राष्ट्रपति के ADC रहते शादी क्यों नहीं कर पाए Rishabh Singh Sambyal? बोले- यही सबसे बड़ा बलिदान

Rishabh Singh Sambyal ने Raj Shamani Podcast में बताया कि राष्ट्रपति के ADC के रूप में सेवा के दौरान शादी क्यों नहीं कर पाए। जानिए ADC की नौकरी और उनके निजी जिंदगी के बलिदान की पूरी कहानी।

Alakha Singh
Published on: 14 Sept 2026 10:30 AM IST
राष्ट्रपति के ADC रहते शादी क्यों नहीं कर पाए Rishabh Singh Sambyal? बोले- यही सबसे बड़ा बलिदान
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Rishabh Singh Sambyal President ADC: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व Aide-de-Camp (ADC) और रिटायर्ड मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सेना में करीब 12 साल सेवा देने वाले सांब्याल ने बताया कि राष्ट्रपति के ADC के रूप में उनकी जिम्मेदारियों का उनकी निजी जिंदगी पर भी गहरा असर पड़ा। यहां तक कि उन्हें शादी को भी टालना पड़ा।

राज शमानी के पॉडकास्ट में 10 सितंबर को प्रसारित एपिसोड में सांब्याल ने राष्ट्रपति के साथ अपने अनुभव, ADC की जिम्मेदारियों और इस भूमिका के दौरान किए गए निजी त्याग के बारे में बात की।

'ADC के लिए शादी नहीं कर सकते'

सांब्याल ने अपनी शादी न होने की वजह बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति के ADC के लिए एक प्रावधान है, जिसके तहत वे इस पद पर रहते हुए शादी नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा, “मैं शादीशुदा नहीं हूं। राष्ट्रपति के ADC के लिए एक क्लॉज है कि वे शादी नहीं कर सकते। मुझे परिवार से दूर रहना पड़ता है और मुझे लगता है कि यही सबसे बड़ा बलिदान है।”

सांब्याल के मुताबिक राष्ट्रपति के ADC की जिंदगी सामान्य नहीं होती। इस भूमिका में रहते हुए निजी जिंदगी और सामान्य सामाजिक गतिविधियों के लिए बहुत कम जगह बचती है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ सेवा करते हुए वह सामान्य व्यक्ति की तरह बाहर जाकर जिंदगी का आनंद नहीं ले सकते थे। उनके अनुसार, यही उस जिम्मेदारी की कीमत थी जो उन्होंने चुकाई।

अकेलापन महसूस होता था?

जब उनसे पूछा गया कि क्या इस दौरान उन्हें अकेलापन महसूस होता था, तो सांब्याल ने कहा कि कभी-कभी ऐसा जरूर होता था, लेकिन उन्होंने अकेलेपन को सकारात्मक तरीके से इस्तेमाल करना सीखा।

उन्होंने बताया कि अकेले रहने का समय उन्हें खुद को समझने और अपने विचारों का मूल्यांकन करने का मौका देता था। वह रोजाना कम से कम एक घंटे ऐसा समय चाहते हैं, जब उनके आसपास कोई न हो।

सांब्याल के मुताबिक, उस समय में वह कुछ भी कर सकते हैं या सिर्फ चुपचाप बैठ सकते हैं, लेकिन उन्हें वह निजी स्पेस जरूरी लगता है।

सांब्याल ने नहीं सोचा था कि बनेंगे राष्ट्रपति के ADC

ऋषभ सिंह सांब्याल ने यह भी बताया कि उन्होंने कभी ADC बनने की योजना नहीं बनाई थी। यहां तक कि उन्हें यह भी नहीं पता था कि सेना में ऐसा कोई पद होता है।

उन्होंने बताया कि एक सैन्य अभ्यास के दौरान उनके CO ने उन्हें बताया कि वह ADC पद के लिए शॉर्टलिस्ट हुए हैं और पूछा कि वह क्या करना चाहते हैं। शुरुआत में सांब्याल ने इस पद को लेकर उत्साह नहीं दिखाया।

बाद में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और दूसरे लोगों से सलाह ली। उन्हें बताया गया कि यह उनके लिए एक शानदार सीखने का अनुभव हो सकता है। इसके बाद उन्होंने इस भूमिका के लिए हामी भर दी।

हालांकि, उनके CO ने साफ कर दिया था कि यह कोई ऐसा अवसर नहीं है जिसे केवल 'ट्राई' किया जा सके। उन्हें पूरी प्रतिबद्धता के साथ जाना होगा और अगर वह असफल रहे तो उनके लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।

राष्ट्रपति के ADC के रूप में सांब्याल की भूमिका और उनकी निजी जिंदगी को लेकर यह खुलासा अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

राष्ट्रपति के ADC कितने होते हैं?

राष्ट्रपति के ADC की टीम में 5 सक्रिय अधिकारी होते हैं—थल सेना से 3, नौसेना से 1 और वायुसेना से 1। इसके अलावा एक Honorary ADC भी होता है। यह पद बेहद प्रतिष्ठित होने के साथ-साथ उच्च स्तर की जिम्मेदारी और अनुशासन वाला माना जाता है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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