'देश में कुछ बड़ा होने वाला है, PM की कुर्सी भी खाली रह सकती है', Raj Thackeray के दावे से सनसनी

Raj Thackeray Prediction: राज ठाकरे ने अगले 4-5 महीनों में देश में बड़े राजनीतिक बदलाव की आशंका जताई। MNS प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली रह सकती है। जानिए NEET आंदोलन, EVM और बैलेट पेपर पर क्या बोले।

Alakha Singh
Published on: 22 Oct 2026 10:43 PM IST (Updated on: 22 Oct 2026 10:46 PM IST)
देश में कुछ बड़ा होने वाला है, PM की कुर्सी भी खाली रह सकती है, Raj Thackeray के दावे से सनसनी
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Raj Thackeray Statement: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं, NEET आंदोलन और चुनाव में बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज ठाकरे ने दावा किया कि अगले 2 से 5 महीनों के भीतर देश में कुछ बड़ा हो सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि आने वाले समय में ऐसी स्थिति भी बन सकती है, जब देश के पास प्रधानमंत्री न हो। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

राज ठाकरे की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब देश में लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया और सत्ता परिवर्तन को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के 'रिजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। राज ठाकरे ने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी संजय राउत से बातचीत हुई है।

राज ठाकरे ने यह टिप्पणी मुंबई प्रेस क्लब में फोटो प्रदर्शनी ‘द डांस ऑफ डेमोक्रेसी’ के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। उन्होंने सरकार की नीतियों, जनता के बढ़ते असंतोष और चुनावी पारदर्शिता के सवालों को एक-दूसरे से जोड़ते हुए कहा कि लगातार गलतियां होने पर व्यापक जनविरोध की स्थिति बन सकती है।

NEET आंदोलन का जिक्र कर BJP पर साधा निशाना

राज ठाकरे ने NEET परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन में आखिर अराजकता कहां थी?

MNS प्रमुख ने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और इसके बाद हालात बिगड़ने के लिए प्रदर्शनकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने ऐसा कुछ नहीं किया था, जिसके लिए उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता।

राज ठाकरे ने बीजेपी को उसके पुराने आंदोलनों की याद दिलाते हुए कहा कि पार्टी को अपने अतीत में हुए विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें देखनी चाहिए। उनका इशारा इस बात की ओर था कि जब बीजेपी विपक्ष में थी, तब उसने भी सरकारों के खिलाफ आंदोलन और प्रदर्शन किए थे। ऐसे में छात्रों के विरोध को लेकर अलग-अलग मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।

बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई

राज ठाकरे ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए एक बार फिर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2018 से ही इस व्यवस्था की वकालत कर रहे हैं और इस मुद्दे पर चुनाव आयुक्तों से भी मुलाकात कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि मतदाता के मन में यह भरोसा होना जरूरी है कि उसका वोट सही तरीके से दर्ज हुआ है। उनके मुताबिक, चुनाव में कौन जीता और कौन हारा, यह अलग विषय है, लेकिन मतदाता को अपने वोट की विश्वसनीयता को लेकर संतुष्टि होनी चाहिए।

राज ठाकरे ने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई देशों में बैलेट पेपर से मतदान होता है, इसलिए भारत में भी इस व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग दोहराई।

उन्होंने चुनाव परिणामों में लगने वाले समय पर भी सवाल उठाया। राज ठाकरे का कहना था कि यदि बैलेट पेपर से मतदान कराने और मतगणना में कुछ दिन अधिक लगते हैं, तो इसमें नुकसान क्या है? उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में तेजी से ज्यादा जरूरी मतदाता का भरोसा है।

'देश की जनता सड़कों पर उतरे तो हैरानी नहीं होगी'

राज ठाकरे ने देश में लोकतंत्र की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यदि देश की जनता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करती है, तो उन्हें इसमें कोई हैरानी नहीं होगी।

अमेरिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेताओं की खुलकर आलोचना की जा सकती है, जबकि भारत में लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। राज ठाकरे ने मौजूदा हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र की स्थिति चिंताजनक है।

उनके बयान का सबसे चर्चित हिस्सा अगले दो से पांच महीनों में देश में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की संभावना और प्रधानमंत्री का पद खाली रहने की आशंका से जुड़ा रहा। हालांकि, राज ठाकरे ने इस संभावित घटनाक्रम के पीछे कोई स्पष्ट वजह, ठोस घटनाक्रम या विशिष्ट राजनीतिक योजना नहीं बताई। इसलिए उनके इस बयान को फिलहाल एक राजनीतिक आशंका या भविष्यवाणी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि किसी तय राजनीतिक बदलाव की पुष्टि के रूप में।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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