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RSS के बचाव में उतरे राहुल गांधी? 'कांग्रेस सम्मेलन' में किया चौकाने वाला ऐलान, बोले- ‘उनके अधिकारों की रक्षा मेरी जिम्मेदारी’
Rahul Gandhi Support RSS: रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में राहुल गांधी के आरएसएस को लेकर दिए बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में हर विचार और उसकी अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा होनी चाहिए।
Rahul Gandhi Support RSS: राजधानी दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित 'रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन' के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के राजनीतिक हालात पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए एक बड़ा बयान दिया। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में हर विचार को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। उन्होंने ऐलान किया कि यदि कल को देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारों और उनकी अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का प्रयास होगा, तो वे खुद उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सबसे आगे खड़े होंगे। वे हर नागरिक की अभिव्यक्ति की रक्षा करेंगे।
'पुराना संघ अब बदल चुका है, कॉरपोरेट का कब्जा'
संगठन के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि अतीत में छोटे व्यापारी, दुकानदार और स्थानीय कारीगर इस संगठन की असली ताकत हुआ करते थे। लेकिन केंद्र सरकार की नोटबंदी और जटिल जीएसटी की मार से यह वर्ग पूरी तरह तबाह हो गया। यह छोटे कारोबारियों के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमोद महाजन के समय संघ में बड़े पूंजीपतियों के असर की शुरुआत हुई थी, जिसे नरेंद्र मोदी ने पूरा कर दिया। राहुल के अनुसार, अब पुराना वैचारिक संघ समाप्त हो चुका है। आज का संघ केवल देश के बड़े उद्योगपतियों और कॉरपोरेट घरानों के हितों की पूर्ति करने का जरिया बनकर रह गया है।
'अभिव्यक्ति की आजादी दबाने में जुटी है सरकार'
संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने जनता के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश का युवा अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता है, तब सरकार कानून व्यवस्था का बहाना बनाकर उन्हें रोक देती है। राहुल ने कहा कि 3000 साल पुराने इस महान देश में लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। अब भारत के नागरिक निर्भीक होकर अपनी बात कह रहे हैं। लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सबसे बड़ी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम बहुत सीधा है और वे सरकार को अपनी नीतियों पर लगातार घेरते रहेंगे।
संसद सत्र और गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर कटाक्ष
सत्ता पक्ष के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की जागती जनता के कारण प्रधानमंत्री की रातों की नींद उड़ चुकी है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाते हुए कहा कि खुद को चाणक्य बताने वाले नेता लगभग 20 दिनों तक चलने वाले संसद सत्र में आने से कतराते रहे। राहुल गांधी के अनुसार, सत्ता में बैठे लोग पहली बार भारतीय लोकतंत्र की असली शक्ति को महसूस कर रहे हैं। वे समझ चुके हैं कि देश की जनता अब किसी दबाव के सामने नहीं झुकेगी और अपनी बात मजबूती से रखेगी। लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना सरकार का पहला कर्तव्य है।
विदेश नीति, गले मिलने का प्रदर्शन और प्रेस कॉन्फ्रेंस
सरकार की कूटनीति पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने कहा कि केवल किसी को गले लगा लेने से विदेश नीति नहीं बन जाती। उन्होंने मंच पर संदीप दीक्षित को गले लगाकर इस बात का अनूठा प्रदर्शन किया। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा कभी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने पर भी सवाल खड़े किए। राहुल ने कहा कि सीधे और तीखे सवालों का जवाब देने से बचने के लिए ही मीडिया से दूरी बनाई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तानाशाही रवैये को स्वीकार नहीं करेंगे और देश के लोगों के अधिकारों की आवाज हमेशा उठाते रहेंगे।


