HYDRAA को लेकर रेवंत रेड्डी के बयान पर बवाल, भाजपा और BRS ने साधा निशाना

Revanth Reddy News: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के HYDRAA को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भाजपा और BRS ने बयान की आलोचना करते हुए जवाब और माफी की मांग की है। जानिए पूरा मामला।

Harsh Sharma
Published on: 7 Jun 2026 5:24 PM IST
HYDRAA को लेकर रेवंत रेड्डी के बयान पर बवाल, भाजपा और BRS ने साधा निशाना
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Revanth Reddy News: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का एक बयान इन दिनों राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी यानी HYDRAA के नाम को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। भाजपा और बीआरएस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री की आलोचना की है।

बेंगलुरु के कार्यक्रम में की टिप्पणी

एक कार्यक्रम के दौरान बेंगलुरु में बातचीत करते हुए रेवंत रेड्डी ने HYDRAA के नाम और उसकी सोच के बारे में अपनी राय रखी। उनके बयान के बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस पर बहस शुरू हो गई। मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने इसे विवादित बताया।

इतिहास से जुड़े दावों पर उठे सवाल

रेवंत रेड्डी के बयान के बाद इतिहास से जुड़े विशेषज्ञों ने भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि बयान में जिन ऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र किया गया, उनके समर्थन में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इतिहासकारों का मानना है कि किसी भी ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते समय तथ्यों की सटीकता जरूरी होती है। इसी वजह से मुख्यमंत्री के बयान पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

भाजपा ने किया विरोध

भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस और राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के बयान से गलत संदेश जाता है और ऐसे संवेदनशील विषयों पर सावधानी बरतनी चाहिए। भाजपा ने आरोप लगाया कि यह बयान राजनीतिक रूप से भी उचित नहीं है। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री को अपने शब्दों के चयन में अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

शहजाद पूनावाला की प्रतिक्रिया

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और इसे गंभीर मामला बताया।

किशन रेड्डी ने मांगा जवाब

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी मुख्यमंत्री के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को सोच-समझकर बयान देना चाहिए क्योंकि उनके शब्दों का व्यापक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देने और जनता के सामने स्थिति साफ करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि विवादित बयानों से बचना चाहिए।

राजनीति में तेज हुई बहस

इस पूरे मामले के बाद तेलंगाना की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहा है, जबकि सत्ताधारी दल अपने नेता के पक्ष में खड़ा दिखाई दे रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक चर्चा में रह सकता है और राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

आगे की स्थिति पर नजर

फिलहाल सभी की नजर मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस विवाद को किस तरह संभालती है और विपक्ष इस मुद्दे को आगे कैसे उठाता है। फिलहाल HYDRAA को लेकर दिया गया बयान तेलंगाना की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है।

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Harsh Sharma

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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