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BJP-AAP से कनेक्शन, राहुल को 4 चिट्ठियां…कौन हैं बृजेश गोयल, जिसने टेढ़ी की विपक्ष की रैली पर नजर?
Who Brijesh Goyal: रामलीला मैदान में 1 नवंबर की विपक्षी रैली से पहले सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को चौथी चिट्ठी लिखी। जानिए 2.5 लाख दुकानों और 10,000-12,000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर की चिंता और बृजेश गोयल की राजनीतिक पृष्ठभूमि।
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Who Brijesh Goyal: रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में 1 नवंबर को होने वाली विपक्ष की रैली से पहले चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल लगातार चर्चा में हैं। रैली को लेकर वह अब तक कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को चार चिट्ठियां लिख चुके हैं। इन पत्रों में उन्होंने रैली के कारण दिल्ली के व्यापारियों (Delhi Traders) को होने वाले संभावित नुकसान पर चिंता जताई है।
सीटीआई का कहना है कि रैली के कारण रामलीला मैदान के आसपास करीब 10 किलोमीटर के दायरे में लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद हो सकती हैं और परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। संगठन ने कांग्रेस से अपील की है कि रैली का ऐसा इंतजाम किया जाए, जिससे व्यापारियों की आजीविका और त्योहारी कारोबार पर असर न पड़े।
20 बाजारों में 80 फीसदी कारोबार प्रभावित होने का दावा
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, रैली के कारण दिल्ली के करीब 20 बाजारों में 80 फीसदी तक कारोबार प्रभावित हो सकता है। उनका कहना है कि दिवाली के सीजन में इन बाजारों में रोजाना करीब 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है और रैली के कारण इस कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है।
गोयल ने कांग्रेस से अपील की है कि रैली के आयोजन के दौरान व्यापारियों की आवाजाही और कारोबार को प्रभावित होने से बचाने के लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि व्यापारी रैली के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उनकी चिंता रैली के समय और स्थान को लेकर है।
सोनिया गांधी को भी दिए गए थे दो सुझाव
सीटीआई ने इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को भी पत्र लिखकर रैली के आयोजन को लेकर दो सुझाव दिए थे। संगठन की पहली मांग थी कि रैली को 10 या 11 नवंबर अथवा उसके बाद तक टाल दिया जाए। दूसरा सुझाव यह था कि रामलीला मैदान के बजाय रैली का आयोजन बुराड़ी मैदान (Burari Ground) में किया जाए।
सीटीआई ने दावा किया था कि बुराड़ी मैदान में करीब 15 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। संगठन का कहना था कि इससे मध्य दिल्ली और पुरानी दिल्ली के बाजारों में यातायात और कारोबार पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है।
बृजेश गोयल के मुताबिक, सीटीआई इससे पहले राहुल गांधी को तीन पत्र लिखकर रैली के समय में बदलाव पर विचार करने का अनुरोध कर चुका था। इसके बाद संगठन ने सोनिया गांधी से भी अपनी अपील रखी।
10 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान
सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सीटीआई ने कहा था कि प्रस्तावित रैली में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। संगठन के अनुसार, इतने बड़े जमावड़े का असर त्योहारों के व्यस्त समय में मध्य दिल्ली और पुरानी दिल्ली के थोक और खुदरा बाजारों (Wholesale and Retail Markets) पर पड़ सकता है।
सीटीआई चेयरमैन ने रैली के समय को लेकर खास तौर पर त्योहारों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि धनतेरस 6 नवंबर को और दिवाली 8 नवंबर को है। ऐसे में इस समय बाजारों में व्यापारियों के लिए कारोबार का सीजन बेहद अहम है।
कौन हैं बृजेश गोयल?
रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर लगातार पत्र लिख रहे बृजेश गोयल सीटीआई के चेयरमैन हैं और वर्तमान में दिल्ली सरकार की वित्तीय समिति (Financial Committee) के सदस्य भी हैं। उनके राजनीतिक संबंध आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों से रहे हैं।
बृजेश गोयल ने 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) में नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें करीब 1.5 लाख वोट मिले थे और वह चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे।
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की मीनाक्षी लेखी (Meenakshi Lekhi) ने जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस नेता अजय माकन (Ajay Maken) दूसरे स्थान पर रहे थे।
अब भाजपा से जुड़े होने का दावा
वर्तमान में बृजेश गोयल के भाजपा से जुड़े होने की बात सामने आती है। उनके सोशल मीडिया हैंडल पर भाजपा नेताओं के साथ कई तस्वीरें भी मौजूद हैं। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी (Srinivas B V) ने उन पर निशाना साधा।
श्रीनिवास बीवी ने एक्स (X) पर लिखा कि गोयल हमेशा आम आदमी पार्टी और भाजपा के समर्थक रहे हैं और उन्होंने राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर की ‘वोट चोरी’ के खिलाफ होने वाली रैली को टालने के लिए कहा है। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि रैली होकर रहेगी और ऐतिहासिक होगी।
इस तरह रैली से पहले सीटीआई की ओर से लगातार उठाई जा रही व्यापारियों की चिंता और बृजेश गोयल की राजनीतिक पृष्ठभूमि दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं। एक तरफ व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारी सीजन में बड़े आयोजन से बाजारों का कारोबार और आवाजाही प्रभावित हो सकती है, वहीं कांग्रेस की ओर से रैली के आयोजन को लेकर अपना रुख कायम रखा गया है।


