WFH Latest News: Reliance और TATA समूह में WFH पर मंथन शुरू! PM मोदी की अपील के बाद हलचल तेज

WFH Latest News: PM मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद Reliance और Tata Group में WFH को लेकर मंथन तेज हो गया है। क्या भारत में फिर लौटेगा Work From Home मॉडल? जानिए ऊर्जा संकट के बीच कॉरपोरेट जगत की बड़ी तैयारी।

Harsh Srivastava
Published on: 12 May 2026 12:22 PM IST
Image Source: AI
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WFH Latest News: ईरान में पिछले ढाई महीनों से जारी भीषण युद्ध के कारण दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है, और अब इसकी आंच भारत की अर्थव्यवस्था तक भी पहुंचने लगी है। ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और आपूर्ति में बाधा को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक खास अपील की है। रविवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने पेट्रोल और डीजल की बचत करने के लिए कॉरपोरेट जगत से 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) मॉडल को दोबारा अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोरोना काल में हमने घर से काम करके देश की रफ्तार को थामे रखा था, ठीक वैसे ही अब ऊर्जा संकट से निपटने के लिए इस मॉडल पर लौटने की जरूरत है। पीएम की इस सात-सूत्रीय अपील का असर अब देश के बड़े व्यापारिक घरानों में साफ दिखने लगा है।

Reliance और TATA समूह में हलचल

प्रधानमंत्री की अपील के तुरंत बाद देश की सबसे बड़ी कंपनियों, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा समूह ने अपनी कार्यनीति पर विचार-मंथन शुरू कर दिया है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज, जो वर्तमान में हाइब्रिड मॉडल (कुछ दिन ऑफिस, कुछ दिन घर) पर काम कर रही है, अब पूरी तरह से वर्क फ्रॉम होम की संभावनाओं को तलाश रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि पीएम मोदी की ऊर्जा बचत की अपील को ध्यान में रखते हुए वे अपनी नीतियों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। दूसरी ओर, टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों में भी उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं। हालांकि टाटा ने अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कामकाज को प्रभावित किए बिना पेट्रोल-डीजल की बचत कैसे की जाए, इस पर ठोस योजना तैयार की जा रही है।

IT सेक्टर के लिए राह आसान, लेकिन बुनियादी ढांचे के सामने चुनौती

आईटी सेक्टर की कई कंपनियों में तो पहले से ही वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल चल रहा है, इसलिए उनके लिए पीएम की अपील पर अमल करना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक बड़ी पहेली है। उदाहरण के तौर पर, लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) जैसी कंपनियों के ज्यादातर कर्मचारी ऑनसाइट यानी जमीन पर रहकर काम करते हैं। ऐसे में उन्हें पूरी तरह घर से काम करने की सुविधा देना असंभव है। फिर भी, ऐसी कंपनियां अब अपने कर्मचारियों को यात्रा कम करने और डिजिटल मीटिंग्स को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं ताकि ईंधन की खपत को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।

कंपनियों को बदलने होंगे अपने फैसले

अगर वर्क फ्रॉम होम का मॉडल फिर से पूरी ताकत के साथ लागू होता है, तो कई दिग्गज कंपनियों को अपने हालिया फैसलों पर यू-टर्न लेना होगा। पिछले एक-दो सालों में जब स्थिति सामान्य हुई थी, तो टाटा और विप्रो जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों को वापस ऑफिस बुलाने के लिए सख्त नियम बनाए थे और वर्क फ्रॉम ऑफिस को जमकर प्रोत्साहित किया था। अब युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट ने कंपनियों को मजबूर कर दिया है कि वे अपनी फाइलों से कोरोना काल वाली नीतियों को बाहर निकालें। यह बदलाव न केवल पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि कर्मचारियों की जेब पर पड़ने वाले बोझ को भी कम करेगा।

ऊर्जा बचत के साथ-साथ अन्य अपीलें भी महत्वपूर्ण

प्रधानमंत्री ने सिर्फ वर्क फ्रॉम होम की ही बात नहीं की, बल्कि उन्होंने सोने की खरीद कम करने और डिजिटल लेन-देन बढ़ाने जैसी कई अन्य अपीलें भी की हैं। दरअसल, युद्ध की स्थिति में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापार घाटा प्रभावित न हो, इसके लिए यह रणनीतिक कदम उठाया गया है। जानकारों का कहना है कि अगर देश की आधी वर्कफोर्स भी घर से काम करना शुरू कर देती है, तो परिवहन में इस्तेमाल होने वाले तेल की खपत में भारी कमी आएगी। फिलहाल, कॉरपोरेट जगत इस मंथन में जुटा है कि बिना उत्पादकता घटाए इस 'बचत मॉडल' को कैसे जमीनी हकीकत बनाया जाए। आने वाले कुछ दिनों में देश की कई नामी कंपनियां आधिकारिक तौर पर अपने कर्मचारियों के लिए नए वर्क-फ्रॉम-होम दिशा-निर्देश जारी कर सकती हैं।

Harsh Srivastava

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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