पहाड़ों में भारी बारिश से हाहाकार! 15 हजार यात्री फंसे; 6 हेलीकॉप्टर से चल रहा रेस्क्यू अभियान

Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में भारी बारिश और मौसम के हाई अलर्ट के बीच 15 हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों को रोका गया है। केदारनाथ से 1200 यात्रियों का रेस्क्यू हुआ, 6 हेलीकॉप्टर तैनात हैं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 28 Sept 2026 10:42 AM IST
Uttarakhand Rain Alert
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Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में भारी बारिश ने पहाड़ों के सफर, चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) और ट्रैकिंग (Trekking) पर ब्रेक लगा दिया है। रविवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 15 हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों (Pilgrims) को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया। केदारनाथ (Kedarnath) से करीब 1200 यात्रियों का रेस्क्यू किया गया है। वहीं कालिंदी ट्रैक (Kalindi Track) समेत कई जगहों पर फंसे पर्यटकों और ट्रैकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) शुरू कर दिया गया है।

मौसम के हाई अलर्ट (Weather High Alert) को देखते हुए छह हेलीकॉप्टर (Helicopters) तैनात किए गए हैं। संभावित रेस्क्यू प्वाइंट के आसपास हेलीपैड (Helipad) चिन्हित किए जा रहे हैं और एनडीआरएफ (NDRF) तथा एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें भी तैनात की गई हैं। हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) और फूलों की घाटी (Valley of Flowers) जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी आगे जाने से रोक दिया गया है। दूसरी ओर, केदारनाथ यात्रा रविवार को पूरी तरह बंद रही।

मौसम साफ हुआ तो आज होगा रेस्क्यू

पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि कालिंदी ट्रैक समेत कुछ स्थानों पर ट्रैकिंग के लिए गए पर्यटक और उनके साथ मौजूद पोर्टर फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित नीचे लाने के लिए छह हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मौसम साफ होने की स्थिति में सोमवार को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा।

प्रशासन की ओर से संभावित रेस्क्यू प्वाइंट के आसपास हेलीपैड चिन्हित किए गए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात हैं, ताकि मौसम की स्थिति बेहतर होते ही राहत और बचाव अभियान तेज किया जा सके।

केदारनाथ से लेकर गंगोत्री तक यात्रियों को रोका

भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को गौरीकुंड, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी में रोक दिया गया। गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों को बड़कोट, दोबाटा और खराड़ी में रोका गया है।

हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों को घांघरिया और गोविंद घाट से आगे नहीं बढ़ने दिया गया। फूलों की घाटी भी रविवार को बंद रही। सिरोबगड़ में भी मार्ग दिनभर बंद होता रहा। गंगोत्री-यमुनोत्री राजमार्ग (Gangotri-Yamunotri Highway) भी दिनभर कई बार बंद रहा। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा रविवार को भी ठप रही।

15 हजार से ज्यादा यात्री अलग-अलग जगहों पर रुके

केदारनाथ जाने वाले करीब पांच हजार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। इनमें करीब एक हजार यात्री केदारनाथ धाम में रुके हुए हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले करीब सात हजार यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर रोका गया है।

हेमकुंड साहिब जाने वाले करीब 1100 तीर्थयात्री घांघरिया गुरुद्वारा में रुके हैं, जबकि 200 से 300 यात्री होटलों में ठहरे हुए हैं। करीब 1200 तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट में रोका गया है। वहीं करीब 200 पर्यटकों को फूलों की घाटी जाने से रोक दिया गया है।

कालिंदी ट्रैक पर 18 ट्रैकर बेस कैंप में सुरक्षित

उत्तरकाशी में कालिंदी ट्रैक पर 18 ट्रैकरों (Trekkers) के फंसे होने की सूचना के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी 18 ट्रैकरों के बेस कैंप में सुरक्षित होने की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन का सभी ट्रैकरों से लगातार संपर्क बना हुआ है। मौसम साफ होने के बाद सोमवार को हेलीकॉप्टर से इलाके की रेकी (Aerial Reconnaissance) की जाएगी। इसके बाद जरूरत के मुताबिक आगे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा।

घांघरिया और गोविंदघाट में रोके गए श्रद्धालु

ज्योतिर्मठ में मौसम के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों को घांघरिया में रोक दिया गया। गुरुद्वारा ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रबंधक सेवा सिंह के मुताबिक करीब 1100 तीर्थयात्री घांघरिया गुरुद्वारे में रुके हुए हैं।

इसके अलावा 200 से 300 यात्री अलग-अलग होटलों में ठहरे हैं। करीब 1200 तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट में भी रोका गया है। प्रशासन का जोर यात्रियों को खराब मौसम के बीच आगे जाने से रोककर सुरक्षित स्थानों पर रखने पर है।

सोनप्रयाग और गौरीकुंड में भी रोक

रुद्रप्रयाग में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ धाम की यात्रा रविवार को पूरी तरह बंद रही। सोनप्रयाग से गुप्तकाशी तक करीब पांच हजार यात्री होटल और विश्राम गृहों में रुके हुए हैं, जबकि करीब एक हजार यात्री केदारनाथ में मौजूद हैं।

रविवार को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे और यात्रियों को आगे जाने से रोक दिया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रविवार को पैदल मार्ग पर आवाजाही नहीं हुई। सोमवार को मौसम की स्थिति देखने के बाद यात्रा को लेकर फैसला लिया जाएगा।

29 घंटे बंद रहा पिथौरागढ़-घाट एनएच

पिथौरागढ़ में भी बारिश और पहाड़ियों से गिर रहे पत्थरों और बोल्डरों ने मुश्किल बढ़ा दी। पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग (Pithoragarh-Ghat National Highway) पर पिछले चार दिनों से पहाड़ियों से लगातार पत्थर और बोल्डर गिर रहे थे। इसके चलते एनएच करीब 29 घंटे तक बाधित रहा।

एई डीएस जरमाल ने बताया कि रास्ता खोलने के लिए दोनों तरफ से चार-चार मशीनें लगाई गईं। इसके बाद अब यहां यातायात सुचारु कर दिया गया है। वहीं एसडीआरएफ से मिली जानकारी के मुताबिक सब इंस्पेक्टर डुंगर सिंह अधिकारी के नेतृत्व में जवानों ने करीब 1100 यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से सुरक्षित पार कराया।

रुद्रनाथ ट्रैक पर खाई में गिरा यात्री

गोपेश्वर में रुद्रनाथ ट्रैक (Rudranath Trek) पर भी हादसा हुआ। सगर गांव से करीब चार किलोमीटर आगे एक यात्री पहाड़ी से फिसलकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर रेस्क्यू अभियान चलाया और घायल यात्री को खाई से बाहर निकाला। एसडीआरएफ के अनुसार रविवार को रुद्रनाथ ट्रैक पर अशोक, उम्र 36 वर्ष, पुत्र श्रीकांत, निवासी मद्रास, खाई में गिर गए थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

भारी बारिश और मौसम के हाई अलर्ट के बीच प्रशासन ने फिलहाल यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगाई है। अलग-अलग ट्रैक और यात्रा मार्गों पर फंसे लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। मौसम साफ होने के बाद हेलीकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू और रेकी का काम आगे बढ़ाया जाएगा।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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