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बाड़मेर में बड़ा बवाल! मजदूर आंदोलन के बीच विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर डाला पेट्रोल
Ravindra Singh Bhati ने बाड़मेर के गिरल लिग्नाइट माइंस मजदूर आंदोलन के दौरान खुद पर पेट्रोल डालकर विरोध जताया। मजदूर रोजगार, 8 घंटे ड्यूटी और स्थानीय युवाओं को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।
Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर जिले में गिरल लिग्नाइट माइंस को लेकर चल रहा मजदूर आंदोलन अब और तेज हो गया है। पिछले 39 दिनों से मजदूर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में मजदूर कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब शिव विधायक Ravindra Singh Bhati ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया। समय रहते हस्तक्षेप होने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और विधायक को तुरंत कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर ले जाया गया।
मजदूरों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं विधायक
गिरल लिग्नाइट माइंस में रोजगार और कामकाज से जुड़े मुद्दों को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड ने कई साल पहले इलाके की जमीन अधिग्रहित की थी और स्थानीय लोगों को रोजगार देने का भरोसा दिया था। मजदूरों और स्थानीय युवाओं का आरोप है कि कंपनी ने अपने वादे पूरे नहीं किए। कई लोगों को नौकरी नहीं मिली और कुछ कर्मचारियों को काम से हटाए जाने की भी शिकायत है। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
“मजदूरों को क्यों परेशान किया जा रहा है”
आंदोलन के दौरान विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार और प्रशासन पर मजदूरों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है और उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर कार्रवाई करनी है तो उनके खिलाफ की जाए, मजदूरों को परेशान न किया जाए। उनके इस बयान के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद लोगों में भी गुस्सा देखने को मिला।
9 अप्रैल से जारी है आंदोलन
यह आंदोलन 9 अप्रैल से लगातार जारी है। मजदूर और स्थानीय लोग धरने पर बैठकर अपनी मांगों को सरकार और कंपनी तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी कई दिनों से मजदूरों के साथ धरने में शामिल हो रहे हैं। मंगलवार को आंदोलनकारी मजदूर बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इससे पहले भी कई बार प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
क्या हैं मजदूरों की मांगें
आंदोलन कर रहे मजदूरों की मुख्य मांग है कि काम के घंटे तय किए जाएं और 8 घंटे की ड्यूटी लागू की जाए। इसके अलावा स्थानीय युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता देने और कंपनी द्वारा किए गए रोजगार संबंधी वादों को पूरा करने की मांग की जा रही है। फिलहाल मजदूरों का आंदोलन जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


