India Nuclear Blackmailing: भारत किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगाः राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के हनोई में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए भारत को एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बताया।

Newstrack/IANS
Published on: 18 May 2026 8:22 PM IST (Updated on: 18 May 2026 11:13 PM IST)
Rajnath Singh
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भारत परमाणु हथियार पहले इस्तेमाल न करने की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है। भारत की नीति हमेशा शांति और जिम्मेदारी पर आधारित रही है, लेकिन भारत किसी भी प्रकार के ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ को स्वीकार नहीं करेगा। यदि कोई देश भारत को परमाणु धमकी देने की कोशिश करेगा, तो भारत उसके सामने झुकने वाला नहीं है। यह बात सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में भारत की परमाणु नीति का जिक्र करते हुए कही।

रक्षामंत्री राजनाथ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने एक बार फिर दुनिया को देश की सैन्य क्षमता, साहस और निर्णायक शक्ति का परिचय कराया। भारतीय जवानों ने जिस प्रकार अद्भुत पराक्रम दिखाया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का भारत कमजोर नहीं, बल्कि हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र है।

सोमवार को हनोई पहुंचे राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय से संवाद के दौरान पाकिस्तान की ओर इशारा किया। रक्षामंत्री ने कहा कि जब-जब भारत के खिलाफ आतंकवाद या अस्थिरता फैलाने की कोशिश हुई है, भारत ने उसका मजबूती से जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत को अस्थिर करने का प्रयास करती हैं, लेकिन भारत अब ऐसे प्रयासों को सहन नहीं करेगा।

रक्षामंत्री ने कहा कि देश के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कर्तव्य, ईमानदारी और राष्ट्रहित की भावना की होती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को कभी केवल पद या प्रतिष्ठा के लिए काम नहीं करना चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज में अक्सर बड़े पदों पर बैठे लोगों को अधिक महत्व दिया जाता है, लेकिन वास्तव में हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई व्यक्ति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाता है, तो वही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनता है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य को अहंकार से बचना चाहिए, क्योंकि अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है। विनम्रता, अनुशासन और सेवा की भावना ही व्यक्ति को महान बनाती है। भारत की सभ्यता और संस्कृति ने हमेशा मानवता, न्याय और समानता का संदेश दिया है। सरकार का प्रयास है कि विकास और न्याय समाज के हर वर्ग, हर गरीब और हर क्षेत्र तक पहुंचे। इसके लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आज भारत की प्रगति केवल सरकार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास, परिश्रम, बलिदान और नई आकांक्षाओं का परिणाम है। दुनिया आज भारत को नई दृष्टि से देख रही है।

भारत की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है और देश हर अवसर को अपने सुनहरे भविष्य में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रक्षामंत्री ने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत केवल नारे नहीं, बल्कि देश के भविष्य का संकल्प हैं। भारत ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब वह तेजी से वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत अब कमजोर राष्ट्र नहीं रहा, बल्कि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और निर्णायक भारत बन चुका है। रक्षामंत्री ने स्पष्ट कहा कि देश के रक्षा मंत्री होने के नाते वह देशवासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि यदि किसी ने भारत के साथ छेड़छाड़ की तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।

भारत के पास अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने भारतीय सेना के जवानों की वीरता और साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि हाल के अभियानों ने साबित कर दिया है कि भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति में देश की रक्षा करने में सक्षम है।

उन्होंने कहा कि पहले कई बार घटनाओं की वास्तविक तस्वीर दुनिया के सामने नहीं आ पाती थी, लेकिन अब पूरी दुनिया भारतीय जवानों की क्षमता और पराक्रम को देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत आज आत्मविश्वास से भरा हुआ राष्ट्र है और देश हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सेना, वैज्ञानिक, युवा और देशवासी मिलकर भारत को विकसित और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे प्रभावशाली देशों में शामिल होगा और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका और अधिक मजबूत होगी।

Shivam Shrivastava

Shivam Shrivastava

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Shivam Shrivastava is Senior Content Writer

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