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कौन हैं रेहान वाड्रा? जिनकी तस्वीरें हटाने पर मचा घमासान, शशि थरूर का तीखा हमला!
रेहान वाड्रा की बीकानेर हाउस प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर विवाद बढ़ा। शशि थरूर ने सेंसरशिप पर सवाल उठाए। जानिए कौन हैं प्रियंका गांधी के बेटे रेहान, उनकी उम्र, शिक्षा और फोटोग्राफी का सफर।
Raihan Vadra Photography: दिल्ली के बीकानेर हाउस में फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 70 से अधिक तस्वीरें हटाए जाने का विवाद अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कला पर सेंसरशिप की बहस में बदल गया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस कार्रवाई पर तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे आजादी पसंद लोकतंत्र के रूप में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। वहीं, इस विवाद के केंद्र में आए 26 वर्षीय रेहान वाड्रा की पहचान भी चर्चा में है। वह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे तथा राहुल गांधी के भांजे हैं। लेकिन रेहान की पहचान केवल एक राजनीतिक परिवार के सदस्य की नहीं है। वह फोटोग्राफी, वन्यजीवों, स्ट्रीट फोटोग्राफी और विजुअल आर्ट में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
कौन हैं रेहान वाड्रा? राजनीति से अलग चुना कला का रास्ता
पूरा नाम: रेहान राजीव वाड्रा
उम्र: 26 वर्ष
जन्म: 29 अगस्त 2000
माता-पिता: प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा
पहचान: फोटोग्राफर, विजुअल आर्टिस्ट और क्यूरेटर
शिक्षा: द दून स्कूल, देहरादून; SOAS, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में राजनीति की पढ़ाई।
(PC:रेहान वाड्रा अपनी दोस्त व कथित प्रेमिका अवीवा बेग के साथ)
रेहान देश के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में से एक से आते हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और सोनिया गांधी के नाती तथा राहुल गांधी के भांजे हैं। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन और सक्रिय राजनीति के बजाय कला और फोटोग्राफी को अपना करियर बनाया है।
रेहान ने देहरादून के द दून स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद 2019 में वह लंदन स्थित स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (SOAS), यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन पहुंचे, जहां उन्होंने राजनीति की पढ़ाई की। हालांकि, उनका पेशेवर झुकाव फोटोग्राफी और विजुअल आर्ट की ओर रहा।
सात साल की उम्र में मिला कैमरा, जंगलों से शुरू हुआ सफर
रेहान की फोटोग्राफी में दिलचस्पी बचपन में ही शुरू हो गई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी मां प्रियंका गांधी ने उन्हें करीब सात साल की उम्र में कैमरा दिया था। परिवार के साथ जंगलों और वन्यजीव अभयारण्यों की यात्राओं ने इस शौक को आगे बढ़ाया।
बचपन में वह उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और राजस्थान के रणथंभौर में वन्यजीवों की तस्वीरें खींचते थे। शुरुआत में उनके पास साधारण पॉइंट-एंड-शूट कैमरा था। धीरे-धीरे यह शौक गंभीर रुचि और फिर पेशेवर काम में बदल गया।
रेहान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह लंबे समय तक वन्यजीव फोटोग्राफर बनना चाहते थे। बाद में उनकी रुचि का दायरा बढ़ा और उन्होंने लोगों, शहरों, सड़कों, आयोजनों तथा रोजमर्रा की जिंदगी को अपने कैमरे में दर्ज करना शुरू किया।
क्रिकेट की चोट ने बदली जिंदगी, दो साल तक फोटोग्राफी से रहे दूर
रेहान की जिंदगी में 2017 में एक बड़ा मोड़ आया। स्कूल में क्रिकेट खेलते समय उनकी बाईं आंख में चोट लग गई और उनकी उस आंख की दृष्टि प्रभावित हुई। इसके चलते उन्हें करीब दो साल तक फोटोग्राफी से दूरी बनानी पड़ी, क्योंकि दूसरी आंख पर भी अधिक दबाव पड़ने की आशंका थी।
हालांकि, इस मुश्किल अनुभव ने उनके कला संबंधी नजरिये को भी प्रभावित किया। 2021 में उनकी पहली एकल प्रदर्शनी Dark Perception में अंधकार, रोशनी, समय और किसी चीज को देखने के अलग-अलग नजरियों जैसे विषय शामिल थे।
रेहान ने पहले दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि चोट के बाद उन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी की ओर भी रुख किया। उनके लिए कैमरा केवल तस्वीर लेने का साधन नहीं, बल्कि यह समझने का तरीका भी बना कि लोग एक ही चीज को अलग-अलग नजरिये से कैसे देखते हैं।
रेहान की पहली तीन प्रदर्शनियां किस बारे में थीं?
