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'वोट चोरी' का दावा या सियासी PPT? राहुल गांधी के आरोपों पर सुधांशु त्रिवेदी का बड़ा हमला
BJP Slams Rahul Gandhi: राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ और चुनाव में धांधली के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया। सुधांशु त्रिवेदी ने ECI रिपोर्ट, Form 6 और एंटी-इनकंबेंसी के दावों पर सवाल उठाए।
Image Source- Social Media
BJP Slams Rahul Gandhi: भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पलटवार किया। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस को 'बेकार' बताया। उन्होंने राहुल गांधी पर बिना आधार के दावे करने का आरोप लगाया और चुनाव आयोग (Election Commission) को लेकर सामने आई एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर उनके सामने एक पीपीटी (PPT) पेश की है, जो आमतौर पर किसी अज्ञात, चर्चित और संदिग्ध सोर्स से आती है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से पेश किए गए दावों और उनकी राजनीतिक समझ पर भी सवाल उठाया।
'राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की जानकारी नहीं'
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि सत्ता-विरोधी लहर (Anti-Incumbency) भारतीय राजनीति की स्थापित सच्चाई है और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद भी यह उसके खिलाफ दिखाई नहीं देती।
बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीति की समझ और ज्ञान बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि सत्ता-विरोधी लहर कांग्रेस के खिलाफ काफी स्थिर और मजबूत रही है।
उन्होंने तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस 1967 के बाद से वहां कभी सत्ता में वापस नहीं आई है। इसके बाद उन्होंने बिहार का उदाहरण दिया और कहा कि कांग्रेस 1990 से राज्य की सत्ता में नहीं है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि लालू यादव की सरकार लगातार तीन कार्यकाल तक सत्ता में रही, लेकिन राहुल गांधी को इसकी जानकारी नहीं है।
उन्होंने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस 1999 से वहां सत्ता में नहीं है और बीजू जनता दल लगातार 25 साल तक सत्ता में रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी लगातार सत्ता में रही हैं। इसके अलावा उन्होंने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कम्युनिस्ट पार्टी लगातार सत्ता में रही।
रिपोर्ट पर भी सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों से जुड़ी खबर पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने पूछा कि क्या उस खबर में चुनाव आयोग का कोई बयान शामिल है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग का बयान नहीं है तो किस आधार पर यह कहा जा रहा है कि चुनाव आयुक्तों ने ऐसा कहा है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए भी किसी समाचार रिपोर्ट में संबंधित व्यक्ति से विधिवत पूछताछ और उसका बयान लिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या उस रिपोर्ट में संबंधित व्यक्ति का बयान कोट किया गया है। उनके मुताबिक इसका जवाब नहीं है।
उन्होंने आगे पूछा कि क्या एक भी ऐसी रिपोर्ट मौजूद है, जिसमें यह बताया गया हो कि चुनाव आयोग का कोई फैसला सर्वसम्मति (Unanimous) से नहीं लिया गया था। उन्होंने इसका जवाब भी नहीं में दिया।
फॉर्म 6 में बदलाव के दावे को नकारा
बीजेपी सांसद ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) और फॉर्म 6 को लेकर भी राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाया।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत फॉर्म 6 में बदलाव किया गया था, लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ है।
उन्होंने माता-पिता के नाम जोड़े जाने को लेकर किए गए दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसा बयान केवल कांग्रेस के लोग ही दे सकते हैं। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि भारत की पहली मतदाता सूची (Voter List) 1952 में तैयार की गई थी।
राज्यों में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों से राज्यों में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि राज्यों में भी चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति होती है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए पूछा कि कितने राज्यों में विपक्ष के नेता चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया में शामिल होते हैं।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि कितने राज्यों में राज्य के मुख्य न्यायाधीश इस चयन प्रक्रिया में शामिल होते हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने दोनों सवालों का जवाब हां या ना में देने की चुनौती दी।
ट्रंप और यूएसएआईडी का भी जिक्र
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी यानी यूएसएआईडी (USAID) की ओर से दी जा रही लाखों डॉलर की फंडिंग रोक दी है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ट्रंप ने दावा किया था कि यूएसएआईडी भारत में मतदान बढ़ाने के लिए फंडिंग कर रही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत में मतदान बढ़ाने के लिए किसी विदेशी एजेंसी की ओर से लाखों डॉलर क्यों खर्च किए जा रहे थे और इसका भारत में मतदान से क्या लेना-देना था।
इसके बाद उन्होंने कहा कि अब समझ आ गया होगा कि यह किस बारे में था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि असल बात विदेशी वोटों के आधार पर सत्ता हासिल करने की चाह रखने वालों के सपनों के कांच की तरह चकनाचूर होने की है।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव प्रक्रिया (Electoral Process) को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की थी।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वोट की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन वोट चोरी से लोकतंत्र (Democracy) और नागरिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित अलग-अलग चुनावों में हेराफेरी की गई है। राहुल गांधी ने कहा कि वह 50 साल से भारतीय राजनीति देख रहे हैं और सत्ता-विरोधी लहर भारतीय राजनीति की सच्चाई है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि आज वोट को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में धांधली की गई और वोट चोरी के जरिए चुने गए सांसद कानून बना रहे हैं।
मोदी-शाह पर भी राहुल गांधी का निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का 'रक्षक' बताया। उन्होंने अमित शाह का एक वीडियो भी दिखाया और कहा कि बीजेपी लंबे समय से चुनावों में अपनी जीत का दावा करती रही है।
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि चुनावी व्यवस्था में मौजूदा स्थिति के लिए ज्ञानेश कुमार जिम्मेदार हैं और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र को खत्म नहीं होने दिया जाएगा। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आज नहीं तो कल इन लोगों को सजा मिलेगी।
इस तरह राहुल गांधी के चुनावी प्रक्रिया और वोट चोरी के आरोपों के बाद बीजेपी ने पलटवार करते हुए उनके दावों और उनके द्वारा पेश किए गए तथ्यों पर सवाल उठाए हैं। एक तरफ राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की है, वहीं बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए रिपोर्ट और राहुल गांधी के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।


