'राष्ट्रपति होते शरद पवार...' सरेआम ये क्या बोल गए रामदास आठवले, NDA में आने की अटकले तेज

Ramdas Athawale on Sharad Pawar: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के शरद पवार को लेकर दिए गए बड़े बयान से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। आठवले ने खुलेआम कहा है कि NCP के संस्थापक और देश के सबसे मझे हुए राजनेता शरद पवार को भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले NDA में शामिल कराने की पुरजोर कोशिशें चल रही हैं।

Harsh Srivastava
Published on: 10 July 2026 3:28 PM IST
राष्ट्रपति होते शरद पवार... सरेआम ये क्या बोल गए रामदास आठवले, NDA में आने की अटकले तेज
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Ramdas Athawale on Sharad Pawar: देश की राजनीति में इस समय एक ऐसा महातूफान आ गया है जिसने सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के सभी खेमों में भारी खलबली मचा दी है। नरेंद्र मोदी सरकार के एक बेहद वरिष्ठ मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास आठवले ने महाराष्ट्र की सियासत को लेकर अब तक का सबसे सनसनीखेज और बड़ा दावा कर दिया है। आठवले ने खुलेआम कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक और देश के सबसे मझे हुए राजनेता शरद पवार को भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल कराने की पुरजोर कोशिशें चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पवार जल्द ही पाला बदलकर एनडीए के कुनबे में शामिल हो सकते हैं।

पवार बन जाते देश के राष्ट्रपति

न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एक ऐसा बड़ा खुलासा किया जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। आठवले ने कहा कि शरद पवार महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे सम्मानित और ताकतवर नेताओं में से एक हैं। हमने उन्हें एक बार नहीं, बल्कि कई बार एनडीए में शामिल होने के लिए खुला आमंत्रण दिया था। उन्होंने आगे कहा कि अगर शरद पवार साल 2014 के लोकसभा चुनाव के समय ही हमारी बात मानकर एनडीए का हिस्सा बन गए होते, तो आज वे भारत के राष्ट्रपति पद पर विराजमान हो चुके होते। उनके इस बयान ने 2026 के इस सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।

उद्धव ठाकरे हैं असली गद्दार

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और शरद पवार की हालिया मुलाकात पर मचे घमासान के बीच आठवले ने शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत को भी आड़े हाथों लिया। राउत द्वारा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को "गद्दार" कहे जाने वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिंदे को गद्दार कहना सरासर गलत और बेबुनियाद है। मेरी नजर में असली गद्दार संजय राउत और उद्धव ठाकरे खुद हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र की जनता के महाजनादेश के साथ सबसे बड़ा धोखा किया था। साल 2019 में उद्धव ठाकरे ने केवल कुर्सी के लालच में बीजेपी का साथ छोड़ा और कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर बेमेल सरकार बनाई थी, आज वे उसी का खामियाजा भुगत रहे हैं।

मुलाकात से अघाड़ी में तकरार

आपको बता दें कि पिछले दिनों मुंबई के विधान भवन परिसर में एक उच्चस्तरीय सरकारी बैठक में भाग लेने पहुंचे शरद पवार अचानक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के केबिन में चले गए थे। वहां दोनों दिग्गजों के बीच करीब 15 मिनट तक औपचारिक बातचीत हुई थी। इस एक मुलाकात के बाद से ही विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के दो बड़े घटक दल एनसीपी (शरद गुट) और शिवसेना (उद्धव गुट) के बीच भयंकर तलवारें खिंच गई हैं। दोनों ही सहयोगी पार्टियां इस घटनाक्रम को लेकर सरेआम एक-दूसरे के कपड़े फाड़ने और निशाना साधने में जुट गई हैं।

गद्दारों को बड़ा दिखाने की कोशिश

उद्धव गुट के सबसे प्रखर नेता संजय राउत ने इस मुलाकात पर अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए शरद पवार पर तीखा हमला बोला है। राउत ने कहा कि शिंदे के दफ्तर में जाकर पवार का बैठना शिवसेना के हर एक वफादार कार्यकर्ता के दिल को चोट पहुंचा गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी संदेहास्पद मुलाकातों से शरद पवार जैसे अंतरराष्ट्रीय कद के नेता की विश्वसनीयता आम जनता के बीच बेहद कम हो जाती है। राउत के मुताबिक, पवार का शिंदे के केबिन में जाना उन गद्दारों को समाज में महिमामंडित करने जैसा है जिन्होंने हमारी बनी-बनाई सरकार को लालच में आकर गिरा दिया था।

NCP का राउत पर पलटवार

संजय राउत के इस ओछे बयान पर शरद पवार की पार्टी के नेताओं ने भी बिना कोई वक्त गंवाए बेहद कड़े और तल्ख शब्दों में पलटवार किया है। एनसीपी प्रवक्ता अमोल मातेले ने राउत पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्हें पुरानी बातें याद दिलाईं। उन्होंने कहा कि जब शरद पवार की मुलाकात उद्धव ठाकरे या खुद राउत से होती थी, तब तो वे इसे 'राजनीतिक सूझबूझ' का नाम देते थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट करने पर वे इसे गद्दारी का तमगा दे रहे हैं। एनसीपी ने साफ कहा कि राजनीति भावनाओं से नहीं बल्कि गणित और विकास के मुद्दों से चलती है।

इतनी कमजोर है विपक्ष की नींव

शरद पवार गुट ने संजय राउत को आईना दिखाते हुए कहा कि अगर पवार और शिंदे के बीच हुई महज 15 मिनट की एक शिष्टाचार मुलाकात से पूरा विपक्षी गठबंधन 'महा विकास अघाड़ी' डगमगाने लगता है, तो इससे साफ पता चलता है कि इस गठबंधन की बुनियादी नींव कितनी खोखली और कमजोर है। अमोल मातेले ने कहा कि एकनाथ शिंदे इस समय राज्य के एक बेहद महत्वपूर्ण और संवैधानिक पद पर बैठे हैं। ऐसे में शरद पवार जैसे वरिष्ठ राजनेता से यह पूरी उम्मीद की जाती है कि वे महाराष्ट्र के गंभीर मुद्दों जैसे सीमा विवाद, भयंकर सूखा, आरक्षण और राज्य के विकास पर सीधे मुख्यमंत्री से चर्चा करें।

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Former Content Writer Mail ID - newstrack@gmail.comharshsri764@gmail.com

Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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