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राम मंदिर में फिर बड़ा फेरबदल, अनिल मिश्रा के दो करीबी हटाए गए; 'बड़े बाबू' की भी मंदिर में एंट्री बंद
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा मामले के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। अनिल मिश्रा के करीबी माने जाने वाले केडी तिवारी और बजरंग पाठक को मंदिर से हटाया गया।
Ayodhya Ram Mandir Chadhava Chori: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की जांच के बीच प्रशासनिक स्तर पर बदलाव का सिलसिला जारी है। अब पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के दो करीबी माने जाने वाले कर्मचारियों केडी तिवारी उर्फ 'बड़े बाबू' और बजरंग पाठक को मंदिर की व्यवस्थाओं से हटा दिया गया है। दोनों को बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेजा गया है और मंदिर परिसर में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
कीमती चढ़ावे का हिसाब रखते थे केडी तिवारी
केडी तिवारी को मंदिर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली हुई थी। वह रामलला को समर्पित कीमती आभूषणों और श्रद्धालुओं की ओर से दी जाने वाली मूल्यवान वस्तुओं का हिसाब-किताब रखने की व्यवस्था से जुड़े थे।
दूसरे कर्मचारी बजरंग पाठक की जिम्मेदारी मंदिर आने वाले वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए प्रसाद और अंगवस्त्र की व्यवस्था से जुड़ी थी। दोनों को पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा का भरोसेमंद और करीबी बताया जाता रहा है।
हालांकि, मौजूदा कार्रवाई को चढ़ावा चोरी मामले में दोनों के खिलाफ किसी आपराधिक आरोप की पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, तत्काल कार्रवाई एक अलग शिकायत और प्रशासनिक विवाद के बाद हुई है।
महिला सीओ की शिकायत के बाद कार्रवाई
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राम मंदिर में तैनात एक महिला क्षेत्राधिकारी के कुछ अतिथि रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान अतिथियों के स्वागत और प्रसाद की व्यवस्था को लेकर बजरंग पाठक से विवाद हुआ।
इसके बाद शिकायत की गई। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने दोनों कर्मचारियों को नोटिस जारी किया। शिकायत के आधार पर उन्हें राम मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं से हटाकर तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया गया।
मंदिर परिसर में प्रवेश पर भी रोक
कार्रवाई के बाद दोनों कर्मचारियों को राम मंदिर की नियमित व्यवस्था से अलग कर दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार से दोनों की मंदिर परिसर में एंट्री भी रोक दी गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच का मामला लगातार सुर्खियों में है। एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी जा चुकी है और अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है।
चढ़ावा मामले के बाद लगातार बदल रही व्यवस्था
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट स्तर पर कई प्रशासनिक बदलाव हो चुके हैं। इससे पहले ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पद छोड़ने की खबरें सामने आई थीं। कई कर्मचारियों और सेवादारों को भी व्यवस्थाओं से अलग किया गया है।


