‘राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया, सबूत मांगे’, राहुल गांधी का बड़ा दावा, विजय चौक हंगामा!

Rahul Gandhi Meets President: राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद दावा किया कि उन्होंने वोट चोरी के आरोपों पर सबूत मांगे हैं। वहीं, अभिषेक बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को जेल भेजने की मांग की और उमर अब्दुल्ला ने परिसीमन पर सवाल उठाए।

Aditya Kumar Verma
Published on: 9 Oct 2026 9:28 PM IST
Rahul Gandhi Meets President on Vote Chori
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Image Source- Social Media

Rahul Gandhi Meets President: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल रखा है। पिछले तीन दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेता शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने पहुंचे। इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) में शामिल करीब 10 दलों के नेता कांग्रेस के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिले और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के साथ-साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) का मुद्दा भी उठाया।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों से इनकार नहीं किया, बल्कि सबूत मांगे हैं। दूसरी तरफ, विजय चौक पर प्रियंका गांधी की अगुवाई में विपक्षी सांसदों ने धरना दिया और नारेबाजी की। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने तो ज्ञानेश कुमार को सिर्फ पद से हटाने के बजाय उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई, गिरफ्तारी और जेल भेजने की मांग कर दी। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने परिसीमन को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए।

‘राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया, सबूत मांगे’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष ने उनके सामने वोट चोरी के आरोपों का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने इन आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे सबूत पेश करने को कहा।

राहुल गांधी ने कहा, “राष्ट्रपति के साथ हमारी मुलाकात हुई। एक तरह से मैं आश्चर्यचकित रह गया, जब हमने राष्ट्रपति को वोट चोरी के बारे में बताया तो उन्होंने मना नहीं किया। उन्होंने ये नहीं कहा कि देश में चुनाव चोरी नहीं हो रहे। उन्होंने कहा कि सबूत लाइए। अब हम खुशी से सबूत ले जाएंगे। पूरा देश जानता है कि देश में वोट चोरी हो रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि वे इसके बारे में सोचेंगी और एक्शन लेंगी। मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।”

राहुल गांधी के इस बयान के बाद वोट चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। हालांकि, राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया को लेकर राहुल गांधी ने जो बातें कहीं, वे उनके बयान पर आधारित हैं। विपक्ष अब राष्ट्रपति के सामने सबूत रखने की बात कह रहा है।

विजय चौक पर प्रियंका गांधी की अगुवाई में धरना

जब राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में मुलाकात के लिए पहुंचा, उस दौरान बाकी विपक्षी सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठ गए। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने की। सांसदों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगें दोहराईं।

धरने में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और सांसद अभिषेक बनर्जी मौजूद रहे। इनके अलावा कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, रंजीत रंजन और रेणुका चौधरी समेत कई विपक्षी नेता भी धरने में शामिल हुए।

नारेबाजी कर रहे सांसदों ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति से उम्मीद है कि वह लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए कार्रवाई करेंगी। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग भी दोहराई।

‘ज्ञानेश कुमार को हटाने से काम नहीं चलेगा, जेल भेजा जाए’

विजय चौक पर धरने के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि केवल उन्हें पद से हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी होनी चाहिए।

अभिषेक बनर्जी ने कहा, “ज्ञानेश कुमार को हटाने से समस्या हल नहीं होगी, जब तक कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू न हो, उन्हें गिरफ्तार न किया जाए और जेल न भेजा जाए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि अगले कुछ वर्षों तक भारत में कोई और ज्ञानेश कुमार न हो। पूरे सिस्टम को बदलना होगा। पूरे मैकेनिज्म को बदलना होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि 2023 में कुमार को दी गई छूट को खत्म करना होगा। अभिषेक बनर्जी ने मौजूदा व्यवस्था की तुलना ताश के पत्तों के ढेर से करते हुए कहा कि हर चीज पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें गद्दार भी कहा।

अभिषेक बनर्जी की मांग केवल मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने व्यवस्था में बदलाव और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिसमें आने वाले वर्षों में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।

उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के परिसीमन पर उठाए सवाल

राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हुए परिसीमन (Delimitation) का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि आखिर वहां परिसीमन क्यों किया गया था।

उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हमारे मामले (जम्मू-कश्मीर) में परिसीमन क्यों किया गया? क्या यह सिर्फ बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं किया गया था? सात सीटें बढ़ाई गईं। उन सात सीटों में से बीजेपी कितनी जीती? छह। इससे सब कुछ साफ हो जाता है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भी विपक्ष कह रहा था कि चुनाव आयोग जम्मू-कश्मीर में लोगों के जनादेश को बदलने के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत कर रहा है। उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि वही पैटर्न अब भी जारी है।

उनके बयान से साफ है कि विपक्ष चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए केवल एसआईआर तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन जैसे मुद्दों को भी अपनी शिकायतों के हिस्से के तौर पर उठा रहा है।

राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे ये 10 विपक्षी नेता

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए विपक्षी दलों की ओर से 10 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। इसमें कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ अलग-अलग विपक्षी दलों के प्रमुख नेता शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, मनोज झा, उमर अब्दुल्ला, ममता बनर्जी, डी राजा, टी तिरुमावलवन, एमए बेबी, राजीव राय और सुप्रिया सुले शामिल थे। ये सभी नेता राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने पहुंचे।

विपक्षी नेताओं का मकसद चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी शिकायतें राष्ट्रपति के सामने रखना है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है और चाहता है कि कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की जाए।

SIR और वोट चोरी के आरोपों पर जारी है सियासी टकराव

विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) के दौरान पारदर्शिता नहीं बरती गई और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत इंडिया ब्लॉक के कई दल लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच हो। राष्ट्रपति से मुलाकात और विजय चौक पर धरने के जरिए विपक्ष ने अपनी मांगों को फिर दोहराया है।

राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद दावा किया कि राष्ट्रपति ने उनसे सबूत मांगे हैं और इस मामले पर विचार करने की बात कही है। वहीं, अभिषेक बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग उठाई। उमर अब्दुल्ला ने परिसीमन का मुद्दा उठाकर चुनाव आयोग पर सवाल किए।

इस तरह वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष का विरोध अब राष्ट्रपति तक पहुंच गया है। आने वाले समय में विपक्ष की ओर से पेश किए जाने वाले सबूतों और इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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