राहुल गांधी की रैली से गायब रहे 215 नेता, 60 सस्पेंड; MP के पदाधिकारियों पर गिरी गाज

राहुल गांधी की दिल्ली रैली से गैरहाजिर रहने पर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारी सस्पेंड। 9 जिला अध्यक्ष भी शामिल। जानिए शादी, बीमारी और पारिवारिक कारणों से कौन नहीं पहुंचा।

Alakha Singh
Published on: 5 Nov 2026 11:24 AM IST (Updated on: 5 Nov 2026 11:26 AM IST)
राहुल गांधी की रैली से गायब रहे 215 नेता,  60 सस्पेंड; MP के पदाधिकारियों पर गिरी गाज
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भोपाल/नई दिल्ली: राहुल गांधी की रैली में नहीं पहुंचना मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों को भारी पड़ गया। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली से गैरहाजिर रहने पर संगठन ने नौ जिला अध्यक्षों समेत 60 नेताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई ने युवा कांग्रेस के भीतर हलचल मचा दी है। दिलचस्प बात यह है कि निलंबित नेताओं की गैरमौजूदगी के पीछे कोई राजनीतिक बगावत नहीं, बल्कि शादी, परिवार में बच्चे का जन्म, रिश्तेदार की मौत और बीमारी जैसी वजहें सामने आई हैं।

एक जिला अध्यक्ष ने तो यहां तक सफाई दी कि उनके बड़े भाई के घर 12 साल बाद बेटे का जन्म हुआ था। परिवार में इस खुशी के मौके पर मौजूद रहने के कारण वह दिल्ली नहीं पहुंच सके। वहीं, किसी ने चाचा के निधन तो किसी ने अपनी और परिवार की बीमारी को गैरहाजिरी की वजह बताया है। अब इन नेताओं की दलील है कि संगठन को कार्रवाई से पहले उनका पक्ष सुनना चाहिए था।

राहुल गांधी की रैली से गैरहाजिरी पर 60 नेताओं पर गिरी गाज

एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली आयोजित की गई थी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने इस मंच से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा था। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई थी।

इस आयोजन में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारी नहीं पहुंचे। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद तीन नवंबर को इनके निलंबन का आदेश जारी किया गया। कार्रवाई की जद में नौ जिला अध्यक्ष, पांच उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव आए हैं। सभी का निलंबन अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

युवा कांग्रेस नेतृत्व ने इसे संगठनात्मक अनुशासन का मामला माना है। संदेश साफ है कि बड़े राजनीतिक आयोजनों में पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी को हल्के में नहीं लिया जाएगा। हालांकि, निलंबित नेताओं ने कार्रवाई के तरीके और संगठन की ओर से उनका पक्ष नहीं सुने जाने पर सवाल उठाए हैं।

देशभर में नेताओं पर कार्रवाई:

ताजा अपडेट के अनुसार, यह कार्रवाई अब सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रही है। हिंदुस्तान टाइम्स और द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय युवा कांग्रेस ने आठ राज्यों और उत्तर प्रदेश के केंद्रीय संगठन में कुल 215 पदाधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें मध्य प्रदेश के 60, गुजरात के 49, झारखंड के 32, पश्चिम बंगाल के 26, तेलंगाना के 14, हिमाचल प्रदेश के 13, उत्तर प्रदेश सेंट्रल के 11 और हरियाणा के 10 पदाधिकारी शामिल हैं।

12 साल बाद भतीजे का जन्म, जिला अध्यक्ष नहीं पहुंचे दिल्ली

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, मैहर के जिला अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने अपनी गैरमौजूदगी की वजह पारिवारिक खुशी बताई। उनके बड़े भाई के घर 12 साल बाद बेटे का जन्म हुआ था। ऐसे में वह परिवार के इस खास मौके पर मौजूद रहना चाहते थे।

सौरभ शर्मा का दावा है कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के दूसरे पदाधिकारियों को अपनी मजबूरी बता दी थी। यहां तक कि पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण भी दिया था। उनका कहना है कि वह लंबे समय से युवा कांग्रेस में सक्रिय हैं और संगठन के कार्यक्रमों में लगातार हिस्सा लेते रहे हैं।

सौरभ ने निलंबन के फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है। उनका सवाल है कि जिन नेताओं ने बिना किसी ठोस वजह के कार्यक्रम से दूरी बनाई, उनके खिलाफ कार्रवाई समझ आती है, लेकिन वास्तविक पारिवारिक मजबूरी वाले पदाधिकारियों को भी उसी तराजू पर तौलना कहां तक उचित है?

किसी के चाचा की मौत, कोई बहन की शादी में व्यस्त

निलंबित महासचिव रोहित राजौरिया ने बताया कि उनके चाचा का निधन हो गया था। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारी रमाशंकर को इसकी जानकारी देकर रैली में शामिल नहीं हो पाने की अनुमति मांगी थी।

वहीं, युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने अपनी छोटी बहन की शादी को गैरहाजिरी की वजह बताया। उनका कहना है कि परिवार में वह इकलौते भाई हैं और शादी की तैयारियों की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। उन्होंने वरिष्ठ पदाधिकारियों को अपनी स्थिति से अवगत कराने का दावा किया है।

बीमारी का हवाला, फोन तक नहीं उठा पाए नेता

अनूपपुर जिला अध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा ने बताया कि खराब तबीयत के कारण वह दिल्ली नहीं जा सके। उन्होंने स्वीकार किया कि अपनी अनुपस्थिति की सूचना प्रदेश नेतृत्व को पहले नहीं दे पाए। उनके मुताबिक, उनकी पूरी टीम रैली में शामिल हुई थी और सदस्यों के टिकट भी बुक थे। संवाद की कमी के कारण उनकी गैरमौजूदगी को गलत तरीके से लिया गया।

उपाध्यक्ष राजवीर सिंह कुड़िया ने भी गंभीर रूप से अस्वस्थ होने की बात कही। वहीं, महासचिव सुमन मौर्य का कहना है कि मौसम बदलने के कारण उन्हें बुखार, खांसी और जुकाम हो गया था। तबीयत इतनी खराब थी कि वह वरिष्ठ नेताओं के फोन तक नहीं उठा सकीं।

युवा कांग्रेस प्रभारी ने बताई कार्रवाई की वजह

मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रभारी शिवी सिंह चौहान ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पदाधिकारियों की उपस्थिति, संगठन के नेतृत्व के साथ उनके संवाद और पिछले रिकॉर्ड को ध्यान में रखकर फैसला लिया गया है।

उनके मुताबिक, जिन पदाधिकारियों ने पहले ही अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी थी, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। यानी संगठन का दावा है कि निलंबन का फैसला बिना किसी आधार के नहीं लिया गया, बल्कि नेताओं के पूर्व संवाद और संगठनात्मक सक्रियता को भी परखा गया है।

अब इस कार्रवाई के बाद युवा कांग्रेस के भीतर अनुशासन बनाम व्यक्तिगत मजबूरी की बहस छिड़ गई है। सवाल यह भी है कि क्या राहुल गांधी की रैली में उपस्थिति संगठनात्मक निष्ठा का पैमाना बन गई है, या फिर नेतृत्व और पदाधिकारियों के बीच संवाद की कमी ने इस विवाद को जन्म दिया?

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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