TRENDING TAGS :
संजय निषाद ने BJP से कर दी बड़ी डिमांड! भाजपा की 40 साल से हारी सीटों पर ठोकी दावेदारी, 2027 का क्या है प्लान?
Sanjay Nishad-BJP Seat Sharing: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले संजय निषाद ने BJP के सामने बड़ी सीटों की मांग रखी है। जानिए 40 साल से हारी सीटों, निषाद-बिंद वोट और विनोद तावड़े से मुलाकात का पूरा सियासी गणित।
Sanjay Nishad-BJP Seat Sharing: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल बेहद तेज हो गई है। गठबंधन की सियासत के माहिर खिलाड़ी और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अब भाजपा के सामने एक बड़ा राजनीतिक पासा फेंका है। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद इस बार भारतीय जनता पार्टी से वे सीटें मांग रहे हैं, जिन पर भाजपा को पिछले चुनावों में कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। संजय निषाद का कहना है कि जो सीटें भाजपा बीते 40 सालों से नहीं जीत पाई है, वे सीटें सहयोगी दलों को दे दी जाएं। उनका दावा है कि निषाद पार्टी इन सीटों पर जीत दर्ज कर एनडीए गठबंधन को और अधिक मजबूत करने का काम करेगी।
क्या है संजय निषाद के दावे का असली सियासी गणित
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर डॉ. संजय निषाद उन सीटों को जीतने का दावा किस आधार पर कर रहे हैं, जिन्हें भाजपा चार दशकों से नहीं जीत सकी है? इस सियासी समीकरण को समझाते हुए संजय निषाद कहते हैं कि ऐसी हारी हुई सीटों पर मछुआ, निषाद और बिंद समाज के मतदाताओं की बहुत बड़ी संख्या मौजूद है। अगर ये सीटें उनकी पार्टी के पाले में आती हैं, तो मछुआ समाज के वोटों के एकजुट होने से जीत पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगी। अपनी मांग को लेकर संजय निषाद ने स्वाभिमानी अंदाज में कहा कि वे भगवान गुह्यराज निषाद के वंशज हैं और किसी के सामने कुछ मांगते नहीं हैं, बल्कि वे जीत दिलाकर देने वाले लोग हैं। निषाद पार्टी का लक्ष्य निषाद और बिंद बहुल क्षेत्रों की हारी हुई सीटों पर चुनाव लड़कर एनडीए के जनाधार को बढ़ाना है।
BJP के UP प्रभारी विनोद तावड़े से हुई मुलाकात के मायने
जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, एनडीए के सहयोगी दल अपनी हिस्सेदारी और सीटों की मांग को लेकर खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में 18 सितंबर को गोरखपुर में डॉ. संजय निषाद ने भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े से एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान संजय निषाद ने सीटों के गणित के साथ-साथ मछुआ समाज के लिए 'निषाद आरक्षण' का अहम मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। तावड़े के साथ हुई इस चर्चा के बाद से ही यूपी के सियासी गलियारों में कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है कि भाजपा अपने सहयोगी को साधने के लिए क्या रुख अपनाती है।
प्रयागराज की पावन धरती से निषाद पार्टी का चुनावी शंखनाद
उत्तर प्रदेश के चुनावी रण में उतरने के लिए निषाद पार्टी ने अपनी पूरी बिसात बिछा ली है। डॉ. संजय निषाद ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने उत्तर प्रदेश को 10 अलग-अलग प्रांतों में विभाजित किया है। हर प्रांत के अंतर्गत 10-10 लोकसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जहां विशाल जनसभाएं और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निषाद पार्टी रविवार से प्रयागराज की ऐतिहासिक एवं पावन धरती से अपने आधिकारिक चुनावी अभियान का शंखनाद करने जा रही है। तेलियरगंज स्थित नॉर्दर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के मैदान में एक विशाल चुनावी जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसे डॉ. संजय निषाद स्वयं संबोधित करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं में चुनावी जीत का नया जोश भरेंगे।


