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विजयादशमी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: 'सत्य, न्याय और धर्म की होगी जीत'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजयादशमी (दशहरा) से पहले देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें 'अधर्म पर धर्म की विजय' और 'सत्य के मार्ग' पर चलने की प्रेरणा देता है।
Draupadi Murmu
Dussehra News: विजयादशमी, यानी दशहरा के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में, राष्ट्रपति मुर्मू ने इस उत्सव के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे सत्य, न्याय और धर्म की शाश्वत जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति की गहनता और हमारे राष्ट्रीय मूल्यों की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस समय पूरे देश में नवरात्रि का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। विजयादशमी इसी श्रृंखला का समापन है, जो हमें बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव मनाने और अपने जीवन में सकारात्मकता का समावेश करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया, "अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व हमें निष्ठा और ईमानदारी के साथ सत्य और न्याय के मार्ग पर अविचलित रूप से चलने की प्रेरणा देता है।"
सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि देश के विभिन्न हिस्सों में विजयादशमी को अलग-अलग रूप और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। जहाँ उत्तर भारत में यह पर्व भगवान राम की रावण पर विजय की याद दिलाते हुए रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ मनाया जाता है, वहीं पूर्वी और दक्षिणी भारत में यह उत्सव मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का वध कर स्थापित की गई शांति और शक्ति के प्रतीक के रूप में दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा, "ये विभिन्न उत्सव हमारी सांस्कृतिक विविधता को सशक्त रूप से दर्शाते हैं और हमारी राष्ट्रीय एकता के बंधन को और मजबूत बनाते हैं। यह पर्व हमें देश और समाज के हित में एकजुट होकर काम करने के लिए भी प्रेरित करता है।"
न्याय, समानता और सद्भाव का आह्वान
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश के अंत में यह कामना व्यक्त की कि विजयादशमी का यह पवित्र अवसर देशवासियों को एक ऐसे आदर्श समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करे, जहाँ न्याय, समानता और सद्भाव के मूल्य हमेशा सर्वोपरि रहें। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अवसर पर प्रेम, करुणा और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा, "हमें मिलकर एक ऐसा मजबूत राष्ट्र बनाना है, जहाँ देश का हर नागरिक सम्मान और सुरक्षा के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सके।"


