राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में नया मोड़! SIT की रडार पर ट्रस्ट के ये बड़े नाम, 200 से अधिक को नोटिस

Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी नई SIT ने जांच तेज कर दी है। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से दोबारा पूछताछ की तैयारी है, जबकि 200 से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ की जा रही है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 2 Aug 2026 5:21 PM IST
Ram Mandir Donation Theft Case | SIT Questions Trust Officials
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Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या (Ayodhya) के प्रसिद्ध राम मंदिर (Ram Mandir) में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश पर गठित नई एसआईटी (SIT) ने अपनी जांच तेज कर दी है। अब यह जांच सिर्फ गिरफ्तार किए गए आरोपियों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसकी आंच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के बड़े पदाधिकारियों तक भी पहुंच रही है।

बड़े नामों से फिर होगी पूछताछ

मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai), ट्रस्टी अनिल मिश्रा (Anil Mishra) और गोपाल राव (Gopal Rao) से दोबारा पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। पुलिस और जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि मंदिर में इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद दान पेटियों से पैसों का हेरफेर आखिर कैसे संभव हुआ।

200 से ज्यादा लोगों को भेजे गए नोटिस

एसआईटी ने इस मामले में सिर्फ आठ मुख्य आरोपियों पर ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि 200 से ज्यादा लोगों को भी नोटिस जारी किए हैं। इन सभी लोगों को अलग-अलग तारीखों पर बुलाकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।

CA और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स भी कर रहे हैं जांच

चूंकि मामला पैसों के लेन-देन से जुड़ा है, इसलिए जांच को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। एसआईटी में वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (Chartered Accountants) और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स (Forensic Experts) को शामिल किया गया है। यह टीम बैंक खातों की जानकारी, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और मंदिर के वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि चोरी का पैसा कहां भेजा गया या किन जगहों पर निवेश किया गया।

दान पेटियों की सुरक्षा व्यवस्था भी हुई और सख्त

जांच के साथ-साथ मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से ज्यादा मजबूत किया जा रहा है। अब सभी दान पेटियों को एक साथ खोलने के बजाय अलग-अलग दिनों में खोला जा रहा है। गिनती के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पूरे कमरे में 360 डिग्री घूमने वाले हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पेशेवर वीडियोग्राफरों की टीम दान पेटियां खोलने से लेकर पैसे गिनने तक की पूरी प्रक्रिया की हर सेकंड रिकॉर्डिंग कर रही है।

SIT का साफ संदेश- दोषियों को नहीं मिलेगी राहत

एसआईटी का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच एजेंसी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले की पूरी सच्चाई जनता के सामने आएगी।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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