों का आभार जताया और कहा कि यह इस बात का शक्तिशाली प्रदर्शन था कि भारत के लोगों को डराया नहीं जा सकता।

इस बीच, विपक्ष ने अपने आंदोलन को केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध तक सीमित रखने के बजाय व्यापक 'लोकतांत्रिक प्रदर्शन' का रूप देने की रणनीति अपनाई है। इसका उद्देश्य अलग-अलग वर्गों और आयु समूहों के लोगों को आंदोलन से जोड़ना बताया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी में कड़ी सुरक्षा के बीच कॉकroach जनता पार्टी (CJP) भी अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन कर रही है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

ऋचा पराशर से जुड़ा विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया केंद्र बन गया है। फिलहाल, राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों और कांग्रेस की सफाई के बीच घटना की स्वतंत्र पुष्टि अहम होगी।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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