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‘भारत माता को बेच दिया…’ अमेरिका से ट्रेड डील पर संसद में भड़के राहुल गांधी, डेटा और डॉलर पर मोदी सरकार को घेरा
Rahul Gandhi Speech: अपने भाषण की शुरुआत में राहुल गांधी ने वैश्विक हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस वक्त जियोपॉलिटिकल टकराव के दौर से गुजर रही है।
Rahul Gandhi Speech (photo: social media)
Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। लंबे विवाद के बाद सदन को संबोधित करते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में समझौता किया है और भारत के डिजिटल डेटा से समझौता देश के भविष्य के साथ समझौता है।
'हम अस्थिरता की दुनिया में जी रहे हैं'
अपने भाषण की शुरुआत में राहुल गांधी ने वैश्विक हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस वक्त जियोपॉलिटिकल टकराव के दौर से गुजर रही है।
उन्होंने कहा, "यूक्रेन में युद्ध है, गाजा में युद्ध है, मिडिल ईस्ट में तनाव है। हम स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। डॉलर को चुनौती दी जा रही है और अमेरिका का दबदबा सवालों के घेरे में है।" राहुल ने दावा किया कि दुनिया एक नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिसका स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं है।
'भारतीय डेटा सबसे बड़ी ताकत'
कांग्रेस नेता ने कहा कि 21वीं सदी की असली संपत्ति “डेटा” है और भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी आबादी के रूप में सबसे बड़ा डेटा बेस है।
उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका अपने डॉलर को बचाना चाहता है तो उसे भारतीय डेटा की ज़रूरत है। भारतीय आबादी बोझ नहीं, सबसे बड़ी एसेट है।" राहुल गांधी का आरोप था कि केंद्र सरकार ने ट्रेड डील में भारत के डेटा हितों से समझौता किया है।
डिजिटल ट्रेड पर सरकार को घेरा
राहुल ने आरोप लगाया कि समझौते में:
- डिजिटल ट्रेड रूल्स पर भारत का नियंत्रण कमजोर किया गया
- डेटा लोकलाइजेशन की अनिवार्यता हटाई गई
- अमेरिका में फ्री डेटा फ्लो की अनुमति दी गई
- डिजिटल टैक्स पर सीमा तय की गई
- सोर्स कोड डिस्क्लोज़र की शर्तें कमजोर की गईं
- बड़ी विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में छूट देने की बात शामिल है
उन्होंने कहा कि ये कदम भारत को डिजिटल सुपरपावर बनने से रोक सकते हैं।
'हम ट्रंप के नौकर नहीं'
राहुल गांधी ने तीखे शब्दों में कहा, "अगर हम बातचीत करते तो साफ कहते कि भारत बराबरी की शर्तों पर बात करेगा। हम किसी के नौकर नहीं हैं।" उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और कृषि हितों को भी प्रमुख मुद्दा बताया और कहा कि भारत अपने किसानों और ऊर्जा जरूरतों से समझौता नहीं करेगा।
पाकिस्तान पर भी उठाया सवाल
राहुल ने अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान के बराबर खड़ा करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा, "हमें पाकिस्तान के बराबर नहीं बनाया जाएगा।
सियासी पारा चढ़ा
राहुल गांधी के इस भाषण के बाद सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बीजेपी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे “राष्ट्रीय हित का सवाल” करार दिया।
बता दे, अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज होती दिख रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सियासी गलियारों में और गरमाने की संभावना है।


