जमीन घोटाले से TMC फंड तक कैसे पहुंची 7 करोड़ की रकम? CID की जांच में अभिषेक बनर्जी के नाम से हड़कंप!

Salboni Land Scam: साल्बोनी जमीन घोटाले की जांच में CID ने कोर्ट को बताया कि 2018 से 2021 के बीच TMC यूथ कांग्रेस के खाते में करीब 7 करोड़ रुपये जमा हुए। जांच में अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय का नाम सामने आया है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 20 Sept 2026 8:09 AM IST
Salboni Land Scam | CID Claims Rs 7 Crore in TMC Youth Congress Account | Abhishek Banerjee Link
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Image Source- Social Media

Salboni Land Scam: पश्चिम बंगाल के साल्बोनी जमीन घोटाले (Salboni Land Scam) की जांच में अब तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) का नाम भी सामने आया है। पश्चिम बंगाल सीआईडी (West Bengal CID) ने अदालत में दावा किया है कि जमीन घोटाले से जुड़े पैसों में से करीब सात करोड़ रुपये तृणमूल कांग्रेस और उसकी यूथ कांग्रेस इकाई के खाते में जमा किए गए थे।

सीआईडी का दावा है कि यह रकम अभिषेक बनर्जी के कहने पर पार्टी फंड में जमा कराई गई थी। एजेंसी के मुताबिक, यह जानकारी अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय (Sumit Roy) ने पूछताछ के दौरान दी है। हालांकि, यह सुमित का कथित बयान और सीआईडी का दावा है, जिसकी जांच एजेंसी आगे कर रही है।

पहले ही गिरफ्तार हो चुका है सुमित रॉय

इस मामले में सुमित रॉय को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके साथ तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुजय हाजरा (Sujoy Hazra) और कई अन्य लोगों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।

सुमित को शनिवार को मिदनापुर कोर्ट (Midnapore Court) में पेश किया गया। इसी सुनवाई के दौरान सीआईडी ने जमीन घोटाले से जुड़े पैसों और तृणमूल के बैंक खाते में जमा रकम को लेकर अपनी जांच का हवाला दिया। सीआईडी की चार्जशीट में भी सुमित रॉय का नाम शामिल है और एजेंसी ने उसके जरिए हुए कथित वित्तीय लेन-देन की जांच की है।

सरकारी जमीन फर्जी कागजों से बेची गई

साल्बोनी जमीन घोटाले (Salboni Land Fraud) में सरकारी जमीन को कथित तौर पर फर्जी कागजात (Fake Documents) के जरिए बेचने का आरोप है। सीआईडी इस मामले में जमीन के कागजात, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

जांच के दौरान एजेंसी को एक ऐसे बैंक खाते की जानकारी मिली, जिसमें बड़ी रकम जमा की गई थी। इसी खाते से जुड़े लेन-देन को लेकर अब सुमित रॉय से पूछताछ की जा रही है।

2018 से 2021 के बीच जमा हुए करीब 7 करोड़

इस महीने की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुजय हाजरा के खिलाफ दाखिल चार्जशीट (Chargesheet) में सीआईडी ने एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public Sector Bank) के खाते का जिक्र किया था।

एजेंसी ने कोर्ट को बताया था कि सुमित रॉय ने साल 2018 से 2021 के बीच किस्तों में इस खाते में करीब सात करोड़ रुपये जमा किए थे। सीआईडी ने चार्जशीट के साथ इससे जुड़े जरूरी दस्तावेज भी कोर्ट में जमा किए थे।

जांच में पता चला कि कोलकाता की हरीश मुखर्जी रोड शाखा में मौजूद यह बैंक खाता पश्चिम बंगाल तृणमूल यूथ कांग्रेस (West Bengal Trinamool Youth Congress) के नाम पर रजिस्टर्ड था। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सुमित रॉय ने इस खाते में इतनी बड़ी रकम क्यों जमा की।

सुमित ने बताया किसके कहने पर जमा किए पैसे

शनिवार को कोर्ट में इस बारे में पूछताछ के दौरान सुमित रॉय ने दावा किया कि उसने यह पैसा सांसद अभिषेक बनर्जी के कहने पर पार्टी फंड (Party Fund) में जमा किया था।

सीआईडी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सुमित ने बताया कि सांसद के ट्रेजरर टी. घोष (T. Ghosh) नाम के एक व्यक्ति ने उसे तृणमूल कांग्रेस के पार्टी फंड में जमा करने के लिए पैसे दिए थे। सुमित ने दावा किया कि इसके बाद उसने वह रकम बैंक में जमा कर दी।

सुमित ने यह भी दावा किया कि उसे जमीन घोटाले से कोई पैसा नहीं मिला। यानी उसके मुताबिक, उसने जो रकम बैंक खाते में जमा की, वह उसे पार्टी फंड में जमा करने के लिए दी गई थी।

अभिषेक के PA के बयान से बढ़े सवाल

सीआईडी का कहना है कि साल्बोनी में जमीन से जुड़ा यह कथित फ्रॉड (Land Fraud) 2018 से 2021 के बीच हुआ था। इसी अवधि में सुमित रॉय की तरफ से तृणमूल यूथ कांग्रेस के खाते में करीब सात करोड़ रुपये जमा किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

एजेंसी अब इन दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि बैंक खाते में जमा की गई रकम का स्रोत क्या था और वह पैसा आखिर कहां से आया था।

सीआईडी की चार्जशीट में अभिषेक बनर्जी के बॉडीगार्ड (Bodyguard) और सुजय हाजरा के ड्राइवर (Driver) के बयान का भी हवाला दिया गया है। एजेंसी के मुताबिक, इन गवाहों ने सुजय हाजरा और सुमित रॉय के बीच पैसों के लेन-देन को देखा था।

सुमित का अपना ऑफिस नहीं था

सीआईडी अधिकारियों का दावा है कि सुमित रॉय का अपना कोई अलग ऑफिस नहीं था। वह अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में ही रहता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, सुमित ने अपने बयान में करीब सात करोड़ रुपये के लेन-देन के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, इस बयान की पुष्टि जांच के दूसरे साक्ष्यों से होना अभी बाकी है।

सीआईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सात करोड़ रुपये की रकम का वास्तविक स्रोत क्या था और जमीन से जुड़े कथित लेन-देन से इसका कोई संबंध था या नहीं।

क्या अभिषेक बनर्जी से होगी पूछताछ?

अब जांच में अगला बड़ा सवाल यह है कि क्या सीआईडी अभिषेक बनर्जी से भी पूछताछ करेगी। तो सीआईडी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर सुमित रॉय का बयान जांच में सही साबित होता है तो पैसों के स्रोत का पता लगाने के लिए अभिषेक बनर्जी से भी पूछताछ की जा सकती है।

यानी फिलहाल जांच का फोकस सिर्फ जमीन की खरीद-बिक्री या फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है। एजेंसी पैसों की पूरी कड़ी यानी मनी ट्रेल (Money Trail) का पता लगाने में जुटी है।

साल्बोनी जमीन मामले में पहले ही सुमित रॉय और पूर्व विधायक सुजय हाजरा समेत कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। अब सुमित के कथित बयान और पार्टी खाते में जमा करीब सात करोड़ रुपये की जानकारी ने जांच को एक नया मोड़ दे दिया है।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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