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'नौकरी दो या जवाब दो...' रांची में छात्रों ने फूंका CM सोरेन-राहुल का पुतला, JMM कार्यकर्ताओं से भयंकर भिड़ंत, पुलिस ने नेता को घसीटा
Ranchi Hemant Soren-Rahul Gandhi Effigy Burnt: रांची के अल्बर्ट एका चौक पर JPSC-JSSC भर्ती में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। CM हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला फूंकने को लेकर JMM कार्यकर्ताओं से भिड़ंत हुई, जिसके बाद पुलिस ने छात्र नेता कुणाल सिंह को हिरासत में लिया।
Ranchi Hemant Soren-Rahul Gandhi Effigy Burnt: झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में धांधली और भ्रष्टाचार का मुद्दा अब सड़कों पर जंग का रूप ले चुका है। राजधानी रांची का ऐतिहासिक अल्बर्ट एका चौक शुक्रवार को अचानक रणक्षेत्र में बदल गया। 'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' के झंडे तले एकत्र सैकड़ों आक्रोशित युवाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्र जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का पुतला फूंकने आगे बढ़े, तो मौके पर मौजूद सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं से उनका आमना-सामना हो गया।
पुलिस ने प्रमुख नेता को घसीटा
पुतला दहन के दौरान माहौल पलक झपकते ही बेकाबू हो गया। झामुमो कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीखी झड़प, धक्का-मुक्की और तू-तू-मैं-मैं शुरू हो गई। स्थिति को हाथ से निकलता देख रांची पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और लाठियां भांजते हुए बल प्रयोग किया। इस पूरी भगदड़ के बीच पुलिस ने छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मुख्य चेहरा कुणाल सिंह को बलपूर्वक मौके से हिरासत में ले लिया। अपने नेता की गिरफ्तारी के बाद छात्रों का गुस्सा दोगुना हो गया और पूरा इलाका 'नारेबाजी' से गूंज उठा।
'युवाओं के भविष्य के साथ हो रहा भयानक छल'
आंदोलन पर उतरे युवाओं का आरोप है कि राज्य सरकार ने 11वीं से 13वीं JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली को छिपाने के लिए बहाली रद्द करने का ढोंग रचा। अब उस फैसले पर भी हाईकोर्ट का स्टे आ चुका है, जिससे हज़ारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों का कहना है कि सरकार नौकरियां देने के बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन असलियत में वह युवाओं के सपनों को छलने और उनके करियर को बर्बाद करने का काम कर रही है।
हजारीबाग से गिरिडीह तक फैली बवाल की आग
रांची में हुई इस हिंसक झड़प की आंच केवल राजधानी तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्य के दूसरे हिस्सों में भी तेजी से फैल गई। हजारीबाग और गिरिडीह जिलों से भी छात्रों और झामुमो समर्थकों के बीच तीखी भिड़ंत की खबरें आई हैं। वहां भी जब छात्र मुख्यमंत्री का पुतला जलाने पहुंचे, तो सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इन घटनाओं ने पूरे प्रदेश के युवाओं में भारी आक्रोश भर दिया है।
सरकार को खुली चेतावनी: अब आर-पार की होगी जंग
अल्बर्ट एका चौक की घटना और प्रमुख छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के बाद पूरे झारखंड के युवाओं का सब्र का बांध पूरी तरह टूट चुका है। छात्रों ने साफ लफ़्ज़ों में चेतावनी दी है कि पुलिसिया दमन और गिरफ्तारियों से उनका आंदोलन दबने वाला नहीं है। यदि सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं की जायज मांगों पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह विरोध आने वाले दिनों में पूरे झारखंड को ठप करने वाला एक विशाल जन-आंदोलन रूप धारण कर लेगा।


