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'किंगफिशर के मालिक देशभक्त...', विजय माल्या को 'भगोड़ा' कहने से क्यों नाराज हुए संजय राउत?
Sanjay Raut Defends Mallya: शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने अपनी नई किताब ‘बोध कीर्तन’ में विजय माल्या का बचाव किया है। उन्होंने माल्या को कई नेताओं से ज्यादा देशभक्त बताया और पीएम मोदी के कुछ भाषणों की भी तारीफ की।
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Sanjay Raut Defends Mallya: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने उद्योगपति विजय माल्या (Vijay Mallya) के बचाव में अपनी नई किताब में कई बातें लिखी हैं। संजय राउत का कहना है कि विजय माल्या का किसी को धोखा देने का कोई इरादा नहीं था। उनके मुताबिक, कारोबार फेल होने के बाद ऐसी परिस्थितियां बनीं कि माल्या को भारत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
संजय राउत ने अपनी नई किताब ‘बोध कीर्तन’ (Bodh Kirtan) में विजय माल्या को लेकर अपने विचार रखे हैं। यह किताब जल्द ही उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे (Raj Thackeray) की मौजूदगी में रिलीज होने वाली है। किताब में संजय राउत ने विजय माल्या के व्यक्तित्व और उनके साथ अपने संबंधों को लेकर भी कई बातें लिखी हैं।
‘माल्या को काफी करीब से जानता हूं’
संजय राउत ने किताब में लिखा है कि वह विजय माल्या को काफी करीब से जानते हैं। उन्होंने माल्या को खुशमिजाज और उदार व्यक्ति बताया है। संजय राउत के मुताबिक, माल्या कई नेताओं से कहीं ज्यादा देशभक्त हैं।
संजय राउत का कहना है कि विजय माल्या की आलीशान जीवनशैली की वजह से लोगों के बीच उनके बारे में कई गलतफहमियां पैदा हुईं। उन्होंने माल्या की सार्वजनिक छवि और उनके वास्तविक व्यक्तित्व के बीच अंतर की ओर भी इशारा किया है।
‘भगोड़ा’ कहे जाने पर उठाया सवाल
विजय माल्या को भगोड़ा कहे जाने को लेकर भी संजय राउत ने सवाल उठाए हैं। अपनी किताब में उन्होंने लिखा है कि जब किंगफिशर एयरलाइंस (Kingfisher Airlines) का कारोबार ठप हो गया और विजय माल्या कर्ज नहीं चुका पाए, तब बैंकों को उनका साथ देना चाहिए था।
संजय राउत का तर्क है कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की सरकार ने कई उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए हैं। उनके मुताबिक, विजय माल्या को कर्ज माफी की जरूरत नहीं थी, बल्कि उन्हें राहत की जरूरत थी।
विजय माल्या से जुड़े मामले में यह भी दर्ज है कि किंगफिशर एयरलाइंस के बकाया बैंक लोन से जुड़े मामलों के बीच वह मार्च 2016 में भारत छोड़कर चले गए थे। इसके बाद साल 2019 में मुंबई की एक अदालत ने उन्हें आर्थिक भगोड़ा घोषित किया था।
पीएम मोदी के भाषणों की भी तारीफ
संजय राउत की किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी एक अलग तरह का उल्लेख मिलता है। ‘दीपस्तंभ’ (Deepstambh) नाम के अध्याय में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक और गैर-राजनीतिक भाषणों के बीच अंतर बताया है।
संजय राउत ने किताब में प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक भाषणों को नीरस और बिना किसी ठोस बात वाला बताया है, लेकिन उनके गैर-राजनीतिक भाषणों को सुनने और पढ़ने लायक माना है।
अयोध्या के दीपोत्सव का किया जिक्र
संजय राउत ने साल 2022 में अयोध्या (Ayodhya) में दीपोत्सव (Deepotsav) के दौरान भगवान राम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए भाषण का भी जिक्र किया है। उन्होंने उस भाषण को शब्दों में पिरोया गया रोशनी का एक भावुक उत्सव बताया है।
किताब में संजय राउत का कहना है कि भगवान राम के आदर्श हर भारतीय के लिए एक मार्गदर्शक की तरह होने चाहिए। इस तरह ‘बोध कीर्तन’ में एक तरफ संजय राउत ने विजय माल्या को लेकर अपनी राय सामने रखी है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ भाषणों और खास तौर पर अयोध्या के दीपोत्सव वाले भाषण की भी तारीफ की है।