1. Dark Perception (2021)
उनकी पहली एकल प्रदर्शनी। इसमें अंधकार, रोशनी, समय और धारणा के बीच संबंधों को तलाशा गया। यह उनके आंख की चोट के बाद विकसित हुए कलात्मक नजरिये से भी जुड़ी थी।
2. Anumana (2022)
इस प्रदर्शनी में चुनाव, स्वतंत्रता, यादों, अनुभवों और इंसान के फैसलों जैसे विचारों को कलात्मक रूप दिया गया।
3. Upamana (2024)
इसमें तुलना, नियंत्रण, भावनाओं और स्मृतियों जैसे विषयों को तस्वीरों, रोशनी, ध्वनि और इंस्टॉलेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
इन प्रदर्शनियों में एक समान बात यह रही कि रेहान केवल तस्वीरें प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं रहे। वह दर्शकों को एक विचार या अनुभव से जोड़ने की कोशिश करते हैं। उनकी योजनाओं में भारतीय दर्शन की पांच प्रमाण-पद्धतियों से प्रेरित प्रदर्शनियों की एक श्रृंखला तैयार करना भी शामिल रहा है।
क्या रेहान वाड्रा राजनीति में आएंगे?
रेहान पहले भी राजनीति में संभावित प्रवेश की अटकलों को खारिज करते हुए अपने रचनात्मक काम पर ध्यान देने की बात कह चुके हैं। मई 2025 में द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मेरी दिलचस्पी सिर्फ कला की राजनीति में है।”
बीकानेर हाउस में क्या हुआ? 105 में से 74 तस्वीरें हटाने को कहा गया
रेहान की नई एकल प्रदर्शनी का नाम No Idea Is Final है। इसमें कुल 105 तस्वीरें लगाने की योजना थी। इनमें दिल्ली में हाल के महीनों में हुए छात्र और युवा आंदोलनों तथा विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों के साथ वन्यजीवों, लोगों और शहरों से जुड़ी कलाकृतियां भी शामिल थीं।
रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी खुलने से कुछ घंटे पहले उन्हें 74 तस्वीरें हटाने या बदलने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि उन्हें इन तस्वीरों के समय और संदर्भ को लेकर आपत्ति जताई गई। उनके अनुसार, उन्होंने पहले ही राजनीतिक नारे और राजनीतिक दलों या नेताओं पर केंद्रित तस्वीरें हटा दी थीं और नियमों के अनुसार सहयोग करने की पेशकश भी की थी।
रेहान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि शुरुआत में उन्होंने चार-पांच तस्वीरें हटाने पर भी सहमति जताई थी, बशर्ते उन्हें कारण बताया जाए। लेकिन उनके मुताबिक, अंततः लगभग 70 तस्वीरें हटाने को कहा गया और स्पष्ट कारण नहीं दिया गया।
रेहान की मां प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेटे का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि जब ताकत रखने वाला व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह अनजाने में अपनी ताकत खो चुका होता है। उन्होंने रेहान से कहा कि वह सच और सुंदरता के पक्ष में खड़े रहें और अपने काम पर गर्व करें


